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World Breastfeeding Week: हर महिला को पता होनी चाहिए नवजात शिशु और स्‍तनपान से जुड़ी ये 10 महत्‍वपूर्ण बातें

नवजात की देखभाल By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 07, 2019
World Breastfeeding Week: हर महिला को पता होनी चाहिए नवजात शिशु और स्‍तनपान से जुड़ी ये 10 महत्‍वपूर्ण बातें

World Breastfeeding Week: नवजात शिशु के संपूर्ण विकास के लिए स्‍तनपान जरूर कराना चाहिए। एक मां होने के नाते प्रत्‍येक महिला को स्‍तनपान से जुड़ी ये 10 प्रमुख बातें पता होनी चाहिए।<

मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे उत्साहित करने वाला और पुरस्कृत अनुभव है। यद्यपि दुनिया भर की नई मांएं हमेशा सही सलाह और जानकारी का स्वागत करती हैं, वे अपने बड़ों या दोस्तों से मिलने वाली ढेर सारी जानकारी के बीच फंस जाती हैं। यदि आप एक नई मां हैं, तो आपके मन में भी स्तनपान के संबंध में कुछ प्रश्न होंगे। यहां कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए जा रहे हैं, जो आपके पास हो सकते हैं: 

कैसे पता करें कि बच्चा पर्याप्त स्तनपान कर रहा है?

स्तनपान कराने वाली मांओं के बीच यह सबसे आम प्रश्नों में से एक है। यह जानने के लिए कि क्या बच्चे को पर्याप्त दूध मिल रहा है, निम्नलिखित कारकों पर विचार किया जा सकता है

कितने बार खिलाएं: नवजात शिशु, यानि गर्भावस्था के 37 सप्ताह पूरे होने के बाद पैदा हुए बच्चे के लिए, फीडिंग ऑन डिमांड करना ठीक है। इस तरह शिशु को जीवन के पहले सप्ताह में दिन में 8-12 बार दूध पिलाने की ज़रूरत होती है और जीवन के चौथे सप्ताह तक यह थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि, समय से पहले जन्में शिशुओं के लिए, बाल रोग विशेषज्ञ घड़ी देखकर दूध पिलाने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि इन शिशुओं को स्तनपान कराने के दौरान अधिक ध्यान और देखभाल की आवश्यकता होती है।

पर्याप्त पेशाब करना: यदि बच्चा दिन में 6-8 बार पेशाब कर रहा है, तो उसे लगभग निश्चित रूप से पर्याप्त दूध मिल रहा है।

मल: यदि बच्चा पर्याप्त रूप से दूध पी रहा है, तो बच्चे को रोजाना तीन या अधिक बार हल्का पीले या हरे रंग का और गंदा मल होगा।

वजन की निगरानी: उपर्युक्त सभी तरीके पर्याप्त भोजन के अच्छे संकेत हैं, लेकिन शिशुओं के वजन की जांच कराना भी निश्चित रूप से एक है। पैदा होने के बाद पहले 7 दिनों में टर्म बेबी अपने जन्म के वजन का 7% तक खो देते हैं, लेकिन अगले दो सप्ताह के भीतर उस वजन को वापस हासिल कर लेना चाहिए। यदि बच्चा पहले सप्ताह के बाद वजन कम करना जारी रखता है या जन्म के वजन का 10% से अधिक खो देता है, तो स्तनपान पर्याप्त नहीं है।

ठोस भोजन देने का सही समय क्या है?

बच्चे को पहले 6 महीने तक स्तनपान कराना चाहिए। हालांकि, 4 से 6 महीने की उम्र में, बच्चा कुछ ठोस भोजन लेने के लिए तैयार हो जाता है। लेकिन, फिर से यह सिफारिश की जाती है कि भोजन पहले 6 महीने के बाद ही दिया जाना चाहिए। इस उम्र में, बच्चा निगलना सीखता है और मुंह के सामने से पीछे तक ठोस भोजन भेजने के लिए समन्वय को बेहतर बनाता है।

दूध की पर्याप्त आपूर्ति कैसे सुनिश्चित करें?

दूध की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, आपको पहले यह समझना चाहिए कि आपके शरीर में दूध का उत्पादन सीधे तौर पर इस बात से जुड़ा हुआ है कि इसका कितना सेवन किया जाता है। आप कुछ दूध निकालने के लिए बस स्तन पंप का उपयोग कर सकती हैं और यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि इसका उत्पादन सही मात्रा में किया गया है। इसके अलावा, हर 2-3 घंटों के बाद बच्चे को स्तनपान कराएं और त्वचा से त्वचा के संपर्क का अच्छा स्तर बनाए रखें।

क्या स्तनपान दर्दनाक हो सकता है?

यदि शिशु को आपके स्तनों पर ठीक से लगाया जाता है, तो शिशु के मुंह में धंसाए गए एओरला और निप्पल के कारण आपको 30 से 60 सेकंड तक दर्द का अनुभव हो सकता है। दर्द उसके बाद कम हो जाना चाहिए। लेकिन, यदि आप दर्द महसूस करना जारी रखती हैं, तो आप स्तनपान रोक सकती हैं और कुछ समय के बाद अपने बच्चे को स्तनों पर फिर लगाने की कोशिश कर सकती हैं। फिर भी, अगर दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

क्या स्तनपान के दौरान कुछ ऐसा है, जो नहीं खाना या पीना चाहिए?

