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इन कारणों से बच्चों पर पढ़ाई का दबाव ना डालें

परवरिश के तरीके By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 30, 2011
इन कारणों से बच्चों पर पढ़ाई का दबाव ना डालें

आप अपने बच्चे पर किसी भी चीज का खासकर पढ़ाई का दबाव बनाकर उसको न तो पढ़ा सकते हैं और ना ही उससे कोई काम करवा सकते हैं। आपको चाहिए कि आप अपने बच्चे से प्यार से ट्रीट करें। आइए जानें बच्चों पर पढ़ाई का दबाव डालने से बच्चों को क्या नुकसान हो सकता है।

कहते हैं प्यार इंसान से कुछ भी करवा सकता है और जब बात हो बच्चों की तो ये बात बच्चों पर और भी लागू होती है। बच्चों से प्यार से कुछ भी करवाया जा सकता है, लेकिन जोर जबरदस्ती से कुछ भी काम कराना संभव नहीं। आपको हमेशा अपने बच्चे से शिकायत रहती होगी कि आपका बच्चा ये नहीं करता, आपका कहना नहीं मानता, बहुत जिद्दी है और भी ना जाने क्या–क्या आपको अपने बच्चे से शिकायतें रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप अपने बच्चे पर किसी भी चीज का खासकर पढ़ाई का दबाव बनाकर उसको न तो पढ़ा सकते हैं और ना ही उससे कोई काम करवा सकते हैं। आपको चाहिए कि आप अपने बच्चे से प्यार से ट्रीट करें। आइए जानें बच्चों पर पढ़ाई का दबाव डालने से बच्चों को क्या नुकसान हो सकता है।

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बच्चों पर पढ़ाई के दबाव से नुकसान

 

  • बच्चों पर किसी भी चीज का दबाव नहीं डालना चाहिए, खासकर पढ़ाई का। इससे बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
  • दरअसल बच्चों को किसी चीज के लिए मना किया जाता है, तो जिज्ञासावश उन्हें वो काम करने में बहुत मजा आता है। उन्हें अगर प्यार से किसी चीज को विस्तार से समझाया जाता है तो वे उसे आराम से मान जाते है। यही बात पढ़ाई पर भी लागू होती है यदि बच्चे को बार-बार पढ़ने के लिए दबाव बनाया जाता है तो वे पढ़ाई से दूर भागने लगते हैं और उनको वो चीज बोरिंग लगने लगती है।
  • पढ़ाई का दबाव बनाने की बजाय आपको अपने बच्चे को अपने साथ बैठकर खेल-खेल में मनोरंजक तरीके से बच्चे को पढ़ाना चाहिए इससे बच्चा भी पढ़ने में रूचि लेगा और आपकी बात भी मानेगा।
  • बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बनाने से उनमें तनाव आने की आशंका बढ़ जाती है। बढ़ती उम्र और पढ़ाई के दबाव के कारण कई बार बच्चे ऐसे निर्णय कर लेते हैं जो ना सिर्फ उनके लिए घातक हो सकते हैं बल्कि उनके अपने परिवार के लिए भी खतरनाक बन जाते हैं।
  • बच्चे पढ़ाई के प्रेशर, तनाव और डिप्रेशन के चलते आत्महत्या करने तक का निर्णय ले लेते हैं।
  • कई बार बच्चे नकल करना, चोरी करना जैसी चीजों की बुरी लत में भी इसी कारण फंस जाते हैं। इसीलिए पेरेंट्स को ये कभी नहीं सोचना चाहिए कि उनके बच्चों पर पढ़ाई के दबाव का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। यह सोचने के बजाय उन्हें अपने बच्चों को समझना चाहिए और उसी तरह ट्रीट करना चाहिए। जिससे भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना को समय से पहले रोक सकें।

 


बच्चों में पढ़ाई के लिए दबाव बनाने के बजाय अपनाएं ये उपाय

  • बच्चों को कुछ भी याद करवाने के लिए जरूरी है कि उन्हें हल्के–फुल्के अंदाज में बच्चे के साथ बैठकर याद करवाया जाए और बच्चें को चैप्टर रटवाने के बजाय समझाएं।
  • बच्चें को जब भी आप याद करवाएं तो उनकी चीज का मतलब बताएं।
  • यदि बच्चे को पढ़ने में मुश्किल आ रही हो तो बच्चों को उस बात को दूसरे ढंग से या फिर आसान भाषा में समझाएं।
  • बच्चों को पढ़ाते समय कोशिश करें कि हर चीज का उदाहरण दें। जिससे बच्चा जल्दी से जल्दी समझ जाएं।
  • बच्चें की पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय उसको रूचिकर बनाएं।

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Image Source : Getty

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