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हृदय रोग और डायबिटीज का कारण बनती है मुंह की गंदगी, जानें 10 जरूरी बातें

अन्य़ बीमारियां By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 19, 2019
हृदय रोग और डायबिटीज का कारण बनती है मुंह की गंदगी, जानें 10 जरूरी बातें

विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस (World Oral Health Day) दुनिया भर में 20 मार्च को सेलीब्रेट किया जाता है। इस मौके पर लोगों को मुख स्‍वस्‍थ्‍य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए तरह-तरह के प्रोग्राम आयोजित किए जात

विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस (World Oral Health Day) दुनिया भर में 20 मार्च को सेलीब्रेट किया जाता है। इस मौके पर लोगों को मुख स्‍वस्‍थ्‍य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए तरह-तरह के प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं, जिससे दांतों, मसूड़ों, जीभ, थ्रोट समेत पूरे मुख संबंधी होने वाले रोगों से लोगों को बचाया जा सके।

हमारे पूरे शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए दांत और मुख का स्‍वस्‍थ रहना जरूरी है। खराब मुख स्‍वास्‍थ्‍य दांतों में कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकती है, जो हमारे हृदय को प्रभावित करने के साथ कैंसर और डायबिटीज होने की संभावना बढ़ती है। 

स्वस्थ दांत और मसूड़ों को बनाए रखना एक आजीवन प्रतिबद्धता है। इसके लिए पहले आप उचित मुख स्वच्छता की आदतों को सीखते है- जैसे कि ब्रश करना, फ्लॉस करना और अपने चीनी सेवन को सीमित करना आदि बातें दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य मुद्दों से बचने के लिए जरूरी है। 

worldoralhealthday 

दंत और मुख स्वास्थ्य के बारे में महत्‍वपूर्ण तथ्य

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार, दांतों की कैविटी और मसूड़ों के रोग बहुत ही आम हैं, इससे जुड़े कुछ फैक्‍ट्स हैं जो निम्‍नलिखित हैं: 

  • 60 से 90 प्रतिशत स्‍कूल जाने वाले बच्‍चों में एक बार जरूर डेंटल कैविटी होती है। 
  • करीब 100 फीसदी वयस्‍कों में भी एक बार डेंटल कैविटी होती है। 
  • 15 से 20 फीसदी के बीच वयस्‍कों में जिनकी उम्र 35 से 44 वर्ष के बीच है उन्‍हें मसूड़ों की गंभीर बीमारी होती है।  
  • दुनिया भर में 65 से 74 उम्र के लगभग 30 प्रतिशत लोगों के दांत नहीं बचते हैं। 
  • अधिकांश देशों में, प्रत्येक 100,000 लोगों में से, मुंह के कैंसर के 1 से 10 मामले हैं। 
  • गरीब या वंचित आबादी समूहों में मुख रोग का बोझ बहुत अधिक रहता है। 

दंत और मुख के रोगों को कम किया जा सकता है

अपने दांतों को स्वस्थ रखने के लिए आप कई कदम उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए, निम्न तरीकों से  दंत और मुख रोग को बहुत कम किया जा सकता है:

  • दिन में कम से कम दो बार अपने दांतों को फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से साफ़ करें
  • दिन में कम से कम एक बार अपने दांतों को फ्लॉस करें 
  • चीनी का सेवन कम करना
  • फल और सब्जियों का सेवन ज्‍यादा करें 
  • तंबाकू उत्पादों से परहेज करें 
  • फ्लोराइड युक्त पानी पीएं 
  • पेशेवर डेंटिस्‍ट से मुख की देखभाल जरूरी 

दांतों और मुंह के रोगों के लक्षण

जब तक आपके पास अपने दंत चिकित्सक के पास जाने के लक्षण न हों, आपको इंतजार नहीं करना चाहिए। साल में दो बार डेंटिस्ट के पास जरूर जाना चाहिए। क्‍योंकि आमतौर पर आपको किसी भी लक्षण के दिखने से पहले यह रोग पकड़ना आसान होगा। 

  • एक या दो सप्ताह के बाद मुंह में छाले, घाव ठीक न हों तो तुरंत डेंटिस्‍ट से मिलें। 
  • ब्रश करने या फ्लॉसिंग के बाद मसूड़ों से खून आना या सूजन होना
  • सांसों की दुर्गंध 
  • दांतों में गर्म और ठंडे पानी का लगना 
  • दांत दर्द
  • ढीले दांत
  • मसूड़ों का घटना 
  • चबाने या काटने के साथ दर्द
  • चेहरे और गाल की सूजन 
  • टूटे हुए दांत
  • बार-बार मुंह का सूखना आदि दांतों या मुख के रोगों की समस्‍या के का संकेत हो सकते हैं। 

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