World Earth Day 2019: जीवनशैली में ये 4 बदलाव कर, पृथ्वी को बचाने में दें अपना योगदान

World Earth Day 2019: जीवनशैली में ये 4 बदलाव कर, पृथ्वी को बचाने में दें अपना योगदान

जलवायु परिवर्तन और ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते उत्सजर्न के बीच 22 अप्रैल यानि विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) पर लोग कई छोटे-छोटे तरीकों से पृथ्वी को बचाने का संकल्प ले सकते हैं। एक तरफ जहां पूरे विश्व भर के देश अपने-अपने तरीके से पृथ्वी को बचान

जलवायु परिवर्तन और ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते उत्सजर्न के बीच 22 अप्रैल यानि विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) पर लोग कई छोटे-छोटे तरीकों से पृथ्वी को बचाने का संकल्प ले सकते हैं। एक तरफ जहां पूरे विश्व भर के देश अपने-अपने तरीके से पृथ्वी को बचाने में लगे हैं वहीं हम भी कुछ चंद कदम उठाकर पृथ्वी को बचाने में सहयोग कर सकते हैं। अगर आप भी इस विश्व पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी को बचाने का तरीका सोच रहे हैं, तो यह चार तरीके अपनाकर आप अपना योगदान दे सकते हैं। 

अपने खाद्य पदार्थ उगाएं

पौधे मिट्टी को फिर से भरने में मदद करने के साथ-साथ वातावरण में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। अपने-अपने क्षेत्र में खाद्य पदार्थ उगाने के भिन्न-भिन्न तरीके हैं। अगर आपको लगता है कि आपके पास बगीचे के लिए जगह नहीं पर्याप्त है, तो आप उन्हें कंटेनरों में भी उगा सकते हैं। कुछ सब्जियां और फल ऐसे होते हैं, जिन्हें पौधों के रूप में उगाना काफी आसान होता है।

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दोबारा इस्तेमाल के योग्य बोतल का उपयोग करें

आपके स्वास्थ्य के लिए हर वक्त हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि पर्यावरण की कीमत पर खुद को हाइड्रेट न रखें। अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने के अलावा, आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि प्लास्टिक की बोतलें पर्यावरण के लिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि उनमें से अधिकांश को पुनर्नवीनीकरण (रिसाइकिल) नहीं किया जा सकता है। फिर भी, इनमें से कुछ प्लास्टिक की बोतलें समुद्री जानवरों द्वारा पानी में समाप्त कर दी जाती हैं। इसके अलावा, प्लास्टिक के उत्पादन में काफी जीवाश्म ईंधन लगता है। ईंधन निष्कर्षण अपने आप में एक ऐसी प्रक्रिया है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए प्लास्टिक की बोतलों का उत्पादन और उनके उपयोग से प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है।

साइकिलिंग करें, स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाएं

साइकिल चलाना पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद करने के साथ-साथ एक्सरसाइज करने के लिए भी एक बेहतर तरीका है। बाइक, कार, ऑटो, टैक्सियों से यात्रा करने पर पैट्रोल और डीजल की खपत तो बढ़ती ही है, साथ ही इन गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा पारंपरिक गैसोलीन से चलने वाले ऑटोमोबाइल के विपरीत, साइकिल गैस का उपयोग नहीं करती है और इस प्रकार से इसकी सवारी करते समय हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी बचाते हैं। ईंधन वाले वाहनों के बजाए साइकिल चलाना पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए एक बेहतर कदम है।

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अपने साथ घर से थैला लेकर चलें

अक्सर हम बाजार से छोटी-मोटी चीजें प्लास्टिक की थैलियों में लेकर आ जाते हैं और सामान निकालकर उन्हें घर से बाहर या कूड़े में डाल देते हैं। वह प्लास्टिक हमारे घर से होते हुए कचरे के ढेर में पहुंचती है, जहां उसे खपा पाना काफी मुश्किल होता है। जिसके बाद वह कूड़ा किसी बड़े ढलावघर पर डाल दिया जाता है, जहां पर वह प्लास्टिक सड़ कर जहरीली हवा में तब्दील हो जाती है और उस ढलावघर के आस-पास रहने वाले लोग उस हवा का शिकार होते हैं और उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन सबसे बचने के लिए जरूरी है कि लोग एक छोटा सा कदम उठाएं और अपने साथ घर से थैला लेकर चलें ताकि स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर असर न पड़े।

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