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किडनी के लिए खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

किडनी के लिए खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

बहुत ज्‍यादा गर्मी के कारण हम कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। यह बात तो लगभग हम सभी जानते हैं कि एक नए शोध से पता चला है कि बहुत ज्‍यादा बढ़े तापमान में रहने से किडनी की गंभीर बीमारियां हो जाती है। शोध बताते हैं कि इस स्थिति को हीट स्‍ट्रेस कहते हैं।

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शोधकर्ताओं का कहना है कि आने वाली सदियों में पूरी दुनिया का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पानी की कमी से भी जूझना पड़ेगा। बढ़ते तापमान और पानी की कमी से कई सारी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें घेर लेगी जिसमें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस प्रमुख हैं।


तेजी से बढ़ते तापमान के नुकसान

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोरेडो स्कूल ऑफ मेडिसिन में रिचर्ड जॉनसन और जै लीमन ने नेतृत्व में बनी एक टीम के अनुसार, किडनी की नई तरह की बीमारियों का कारण कुछ भी पारंपरिक नहीं है बल्कि तेजी से बढ़ता तापमान है जो हीट स्ट्रेस और शरीर में पानी की कमी को बढ़ावा देता है। खासतौर पर गांवों में जहां पहले से ज्यादा गर्मी है, वहां असर ज्यादा होगा। खेतों में काम करने वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि सरकारों और वैज्ञानिकों को साथ मिलकर आगे आना होगा और इस तरह काम करना होगा। किडनी की एक खास तरह की बीमारी दुनिया भर के उन सभी गर्म देशों में परेशान करने वाली हैं, जहां इस महामारी की वजह ग्लोबल वार्मिंग होगी।

Image Source : Getty

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Written by
ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 10, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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