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गुस्‍से को न बनने दें अपनी आदत

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 31, 2012
गुस्‍से को न बनने दें अपनी आदत

गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन गुस्से की वजह से कई बार हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। इसलिए गुस्सा दिखाने के बजाये गुस्से को नियंत्रण करना सीखना चाहिए!

गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन गुस्से की वजह से कई बार हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। इसलिए गुस्सा दिखाने के बजाये गुस्से को नियंत्रण करना सीखना चाहिए, जिससे रिश्‍तों में दरार नहीं आती। यदि आपको बहुत अधिक गुस्सा आता है तो आपके लिए जानना जरूरी है कि गुस्से पर कैसे नियंत्रण करें, गुस्सा आने पर खुद को कैसे संभाले। आप अपने गुस्से को बाय-बाय कहना चाहते हैं, लेकिन फिर भी आपको छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आ जाता है। ऐसे में आपको गुस्सा आने वाले कारणों पर ध्यान देना चाहिए और वह काम दोबारा न हो, इसका भी ख्याल रखना चाहिए। कुछ समझ-बूझ और संयम से भी गुस्से को बढ़ने से रोका जा सकता है। आइए जानें गुस्से को बाय-बाय कहने के कुछ टिप्स-

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गुस्से को खत्म करने की इच्छा

गुस्सा आने पर हम बिना सोचे समझे कोई भी कदम उठा लेते हैं। गुस्से पर नियंत्रण के लिए सबसे पहले हमें यह एहसास होना चाहिए कि हम कुछ गलत कर रहे हैं और साथ ही गुस्से को खत्म करने की इच्छा का होना भी जरूरी है।

गुस्से की वजह समझें

जॉब छूटने पर, करियर में असफल होने पर या किसी निजी परेशानी या अन्य कारणों से तनाव बढ़ने से स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। जानें कि क्यों आपके व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ रहा है। कारणों को समझकर उसे हल करने का प्रयास करें।

संवाद करें

कई बार दोस्तों, पति-पत्नी या परिवार के बीच कुछ गलतफहमियां या टकराव हो जाता है, जो गुस्से का कारण बनता है। ऐसे में बात करके गिले शिकवे दूर करें।

परिस्थितियों को स्वीकारें

कई बार ऐसी स्थितियां होती हैं, जिनसे न हम आगे बढ़ पाते हैं और न उन्हें बदल सकते हैं। ऐसे में धीरे-धीरे मन में खीझ उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में उन परिस्थितियों से भागने और परेशान होने की बजाए उनको स्वीकार करें और जिंदगी में आगे बढ़ें।

जल्‍दी में ना रहें

अक्सर ऐसा होता है कि हम जल्दी में घर से निकलते हैं। रास्ते में जाम लगने या किसी गाड़ी या पैदल यात्री के कारण जरा सा भी लेट हो जाएं तो चिंता बढ़ जाती है, जो गुस्से के रूप में बाहर निकलती है। इसलिए जहां भी जाएं, थोड़ा जल्दी घर से निकलें।

ध्यान कहीं और लगाएं

गुस्सा रोकने के लिए आवश्यक है कि ध्यान कहीं और लगाएं। जब गुस्सा आ रहा हो तो उस जगह से चले जाएं। वहां रहेंगे तो गुस्सा और बढ़ेगा। वहां से चले जाने पर ध्यान झगड़े से हट जाएगा।

गहरी सांस लें और गिनती करें

गुस्से के वक्त कहीं दूर जाकर लंबी गहरी सांसें लें। शरीर में सांस के अंदर-बाहर जाने की प्रक्रिया को महसूस करें। इससे आपका ध्यान गुस्से से हटकर सांस लेने पर चला जाएगा, जिससे गुस्सा कम हो जाएगा।

ऊर्जा का उचित उपयोग

गुस्सा आने पर शरीर में हार्मोन्स में कई बदलाव होते हैं, जिनसे शरीर लड़ने के लिए एकदम तैयार हो जाता है। उस समय शरीर में उत्पन्न ऊर्जा को लड़ाई में न लगाकर किसी अन्य काम में लगाएं। जैसे घूमने निकलें, व्यायाम करें, डांस करें। इससे गुस्सा अपने आप कम हो जाएगा।

खुद को शांत करें

गुस्सा आने पर कुछ देर के लिए शांत रहें। एक से दस तक गिनती गिनें। ठंडा पानी पिएं।
 

परिणामों के बारे में सोचें

गुस्से में कुछ करने से पहले बाद में होने वाले परिणामों के बारे में सोचने की कोशिश करें।

आदत न बनाएं-

 

  • जब आपको गुस्सा आएगा तो निश्चित रूप से आप उसकी भड़ास किसी न किसी पर निकालेंगे, ऐसे में जरूरी है कि आप खुद को संभाले, नहीं तो आप अपना नुकसान कर बैठेंगे या फिर अपने रिश्‍तों को खराब कर लेंगे।
  • गुस्सा आने पर खुद को नियंत्रित करें और कुछ भी बोलने से पहले दो बार सोचे।
  • गुस्सा कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी इच्छा को प्रबल करें कि कैसे भी करके गुस्सा पर नियंत्रण करना है।
  • गुस्सा होने के बजाय जिन लोगों पर या जिन कारणों पर आपको गुस्सा आ रहा है उनको सुलझाएं। लोगों को माफ करना सीखे और माफी मांगने की आदत भी डालें। इससे आप आसानी से अपने गुस्से को काबू कर पाएंगे।


इन टिप्स को अपनाकर आप निश्चित तौर पर अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकते है और खुश रह सकते।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty
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