• shareIcon

नाइट शिफ्ट काम करने वालों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा, जानें क्या है संबंध

डायबिटीज़ By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 10, 2019
नाइट शिफ्ट काम करने वालों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा, जानें क्या है संबंध

नाइट शिफ्ट या रोटेशनल शिफ्ट में काम करने वालों को टाइप-2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा होता है। दरअसल समय की गड़बड़ी होने पर शरीर की क्रियाओं में भी गड़बड़ी होने लगती है। जानें इससे कैसे हो सकता है बचाव-

अगर आप नाइट शिफ्ट या रोटेशनल शिफ्ट में काम करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। हाल में हुई एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। स्टडी में यह भी कहा गया कि अगर आप रोटेशनल शिफ्ट में काम करते हैं, तो खतरा और ज्यादा है।

उन लोगों को नाइट शिफ्ट में बिल्कुल काम नहीं करना चाहिए, जो पहले से डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हैं। दरअसल जब आप नाइट शिफ्ट या रोटेशनल शिफ्ट में काम करते हैं, तो आपके खाने-सोने का समय लगातार बदलता रहता है, जिसका आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

नाइट शिफ्ट क्यों खतरनाक?

हमारे शरीर में एक प्राकृतिक घड़ी है, जिसे बायलॉजिकल सर्केडियन रिद्म कहते हैं। इस घड़ी के अनुसार हमारा शरीर दिन के समय काम करने और रात के समय सोने के लिए डिजाइन किया गया है। इस घड़ी के अनुसार ही हमारे शरीर में हार्मोन्स का स्राव होता है। मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है, जो इस घड़ी को दिन-रात के अनुसार सही करता रहता है। रात होते ही हमारे शरीर में मेलाटोनिन का स्तर घटने लगता है, जिससे शरीर को संकेत मिलता है कि अब काम छोड़कर सोने का समय है। इसके विपरीत दिन होते ही शरीर में मेलाटोनिन का स्तर बढ़ने लगता है।

आमतौर पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक के समय को शरीर के लिए काम करने के अनुकूल माना जा सकता है। नाइट शिफ्ट या रोटेशनल शिफ्ट में काम करने के कारण आपकी दिनचर्या खराब होती है और शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ता है।

इसे भी पढ़ें:- डायबिटीज रोगी पैर में घाव या चोट को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कई खतरे

नाइट शिफ्ट के शरीर पर प्रभाव?

नाइट शिफ्ट आपके शरीर और सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचाती है। सर्केडियन रिद्म के अनुसार काम न करने पर शरीर की ये क्रियाएं होती हैं प्रभावित-

  • मेटाबॉलिज्म धीरे हो जाता है
  • भूख लगने और खाने के समय में गड़बड़ी
  • पाचन होता है खराब
  • कार्डियोवस्कुलर सिस्टम होता है प्रभावित
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है
  • हार्मोन्स का असंतुलन होने लगता है

नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान कैसे रहें फिट

अगर नाइट शिफ्ट में काम करना आपकी मजबूरी है, तो कुछ अच्छी आदतें अपनाकर आप इन खतरों को काफी हद तक कम कर सकते हैं-

3 बार खाना जरूर खाएं

शरीर को 24 घंटे में 3 बार खाने की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना 3 बार खाना खाने की आदत डालें। अगर आपको डायबिटीज है, तो खाना छोड़ना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर किसी समय आप खाना नहीं भी खा पाते हैं, तो इसकी जगह कुछ भी हैवी आहार ले सकते हैं, जैसे प्रोटीन शेक, फ्रूट जूस, वेजिटेबल सैंडविच आदि।

काम के दौरान स्मार्टली एक्सरसाइज करें

नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान आपको एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना चाहिए। हर 40-45 में थोड़ी 2 मिनट के लिए कुर्सी से उठें और थोड़ा पैदल चलें। इसके अलावा आप काम के बीच-बीच में थोड़ी देर के लिए बॉडी स्ट्रेच करते रहें। इससे आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहेगा और शरीर के अंग ठीक से काम कर पाएंगे। जब भी आपको समय मिले 10-15 मिनट तेज गति की एक्सरसाइज करें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज हर किसी के लिए जरूरी है।

Read More Articles On Diabetes In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK