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    रीढ़ की हड्डी संबंधी विकारों में इलाज से बेहतर क्यों है रोकथाम

    दर्द का प्रबंधन By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 14, 2014
    रीढ़ की हड्डी संबंधी विकारों में इलाज से बेहतर क्यों है रोकथाम

    हम में से अधिकांश लोग पीठ दर्द से पीड़ित होते हैं, जो खराब मुद्रा में रहने, वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों की चोट या मोच या फिर अचानक बैठने, झुकने या खड़े होने की वजह से हो सकता है।

    हम में से अधिकांश लोग पीठ दर्द से पीड़ित होते हैं, जो गलत मुद्रा में रहने, वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों की चोट या मोच या फिर अचानक बैठने, झुकने या खड़े होने की वजह से हो सकता है। ज्यादातर मामलों में देखा जाता है कि जब किसी को कमर  दर्द होता है तो वह इंसान थोड़े दिनों के लिए आराम करता है और फिर वापस से काम पर चला जाता है। अब ये दर्द आराम करने से चला तो जाता है लेकिन लोगों को नहीं पता होता कि यह दर्द दोबारा लौटकर आ सकता है। ये दर्द गलत मुद्रा में बैठने तथा कमर के कमजोर होने पर और भी बुरा हो जाता है। इसका मतलब तो यह हुआ कि लोग दर्द के दोबारा लौट आने का इंतजार ही करते हैं। ज्यादा समय तक लाइलाज रहने या स्थिति के गंभीर हो जाने पर दर्द बहुत ज्यादा हो जाता है और कमर व पैर में लगातार रहने लग सकता है। तो भला इस से बचाव बेहतर है या इलाज? यकीनन इससे बचाव ही ज्यादा बेहतर होगा। तो चलिये विस्तार से इस विषय पर बात करते हैं और जानते हैं कि खासतौर पर रीढ़ की हड्डी संबंधी विकारों में इलाज से बेहतर क्यों है रोकथाम।    


    Spinal Disorders In Hindi


    पुराने पीठ दर्द के लिए उप
    चार के क्या विकल्प उपलब्ध हैं?

    पुराने पीठ दर्द की समस्या का इलाज यदि लंबे समय तक न किया जाए तो यह एक गंभीर और कठीन प्रक्रिया बन जाती है। डॉक्टरों के पास भी  लगभग 46 प्रतिशत लोग तीव्र समस्या वाले तथा 56 प्रतिशत पुरानी समस्या वाले होते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि लोग तब अपनी पीठ दर्द की समस्या का इलाज कराने आते हैं, जब वह गंभीर हो जाती है।


    पीठ दर्द वाले लोगों को किस तरह की डाइट का पालन करना चाहिए?

    पीठ दर्द वाले लोगों को विटामिन बी 12 तथा बी 3 की पर्याप्त मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। विटामिन बी 12 तंत्रिका और चयापचय स्वास्थ्य को बनाए रखता है तथा विटामिन बी 3 हड्डियों के स्वास्थ्य के रखरखाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लोग विटामिन बी 12 को दूध, मछली और दही जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं सुबह सुबह-सुबह सूरज के संपर्क में रहने से, विटामिन डी 3 की दैनिक आवश्यकता पूरी हो जाती है। इसके अलावा पीठ दर्द से पीड़ित लोगों को मशरूम, अंडे और बी कॉम्प्लेक्स विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने चाहिए।

     

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    क्या पीठ दर्द से पीड़ित लोग व्यायाम कर सकते हैं?

    व्यायाम मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है और शरीर में रक्त के समुचित प्रवाह को बढ़ाता है। लेकिन कमर दर्द की स्थिति में कौंन सा व्यायाम किया जाए, इसके लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। व्यायाम के इलावा ऐसे में कुछ योग आसान जैसे, उत्तानासन, पश्चिमोत्तानासन तथा भुजंगासन आदि भी कर सकते हैं।   


    पुराने पीठ दर्द को कैसे रोकें?

    पीठ दर्द का इसकी प्रारंभिक अवस्था में इलाज कर दिया जाता है, तो यह क्रोनिक नहीं बनता है। ऐसा अपनी मुद्रा में सुधार कर, मांसपेशियों को मजबूत बनाने के व्यायाम कर, लंबे समय तक के लिए आराम और ध्यान से अपने दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को कर किया जा सकता है।


    Image Source: Getty Images


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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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