World Population Day 2020: हर साल 2 करोड़ तक बढ़ रही भारत की आबादी, जानें हमारे बीच उपलब्ध गर्भ-निरोध के उपाय

Updated at: Jul 11, 2020
World Population Day 2020: हर साल 2 करोड़ तक बढ़ रही  भारत की आबादी, जानें हमारे बीच उपलब्ध गर्भ-निरोध के उपाय

भारत की बढ़ती जनसंख्या न सिर्फ चिंता का विषय है बल्कि इसकी रोकथाम करना भी बहुत ज्यादा जरूरी है। जानिए गर्भ-निरोध के कुछ उपाय। 

Jitendra Gupta
विविधWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 11, 2020

चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, जहां जनसंख्या तो ज्यादा है ही और आबादी भी लगातार तेजी से बढ़ रही है। अगर आंकड़ों की मानें तो जनसंख्या में  मात्र एक प्रतिशत बढ़ोत्तरी का मतलब है हर साल 1 करोड़ लोगों का जनसंख्या में जुड़ना लेकिन वास्तव में हर साल 2 करोड़ लोग भारत की आबादी में बढ़ जाते हैं। 11 जुलाई यानी की विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) पर सभी देश आबादी पर नियंत्रण लगाने के लिए कसम खाते हैं लेकिन बढ़ती जनसंख्या कहीं न कहीं विश्व के लिए एक बढ़ती चिंता साबित हो रही है। जनसंख्या दिवस के इस मौके पर हम आपको प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण के कुछ उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी आज जरूरत है। इस बात को सभी जानते हैं कि जन्म दर मुख्य रूप से तेजी से जनसंख्या वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। इसलिए जन्म दर को कम करने वाले उपायों को अपनाया जाना चाहिए। इस लेख में हम आपको जनसंख्या के कुछ तरीकों के बता रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आप आसानी से ब्रथ कंट्रोल कर सकते हैं।

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1-हार्मोनल तरीका

खाई जाने वााली गर्भनिरोधक गोलियां

गर्भनिरोधक गोलियों को सबसे प्रभावी माना जाता है। इन गोलियों में दो हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन होते हैं, जिन्हें चक्रीय आधार पर लेने की आवश्यकता होती है। आपको तीन सप्ताह तक ये गोली लेनी होती है और इसे फिर से शुरू करने से पहले एक सप्ताह तक इंतजार करना होता है। बेहतर परिणामों के लिए आप मासिक चक्र के पहले या दूसरे दिन से गोली लेना शुरू कर सकती हैं।

हालांकि कुछ गोलियां ऐसी भी होती हैं, जिन्हें 24 दिन या फिर 28 दिन तक लेने की आवश्यकता होती है। आपको इन गोलियों को शुरू करने से पहले किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श और इस बारे में चर्चा करने की आवश्यकता होती है क्योंकि बाजारों में इनकी डोज अलग-अलग तरह की होती है और कॉम्बिनेशन उपलब्ध होता है। आपकी उम्र, स्वास्थ्य समस्याएं और पारिवारिक इतिहास या फिर  आपके द्वारा ली जा रही कोई अन्य दवा के आधार पर स्त्री रोग विशेषज्ञ आपके लिए सबसे उपयुक्त गोली बताएंगी।

बर्थ कंट्रोल करने वाली गोलियां ओव्यूलेशन को रोकती हैं और यही कारण है कि डॉक्टर से सलाह के बाद ली जानी वाली ये दवाएं लगभग 99.99 प्रतिशत तक प्रभावी होती हैं। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इन गोलियों के सेवन में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। 

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली

कुछ दंपति असुरक्षित यौन क्रियाओं का शिकार हो जाते हैं, जिनके लिए इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियां (जिन्हें आमतौर पर आई-पिल कहा जाता है) लेने की सलाह दी जाती है। संबंध बनाने के 72 घंटों के भीतर इसे लेने की आवश्यकता होती है। इसमें एक हार्मोन की बहुत अधिक  डोज शामिल होती है। 

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2. नॉन-हार्मोनल तरीका

बैरियर मैथड

पुरुषों के लिए कंडोम गर्भनिरोधक के रूप में एक अच्छा तरीका है, जो गर्भावस्था को रोकने के अलावा आपको यौन संचारित रोगों से भी बचाता है। महिला कंडोम भी एक गर्भ निरोधक है लेकिन सर्वाइकल कैप आसानी से उपलब्ध नहीं है और न ही इसे आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

कंडोम के अलावा कॉपर-टी या मल्टी-लोड जैसे अंतर्गर्भाशयी डिवाइस भी गर्भनिरोधक के रूप में काम करते हैं लेकिन इन्हें प्रयोग करने पर महिलाओं को दर्द होता है और इसके कारण उन्हें पैल्विक संक्रमण और मासिक धर्म में अधिक स्त्राव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि दो बच्चों के बीच समय के अंतराल को बढ़ाने के लिए अच्छी है।

फर्टाइल अवधि और विदड्रॉल जैसी स्थितियों से बचने के प्राकृतिक तरीके हाई फेलियर रेट से जुड़े हुए हैं। शुक्राणुनाशक जेली और वजाइनल टैब का भी इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स के फायदे और नुकसान

बर्थ कंट्रोल करने का सबसे प्रभावी तरीका गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन है लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं जैसे हल्का-फुल्का वजन बढ़ जाना, मुंहासे, मिजाज में बदलाव, बहुत हल्का या भारी मासिक चक्र, मतली, पेट में ऐंठन आदि। इसके अलावा, इन्हें मासिक चक्र के पहले दो दिनों के भीतर शुरू करने की आवश्यकता होती है और इसे रोजाना उसी समय पर लेना चाहिए। लेकिन अगर आप किसी कारणवश गोली लेना भूल जाती हैं तो इनकी काम करने की शक्ति कम हो जाती है। इसलिए मासिक चक्र के शेष दिनों में कंडोम का उपयोग करने की आवश्यकता होती है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स को लेकर कुछ जरूरी चिंताएं हैं जैसे पहले बच्चे से पहले लंबे  समय तक गोलियां नहीं लेनी चाहिए क्योंकि यह स्तन कैंसर की संभावना को थोड़ा बढ़ा सकती हैं।

ओवुलेशन पीरियड को लौटने में समय लग सकता है।

मिरगी या टीबी की दवाएं और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी कुछ दवाएं गर्भनिरोधक गोलियों को कम प्रभावी बनाती हैं।

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गर्भनिरोधक गोलियों के फायदे 

• गर्भनिरोधक के रूप में ये गोलियां बहुत प्रभावी होती हैं अगर सही समय पर लिया जाए तो। 

• मासिक धर्म नियमित हो जाता है।

• यह एक आसानी से प्रतिवर्ती गर्भनिरोधक है

• मासिक चक्र के दौरान खून की कमी और दर्द को कम करने में मदद करती हैं।

कंडोम

• आपको हर बार संबंध बनाते समय कंडोम का उपयोग करना होगा। अगर कंडोम किसी कारण फट जाता है तो आप इमरजेंसी पिल्स का प्रयोग कर सकते हैं। 

• कंडोम का लाभ यह है कि इसके कम से कम साइड-इफेक्ट हैं और यह एक सस्ता विकल्प भी है। कंडोम यौन संचारित रोगों को रोकने में भी मदद करता है।

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