Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

कमरदर्द से बचना है तो ऐसी हो आपकी दिनचर्या

कमरदर्द से बचना है तो ऐसी हो आपकी दिनचर्या
Quick Bites
  • भागदौड़ भरी जिंदगी होती है कमरदर्द का मुख्य कारण।
  • उठनेबैठने का तरीका, ऊंची एड़ी की सैंडिल भी जिम्मेदार।
  • डिस्क के घिस जाने से रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है असर।
  • शरीर के वजन को नियंत्रित रखें, नियमित व्यायाम करें।

आज की व्यस्त और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कमर दर्द आम समस्या है। ऑफिस में देर तक बैठकर काम, शारीरिक श्रम कम करना, कोई चोट या सर्जरी के बाद स्ट्रेच, कमर दर्द की वजह जो भी हो लेकिन इसकी तकलीफ हमें बिस्तर से उठने नहीं देती। जहां कुछ लोगों को यह दर्द कभी-कभी सताता है वहीं कुछ लोग स्थायी रूप से इससे पीडि़त रहते हैं। आखिर क्यों होता है कमर दर्द?

क्या है कमर दर्द

कमर दर्द की मुख्य वजह अनियमित दिनचर्या है। अचानक झुकने, वजन उठाने, झटका लगने, गलत तरीके से उठने बैठने और सोने, व्यायाम न करने और पेट बढ़ने से भी कमर दर्द हो सकता है। बच्चों के भारी-भारी बस्ते, महिलाओं में ऊंची एड़ी की सैंडिल पहनने और ऊबड़-खाबड़ रास्तों में ड्राइविंग से रीढ़ की डिस्क प्रभावित हो सकती है जिससे स्थायी दर्द रह सकता है। भारत में 10-15 फीसदी लोग किसी न किसी रूप में कमर दर्द झेल रहे हैं। 30 से 50 साल के लोग इसके सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। कुछ विशिष्ट बीमारियों से भी कमर दर्द शुरू हो सकता है :

  •     कमर की हड्डियों में जन्मजात विकृति-रीढ़ की हड्डी में विकृति या संक्रमण
  •     पैरों में कोई खराबी।
  •     बैठने का तरीका भी है जिम्मेदार है।


कमर दर्द की दो स्थितियां गंभीर मानी जा सकती हैं-स्लिप डिस्क और साइटिका। स्लिप डिस्क बीमारी नहीं है। उठने-बैठने या भारी सामान खिसकाने से पैदा हुई यह तकलीफ गंभीर रूप भी धारण कर सकती है।

क्या है डिस्क

रीढ़ की हड्डी में हर दो वर्टिब्रा यानी कुंडों जैसी हड्डियों में डिस्क होती है जो झटका सहने (शाक एब्जार्बर) का काम करती है। डिस्क के घिस जाने से इनमें सूजन आ जाती है और यह उभरकर बाहर निकल आती है। इससे रीढ़ की हड्डी से पैरों तक जाने वाली नसों पर  दबाव पड़ता है। परिणामस्वरूप कमर के निचले हिस्से में भयंकर दर्द होता है।


आसान हैं बचाव

 

  •     नियमित रूप से पैदल चलें। यह सर्वोत्तम व्यायाम है।
  •     अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें।
  •     शारीरिक श्रम से जी न चुराएं। श्रम से मांसपेशियां पुष्ट होती हैं।
  •     एक सी मुद्रा में न तो देर तक बैठे। न खड़े रहें।
  •     किसी भी सामान को उठाने या रखने में जल्दबाजी न करें।
  •     भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेलकर रखें।
  •     ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल के बजाय फ्लैट फुटवियर पहनें।
  •     सीढि़यां चढ़ते-उतरते समय सावधानी बरतें।
  •     हमेशा घुटने मोड़ कर बैठें।
  •     शरीर का वजन नियंत्रित रखें। मोटापा भी पीठ दर्द का कारण है।
  •     अत्यधिक मुलायम और सख्त गद्दे पर न सोएं। पेट के बल नहीं बल्कि चित्त सोएं।
  •     दाएं या बाएं देखने के लिए पूरा घूमें।

 

 

इन सब तरीको को अपना कर आप भी कमर दर्द से कुछ निजात पा सकते है। अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को नियमित रूप से शामिल करें।

 

Image Source-Getty

Read More Article on Office Health in Hindi.

 

 

Written by
Aditi Singh
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 20, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK