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World Breastfeeding Week 2019: मां का दूध हर साल बचा सकता है 8 लाख शिशुओं की जान, WHO ने सुझाई नीतियां

महिला स्‍वास्थ्‍य By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 01, 2019
World Breastfeeding Week 2019: मां का दूध हर साल बचा सकता है 8 लाख शिशुओं की जान, WHO ने सुझाई नीतियां

World Breastfeeding Week 2019: मां का दूध शिशु को कई संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रखता है। मां का दूध शुरुआती वर्षों के दौरान शिशुओं के लिए जरूरी पोषक  तत्वों का एक बेहतरी

विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week 2019) प्रत्येक वर्ष स्तनपान की महत्वता और शिशु के विकास के लिए ये कितना जरूरी है इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस साल ये एक से सात अगस्त तक मनाया जा रहा है। ये दुनिया भर के शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की जरूरत पर प्रकाश डालता है। मां का दूध बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अमृत है। मां का दूध शुरुआती वर्षों के दौरान शिशुओं के लिए जरूरी पोषक  तत्वों का एक बेहतरीन स्त्रोत है।

मां का दूध शिशु को कई संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रखता है। विश्व स्तनपान सप्ताह अगस्त 1990 में हस्तक्षारित इनोसेंटी घोषणापत्र को श्रद्धांजलि देता है। स्तनपान को सुरक्षित, बढ़ावा देने और प्रचारित करने के लिए सरकार के नीति निर्माताओं, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों ने साथमिलकर इस पर हस्ताक्षर किए थे।

इस साल डब्लूएचओ ने यूनिसेफ और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर इस सप्ताह को मनाने के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं को लागू करने का बीड़ा उठाया है। इस साल ये संगठन स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए परिवार अनुकूल नीतियों की महत्वता को प्रसारित करेंगे और परिजनों को शुरुआती वर्षों के दौराम अपने बच्चों के साथ एक रिश्ता विकसित करने के लिए बढ़ावा देगा।

विश्व स्तनपान सप्ताह 2019 पर डब्लूएचओ ने कुछ नीतिया सुझाई हैं, जोकि इस प्रकार है।

पेड मैटरनिटी लीव (Paid maternity leave)

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कम से कम 18 सप्ताह के लिए पेड मैटरनिटी लीव को लागू करने पर जोर दिया है।

पेड पैटरनिटी लीव (Paid paternity leave)

डब्लूएचओ ने समान आधार पर अपने बच्चों की देखभाल के लिए साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए पेड पैटरनिटी लीव को भी बढ़ावा देने का फैसला किया है।

परिजन अनुकूल कार्यस्थल (Parent friendly workplace)

परिजन अनुकूल कार्यस्थल माताओं को काम पर लौटने के बाद अपने बच्चों को स्तनपान करने के लिए माताओं की मदद करेंगे। इसमें स्तनपान के लिए ब्रेक और उन्हें एक सुरक्षित, व्यक्तिगत और साफ-सुथरा माहौल मुहैया कराना शामिल होगा। इसमें किफायती बाल देखभाल मुहैया कराने पर भी जोर दिया गया है।

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इन नीतियो को लागू करने से परिजनों को अपने परिवार को सुरक्षित व समर्थन देने में मदद मिलेगी। यह शिशुओं के स्वास्थ्य को भी सुनिश्चित करेगा। स्तनपान शिशुओं के साथ-साथ माताओं के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देगा। अगर विश्व भर में स्तनपान सही तरीके से कराया जाए तो हर साल आठ लाख जानें, विशेषकर छह महीने से कम उम्र के बच्चों को बचाया जा सकता है।

स्तनपान एक मां के स्वास्थ्य को विभिन्न तरीकों से बढ़ावा देता है। यह स्तन कैंसर, ओवेरियन कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज और ह्रदय रोगों के खतरे को कम कर देता है। स्तनपान प्रत्येक वर्ष स्तन कैंसर के कारण होने वाली 20 हजार माताओं की जान बचाने में लाभकारी साबित हो सकता है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन बच्चे के जन्म के बाद एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की सलाह देता है। शिशुप को शुरुआती 6 महीने तक सिर्फ स्तन से निकला दूध ही पिलाना चाहिओ। उसके बाद आप दो या उससे अधिक वर्ष तक बाजार में बिकने वाले पोषक तत्वों से भरे फूड खिला सकते हैं।

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