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आपके किचन का कपड़ा बना सकता आपके बच्चों को गंभीर रूप से बीमार, जानें कैसे रखें हानिकारक बैक्टीरिया को दूर

विविध By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 12, 2019
आपके किचन का कपड़ा बना सकता आपके बच्चों को गंभीर रूप से बीमार, जानें कैसे रखें हानिकारक बैक्टीरिया को दूर

बैक्टीरिया गर्म और नम वातावरण से अधिक आकर्षित होते हैं, यही वजह है कि रसोई घर में सबसे ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं। किचन में इस्तेमाल होने वाले तौलिए भी सबसे ज्यादा बीमारी के घर होते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि आपका 'किचन-टॉवल' आपके लिए कितना खतर

क्या आपने कभी अपने किचन में इस्तेमान हो रहे कपड़ों के बारे में सोचा है। अगर नहीं सोचा है, तो सोचिए क्योंकि आपके किचन में इस्तेमाल होने वाले कपड़े कई बीमारियों के घर हो सकते हैं। दरअसल जिन कपड़ो को आप अपने रसोई में बरतन पोंछने, स्लैब साफ करने और हांथ पोंधने जैसे कामों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें कई खतरनाक बेक्टीरिया होते हैं। भले ही आप इन्हें बार- बार साफ करके इस्तेमाल कर रहे हों, तब भी इसमें कई छिपे हुए खतरनाक जीवाणु हो सकते हैं। यही वजह है कि आपको अपने किचन में इस्तेमाल हो रहे कपड़ों को लेकर सावधान हो जाना चाहिए। इनमें पल रहे बेक्टीरिया आपके घर में फूड-पॉइजनिंग और डायरिया जैसी बीमारियों को फैलाने का कारण हो सकते हैं।

दरअसल एक नए अध्ययन से पता चला है कि आपके डिश टॉवेल या किचन में इस्तेमाल हो रहे कपड़े बैक्टीरिया युक्त होते हैं, जो संभावित रूप से फूड पॉइज़निंग और अन्य खाद्य जनित बीमारियों का कारण बनते हैं। इसी विषय को लेकर मॉरीशस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बिना धुलाई के एक महीने तक यूज हुए किचन टॉवल की स्टडी की। उन्होंने पाया कि लगभग सभी कपड़ो में ई-कोलाई बैक्टीरिया का विकास हो गया था। इसके बाद इन ई-कोलाई बैक्टीरिया का भी अध्ययन किया गया, जिसमें पाया कि ऐसे कपडों को धोने के बाद भी यह बैक्टीरिया पूरी तरह नहीं जाते। 

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शोध में क्या क्या पता चला?

  1. शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि किचन-टॉवेल पर बैक्टीरिया के प्रकार और उनकी संख्या भी परिवार के आकार यानी की बच्चों की उपस्थिति, परिवार की सामाजिक आर्थिक स्थिति, आहार के प्रकार, और उपयोग के अनुसार ही थी। उदाहरण के लिए एस- ऑरियस बैक्टीरिया,जो आमतौर पर त्वचा, नाक और गले पर पाया जाने वाला एक जीवाणु है, उन परिवारों के तौलियों पर अधिक थे, जिनके घर में बच्चे अधिक थे और वे सामाजिक आर्थिक स्थिति से कमजोर थे।
  2. मांस खाने वाले या नॉन-वेजिटेरियन परिवार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तौलिए पर कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के सदस्य ई-कोलाई बेक्टीरिया ज्यादा थे। अध्ययन के अनुसार, ई- कोलाई आमतौर पर मानव मल में पाया जाता है, जो कि कीचन में अच्छे से साफ-सफाई न रहने और सिंक आदि से फैलते हैं।
  3. अध्ययन से यह भी पता चला कि उन तौलिये पर और भी बैक्टीरिया होते हैं, जिनका उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जाता था - जैसे बर्तन पोंछना, हाथ सुखाना, और सतहों को पोंछना। इसके अलावा, सूखे तौलिए के विपरीत गीले या नम तौलिए पर बैक्टीरिया का विकास जल्दी होता है।

स्वास्थ्य के लिए है नुकसानदायक

आपके किचन में इस्तेमाल हो रहे कपड़ो में पाए जाने वाले अधिकांश बैक्टीरिया आपके स्वास्थय के लिए हानिकारक है। जैसे ई- कोलाई और एस ऑरियस बेक्टीरिया से फूड पॉइज़निंग, मतली, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार हो सकता है। यह आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। यह जीवाणु आपके पेट और ब्रेन में भी खाने के द्वारा पहुंच सकते हैं। इससे आपके शरीर में गंभीर प्रकार के इंफेकशन फैल सकता है। आंत और लीवर से जुड़ी परेशानी भी हो सकता है।

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उपाय-

  • अपने किचन में इस्तेमाल हो रहे तौलिये को हमेशा साफ और सूखा रखें।  
  • एक तौलिए को किसी एक काम या किसी एक व्यक्ति के लिए ही रखें। कभी भी तौलिये को साझा न करें, क्योंकि इससे हाथों और सतहों पर कीटाणु फैल  जाते हैं।
  • हाथ धोने, अलमारियाँ और रेफ्रिजरेटर दरवाजे के हैंडल को रोज एक ही तौलिए से पोंछिए और उसे अलग से धोइए।
  • विशेष रूप से कच्चे मांस, अंडे और डेयरी के साथ खाना पकाने के बाद तौलिए को गर्म पानी में कुछ देर भीगो कर अच्छे धोइए और दोबारा तेज धूप में सूखाकर ही इस्तेमाल करिए। 
  • बच्चों या बुजुर्ग सदस्यों वाले बड़े परिवारों को घर की स्वच्छता के लिए सबसे अधिक चौकस होना चाहिए, क्योंकि वहां बीमारी फैलने की अधिक संभावना होती है। इसलिए यहां सबका तौलिया अलग रखें। 
  •  हालांकि, आपकी रसोई को पूरी तरह से रोगाणु-मुक्त रखना असंभव है, फिर भी अपने तौलिए को नियमित रूप से धोने और हर माह बदलने की कोशिश करें 

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