शरीर ही नहीं दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, आपकी रोज की ये 7 आदतें

Updated at: Jul 18, 2020
शरीर ही नहीं दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, आपकी रोज की ये 7 आदतें

क्‍या आप जानते हैं कि आपकी खाने से लेकर सोने तक की कुछ खराब आदतें केवल आपके शरीर ही नहीं, आपके दिमाग पर भी बुरा असर डालती हैं। 

Rashmi Upadhyay
तन मनWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Jul 18, 2020

हमें अपने तन के साथ मन का भी ख्‍याल रखना चाहिए। हमारा शरीर और दिमाग भी एक दूसरे से जुड़े हैं। यही वजह है कि हमारी शारीरिक गतिविधियों का हमारे शरीर पर भी बुरा असर पड़ने के साथ-साथ हमारे दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है। मस्तिष्क हमारे सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है और जब यह क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो यह आपको गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। मस्तिष्‍क या दिमाग को हानि पहुंचने पर विचार, स्मृति, संवेदना आदि पर असर पड़ सकता है। इसलिए आपको अपने शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाने के लिए अपनी रोजमर्रा की कुछ आदतों में सुधार करना चाहिए। क्‍योंकि आपकी कुछ ऐसी आदतें हैं, जो आपके मस्तिष्‍क पर हानिकारक प्रभाव डाल सकती हैं। 

1. नाश्‍ता छोड़ना

कई बार काम की देरी, तो कई पर वजन घटाने के जुनून की वजह से आप अपना नाश्‍ता छोड़ देते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं, कि नाश्‍ता हमारे सबसे महत्‍वपूर्ण मील में से एक है। बहुत कम लोग इस तथ्य से अवगत होंगे कि नाश्‍ता न करने से आपकी सेहत पर शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभाव होता है। नाश्ता छोड़ने से आपकी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसा इसलिए होता है कि हर सुबह आपके शरीर और मस्तिष्‍क को आवश्‍यक पोषक तत्‍वों की कमी होती है और नाश्‍ता छोड़ने से वह जरूरत पूरी नहीं हो पाती है। 

Skip Breakfast

इसके अलावा, मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत भाग पानी है। तेजी से सोचने और बेहतर ध्यान केंद्रित करने के लिए मस्तिष्क को पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप हर समय हाइड्रेटेड रहें। खूब पानी पिएं, क्‍योंकि यह आपके शरीर और मस्तिष्क दोनों के बेहतर कार्य करने के लिए जरूरी है। 

इसे भी पढ़ें: पुरूषों में डिप्रेशन के संकेतों को नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक, इन लक्षणों के दिखते ही करें रोगी की मदद

2. चीनी का अधिक सेवन 

बहुत अधिक चीनी या चीनीयुक्‍त खाद्य पदार्थों का सेवन आपको मुसीबत में डाल सकता है। यह न केवल वजन बढ़ने और डायबिटीज जैसी समस्‍याओं के जोखिम को बढ़ता है, बल्कि आपके दिमाग पर भी बुरा असर डालता है। चीनी का अत्यधिक सेवन हमारे शरीर के प्रोटीन और पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को परेशान करता है। इससे कुपोषण की  स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो मस्तिष्क के विकास को रोकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर में खून में पर्याप्त पोषक तत्वों की कमी होती है, जो बदले में, मस्तिष्‍क के विकास को रोकता है। अधिक शुगरी फूड्स का सेवन याददाश्त और सोचने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। 

3. देर से सोना

हमेशा कहा जाता है कि देर से सोना आपको न केवल आपकी स्‍लीप साइकिल में गड़बड़ी पैदा करता है, बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य में गड़बड़ी के लिए भी जिम्‍मेदार है। देर से सोने की खराब आदत आपको दिल संबंधी बीमारियों के जोखिम में डालने के साथ-साथ आपके मस्तिष्‍क पर भी बुरा प्रभाव डालती है। 

Sleep Late

4. इलेक्‍ट्रॉनिक गैजेट्स देखते हुए भोजन करना

आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे, जो टीवी देखते हुए या अपने कंप्यूटर या फिर मोबाइल को चलाते हुए खाना खाते हैं। यह आपकी बहुत खराब आदत है, एक तो इससे आप ओवरईटिंग कर सकते हैं और दूसरी ओर आप अपनी आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खाते समय टीवी या मोबाइल जैस इलेक्‍ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी हानिकार है। 

इसे भी पढ़ें: पर्सनालिटी डिसऑर्डर के लक्षण क्या हैं? जानें कैसे ये मनोरोग रोगी के साथ रहने वालों के लिए भी है खतरनाक

5. सुबह देर से उठना या फिर ज्‍यादा सोना 

अध्‍ययन बताते हैं, एक स्‍वस्‍थ जीवन जीने के लिए कम नींद और ज्‍यादा नींद लेना दोनों खतरनाक हैं। यह आदत आपको कई बीमारियों के जोखिम में डाल सकती है। सोने या नींद का एक आदर्श समय 7-8 घंटे है।  अधिक नींद खासकर सुबह के समय देर से उठना आपके शरीर के साथ-साथ मस्तिष्‍क के लिए भी हानिकारक है। इसके अलावा, अधिक सोने से मोटापा, सिरदर्द, कमर दर्द और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। 

6. सोते समय मुंह को ढक कर सोना, टोपी / दुपट्टा या मोजे पहनना

कुछ लोग अक्‍सर मुंह को ढककर सोते हैं। इसके अलावा कुछ सर्दियों के मौसमें में गर्म और आरामदायक महसूस करने के लिए टोपी या मौजे पहनकर सोते हैं, लेकिन आपके सिर या पैरों को कवर करके सोने से कार्बन डाइऑक्साइड की खपत बढ़ सकती है और ऑक्सीजन की खपत कम हो सकती है। जिससे कि आपके मस्तिष्क पर असर पड़ता है, क्‍योंकि मस्तिष्‍क के समुचित कार्य के लिए ऑक्सीजन बहुत आवश्यक है। ऑक्‍सीजन का पर्याप्त मात्रा में न होना आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

Sleping

7. पेशाब रोकने के आदत 

ऐसा माना जाता है कि नियमित रूप से पेशाब करने की इच्छा को अनदेखा करना या लंबे समय तक पेशाब रोकना आपके सेहत के लिए नुकसानदेहक हो सकता है। पेशाब रोकने से पेल्विक ऐंठन हो सकती है। कुछ मामलों में, बहुत लंबे समय तक पेशाब रोकने से यूटीआई की समस्‍या हो सकता है। पेशाब रोकने वालों में गुर्दे की पथरी बन सकती है, इसके अलावा यह आपकी सेहत को अन्‍य कई तरीके से प्रभावित कर सकता है। 

Read More Article On Mind And Body In hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK