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    कंप्यूटर का ज्यादा प्रयोग आंखों के लिए नुकसानदेह

    आंखों के विकार By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 08, 2014
    कंप्यूटर का ज्यादा प्रयोग आंखों के लिए नुकसानदेह

    क्‍या आप कंप्‍यूटर पर पूरा दिन काम करते हैं? अगर हां तो सावधान हो जाये क्‍योंकि बहुत अधिक समय कंप्‍यूटर स्‍क्रीन पर बिताना आपकी आंखों के आंसू द्रव को ड्राई आई सिंड्रोम में बदल सकता है।

    दिन की शुरूआत और अंत कंप्‍यूटर मॉ‍निटर पर करना आधुनिक कार्यकाल का एक हिस्सा बन गया है। लेकिन यह आपकी आंखों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा नहीं है, खासकर तब जब आपको ड्राई आई की समस्‍या हो।  

    एक नए अध्‍ययन के परिणामों के अनुसार, लंबे समय तक कंप्‍यूटर स्‍क्रीन को देखना, आपकी आंखों के तरल द्रव्य को सुखा सकता है। हमारी ऊपरी पलक की कोशिकाएं को एमयूसी5एसी प्रोटीन कहते हैं, जो सामान्‍य रूप से म्‍यूकस परत का हिस्‍सा होता है। यह परत हमारी आंखों को नम रखती है। अध्‍ययन में शामिल प्रतिभागी जो बहुत अधिक समय कंप्यूटर पर बिताते हैं उनमें एमयूसी5एसी का स्‍तर कम और आंखों में सूखापन ज्‍यादा पाया गया।

    dry eye problem in hindi

    एक नए अध्‍ययन के अनुसार

    यूनिवर्सिटी इन टोक्‍यो के स्कूल ऑफ मेडिसीन के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर युइची उचिनो कीयो के अनुसार, मरीजों की आंखों में दबाव को समझने के लिए, जो शुष्क नेत्र रोग के प्रमुख लक्षणों में से एक है, सबसे महत्‍वपूर्ण है कि नेत्र चिकित्सक एमयूसी5एसी की एकाग्रता पर ध्‍यान दें।

    जब हम की स्क्रीन को लगातार देखते हैं, तो किताब पढ़ने की तुलना में हमारी आंखें कम बार झपकती है, यह रायटर्स स्‍वास्‍थ्‍य ने ईमेल के द्वारा बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि अन्‍य कार्यों के तुलना में स्‍क्रीन पर ज्‍यादा टकटकी लगाते समय लोग अपनी पलकें व्‍यापक रूप से खोलते है। इस अतिरिक्त आंखों के खोलने और आंखों को कम झपकाना आंसू वाष्पीकरण की रफ्तार बढ़ा देता है। इस तरह से यह आदत ड्राई आई डिजीज का कारण बन सकती है।      

    पिछले अनुसंधान के अनुसार, अमेरिका और जापान में लाखों लोगों को ड्राई आई रोग का सामना करना पड़ा और रिपोर्ट के अनुसार, इसके लक्षण कंप्यूटर काम के साथ जुड़े पाये गए। अध्ययन के दौरान 96 जापानी कार्यालय के कर्मचारियों (जिनमें 2/3 पुरुष थे) की दोनों आंखों में आंसू के लिए परीक्षण किया गया। शोधकर्ताओं ने अपने आंसू के कुल प्रोटीन सामग्री में एमयूसी5एसी की राशि मापी।

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    अध्ययन के परिणाम

    इन प्रतिभागियों में से, कंप्यूटर स्क्रीन से जुड़े काम करने वाले लोगों को उनके काम के घंटे और आंख की समस्या के लक्षणों के बारे में प्रश्नावली भरने को कहा गया। ड्राई आई की समस्या लगभग सात प्रतिशत पुरुषों और 14 प्रतिशत महिलाओं में पाया गया।

    इन लोगों ने परीक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, आंखों में जलन या धुंधली दृष्टि जैसे लक्षणों के बारे में बताया। इसके साथ ही इनके आंसू की झिल्‍लियों गुणवत्ता या मात्रा खराब पायी गई। एमयूसी5एसी की औसत राशि सिर्फ आठ घंटे एक दिन से अधिक काम करने के लिए स्क्रीन पर देखा, जो लोगों में हर आंख में प्रोटीन की मिलीग्राम प्रति लगभग 6.8 नैनोग्राम थी।

    हालांकि, सात से अधिक घंटे के लिए कंप्यूटर स्क्रीन के साथ काम करने वाले लोगों में एमयूसी5एसी 5.9 एनजी/मिलीग्राम था जबकि प्रति दिन स्क्रीन के साथ नियमित रूप से कम से कम पांच घंटे करने वाले लोगों की में 5.9 एनजी/मिलीग्राम था।

    निश्चित शुष्क नेत्र रोग के साथ लोगों एमयूसी5एसी की 3.5 एनजी/मिलीग्राम का औसत था जबकि इस बीमारी के बिना लोगों में एमयूसी5एसी 8.2 एनजी/मिलीग्राम था।

    आंखों में तनाव के लक्षणों के साथ लोगों में अन्‍य लोगों की तुलना में प्रोटीन की कम एकाग्रता पाई जाती है। एक्‍हिनो के अनुसार, कम उत्‍पादक लोगो को कम उत्‍पादक बनाता है और उदास होने की संभावना अधिक होती है।


    ड्राई आंखों के विकास रोकने के उपाय

    कंप्‍यूटर पर काम करने वाले लोगों को किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से साल में कम से कम दो बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए, चाहे आंखों की कोई समस्या हो या न हो। कंप्यूटर पर काम करते वक्त आंखों की पलकों को झपकाते रहना चाहिए। पलकों को झपकाने से आंख की पुतली के ऊपर आंसू फैलते हैं, जिससे आंखें सूखेपन से बची रहती है, आंखों में नमी बनी रहती है। हर आधा घंटे बाद एक-दो मिनट के लिए नजर स्क्रीन में हटा लें एवं हर एक घंटे के बाद आंखों को पांच से दस मिनट के लिए आराम दें। कंप्यूटर पर एंटीरिफ्लेक्टिव कोटिंग एवं एंटीरिफ्लेक्टिव चश्मा इस्तेमाल करें।

     

    Image Courtesy : Getty Images

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    Disclaimer

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