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    पीठ दर्द के लिए योगासन

    दर्द का प्रबंधन By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 23, 2011
    पीठ दर्द के लिए योगासन

    अपर बैक पेन’ अधिकतर ‘स्लम्प’ होने की प्रवर्ति की वज़ह से कन्धों के चारों ओर होता है! रीढ़ की हड्डी के गिरने से कंधे की हड्डी स्पाइन से सरक जाती है, जिससे उनके आसपास स्थित मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

    upper back painअपर बैक पेन’ अधिकतर ‘स्लम्प’ होने की प्रवर्ति की वज़ह से कन्धों के चारों ओर होता है! रीढ़ की हड्डी के गिरने से कंधे की हड्डी स्पाइन से सरक जाती है, जिससे उनके आसपास स्थित मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

    कमजोर मांसपेशियां सख्त होकर कठोर बैन्ड जैसी बन जाती हैं, जिससे वे इस मोच से खुद का बचाव कर सकें। यह एक कुदरती तरीका है। जैसे ही मांसपेशियां बुरी तरह से थक जाती हैं, तब ये तंतुमय (फाइब्रस) और कमजोर मांसपेशियां ऐंठने लगती हैं, जिससे कि कंधे के सिरे और गर्दन की ओर बेहद तेज दर्द का अहसास होता है और यह दर्द लंबे समय तक दृढ़ बना रहता है।

     

    ‘अपर बैक पेन’ को छूमंतर करने के लिए आसन

    यहां आपको कुछ ऐसे आसन बताए जा रहे हैं, जिनसे आप गंभीर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं –


    स्टेंडिंग स्ट्रेच

    विधि

    • अपने पैरों को समानांतर रखते हुए दीवार के बगल में खड़े हो जाएँ !
    • अपने कंधे के जितनी ऊँचाई तक अपने एक हाथ की उँगलियों को दीवार पर रखें ! ध्यान रखे अपनी भुजा को पूर्ण रूप से फैलाएं !
    • अपने दूसरे हाथ को आपके हिप के एक तरफ रखें !
    • अब अपनी उँगलियों को इस प्रकार हिलाएँ कि आप अपनी उँगलियों से एक प्याले का आकार बना लें !
    • अब इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ़ आपकी उँगलियों के पोर ही दीवार को छुएं !
    • अपनी भुजा को बाहर की दिशा की ओर हल्का घुमाएँ, जिससे कि आपका अंगूठा छत की ओर संकेत करे !
    • अपने कन्धे को आपके हाथ की सीध पर रखें और सांस लेते हुए ‘कोलर बोन’ को पीछे की ओर घुमाते हुए चेस्ट को उपर उठाएं !
    • अब कमर से ट्विस्ट करते हुए आपके शरीर के ऊपरी भाग को घुमाइए, अपने हाथों और उँगलियों को इस तरह तानिए, जैसे कि दीवार आपसे दूर जा रही है ! 

     

    लाभ


    इस स्ट्रेच से हाथ, कन्धों और चेस्ट में होनेवाले तनाव (टाईटनेस) के गहरे स्तर को घटाया जा सकता है !

     

    स्ट्रेचिंग और ओपनिंग

     

    विधि

    • स्ट्रेच को सही ढंग से करने के लिए अपने पीछे कोहनियों को मोड़े और अपनी उँगलियों को इस तरह मिलाएं, आपकी हथेलियाँ अलग अलग हो जाएँ !
    • अब अपनी कोहनियों को मुडी हुई स्थिति में रखते हुए कन्धों को ऊपर उठाइए, अपने कन्धों को पीछे की ओर खींचे, इस बात का ध्यान रखें कि आपकी कोहनियाँ एक दूसरे की ओर रहें और आपकी ऊपरी भुजाएं एक दूसरे के समानांतर हों।

    ये तरकीबेें आपको कमर दर्द की तकलीफ से राहत दिला सकती हैं। इसके साथ ही आपको चाहिए कि क्रियाशील जीवनशैली अपनायें और एक्टिव रहें। अपने आहार पर‍ नियंत्रण रखें और वजन को अधिक न बढ़ने दें।

     

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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