जीका वायरस से गर्भ पर पड़ने वाले असर का पता चला

Updated at: May 30, 2016
जीका वायरस से गर्भ पर पड़ने वाले असर का पता चला

शोधकर्ताओं के एक दल अनुसार, घातक जीका वायरस गर्भनाल की प्रतिरक्षा कोशिकाओं को बगैर नष्ट किए उन्हें संक्रमित कर अपनी संख्या बढ़ाता है, आइए इस हेल्‍थ न्‍यूज के माध्‍यम से जानें कैसे।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: May 30, 2016

तेजी से पांव पसारता जीका वायरस गर्भवती महिलाओं से उनके नवजात बच्‍चों को हो रहा है। लेकिन भारतीय मूल के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में शोधकर्ताओं के एक दल ने पाया कि घातक जीका वायरस गर्भनाल की प्रतिरक्षा कोशिकाओं को बगैर नष्ट किए उन्हें संक्रमित कर अपनी संख्या बढ़ाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस संबंध में बहुत कम पता चला है कि वायरस गर्भानाल में कैसे अपनी संख्या में इजाफा करता है और कौन-सी कोशिका को लक्षित करता है।

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शोध के निष्‍कर्ष

शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि वायरस हॉफबर कोशिका को संक्रमित करता है, जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के सृजन से बनती हैं। यह शोध ‘सेल होस्ट एंड माइक्रोब’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।


शोधार्थियों के अनुसार, ये कोशिकाएं अन्य प्रतिरोधी कोशिकाओं की तुलना में अधिक सहनशील और कम भड़काऊ मानी जाती हैं। हालांकि शोध के दौरान इन कोशिकाओं ने एंटी-वायरल और भड़काऊ प्रतिक्रिया दी थी। जिससे अंदाजा लगाया गया है कि जीका वायरस ने इन्हें संक्रमित किया होगा।

Image Source : Getty

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