स्तनपान कराने वाली मां निश्चित रूप से जो कुछ भी पसंद करती है, वह तब तक खा सकती है जब तक कि यह शिशु के लिए हानिकारक न हो। स्तनपान कराने वाली मां को क्या खाना चाहिए या क्या नहीं, इसकी कोई बड़ी सीमा नहीं है, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे ज़रूर हैं जिनका सेवन सीमित होना चाहिए। स्तनपान कराने वाली मां को बहुत अधिक कैफीन, कृत्रिम मिठास, शराब, ऐसी मछली जिसमें पारा हो, बहुत मसालेदार भोजन आदि का सेवन करने से बचना चाहिए।

क्या मैं स्तनपान के दौरान शराब का सेवन कर सकती हूं?

हां, आप बच्चे को स्तनपान कराते समय शराब का सेवन कर सकती हैं, लेकिन शराब का सेवन न करना मांओं के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। मांएं हर दिन 1 मानक पेय (एक छोटी ग्लास वाइन या एक पिंट बीयर या 30 मिलीलीटर हार्ड ड्रिंक) तक पी सकती हैं, क्योंकि जानकारी के अनुसार इससे शिशु पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है। साथ ही, मांओं को यह सलाह दी जाती है कि वे बच्चे की देखभाल करने के लिए, एक ड्रिंक के बाद कम से कम 2 घंटे (3-4 घंटे बेहतर) इंतजार करें। एक मध्यम स्तर से अधिक शराब का सेवन स्तन के दूध को प्रभावित कर सकता है और बच्चे के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह एक शिशु के सोने के पैटर्न और उसके उचित विकास और वृद्धि में समस्याएं पैदा कर सकता है। बहुत ज्यादा शराब पीने से भी मां के फैसले लेने और सुरक्षित रूप से अपने बच्चे की देखभाल करने की क्षमता भी कम हो सकती है।

क्या स्तनपान कराने वाली मां को अधिक दूध का उत्पादन करने के लिए अधिक भोजन करना पड़ता है?

ठीक ही कहा गया है कि आप वही हैं जो आप खाती हैं और इसी तरह आपका बच्चा है। आप जो भी खाती हैं, वह आपके बच्चे की सेहत पर असर डालता है। यदि स्तनपान करने वाली मां सही मात्रा में भोजन नहीं करती और पोषण नहीं लेती है, तो बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। यह सलाह दी जाती है कि स्तनपान कराने वाली मां को पौष्टिक भोजन खाना चाहिए और अपने गर्भावस्था पूर्व के आहार में प्रति दिन 500 कैलोरी अतिरिक्त लेनी चाहिए। वर्ना, दूध का उत्पादन प्रभावित होगा। इसके अलावा आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हर दिन 20 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन खाएं।

इस प्रकार कम वसा वाले दूध, नट्स, दाल को शामिल करने से मदद मिलेगी। वजन कम करने की इच्छुक मांओं के लिए भी, एक मध्यम आधार है: उन्हें दैनिक कैलोरी 1800-2000 की सीमा में रखनी होगी। लेकिन वजन घटाने की किसी भी योजना को पहले तीन महीनों में ध्यान देना चाहिए, ताकि बच्चे को खिलाने की लय और आवश्यकता क्रम में हों।

शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए?

आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि जब भी बच्चे भूखे हों, उन्हें दूध पिलाया जाना चाहिए। इसे डिमांड फीडिंग या फीडिंग ऑन डिमांड कहा जाता है। लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं और उनके पेट में ज्यादा दूध जा सकता है, उन्हें हर 3 से 4 घंटे के बाद खिलाया जाना चाहिए।

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क्या स्तनपान के साथ-साथ बच्चे को फार्मूला सप्लीमेंट देना चाहिए?

हां, 6 महीने की उम्र के बाद स्तनपान कराने के साथ-साथ बच्चे को फार्मूला की खुराक दी जा सकती है। हालांकि, फार्मूला आधारित कौन सा भोजन दिया जाना चाहिए, यह तय करने से पहले शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

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क्या मां बीमार होने या दवाएं लेने के दौरान बच्चे को स्तनपान करा सकती है?

हां, मांएं बीमार होने या कई ऐसी सामान्य स्वास्थ्य स्थितियों में दवा लेने के दौरान बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं, जहां मां की स्तनपान कराने की ज़रूरत को लेकर डॉक्टर दी गई दवाओं पर ध्यान देता है। हालांकि, कुछ दवाएं हैं जो अगर स्तन के दूध से गुजरती हैं तो बच्चे को नुकसान हो सकता है। इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

यह लेख डॉकप्राइम.कॉम की सीनियर कंसल्टेंट डॉक्‍टर बिनिता प्रियंबदा से हुई बातचीत पर आधारित है।

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