शादी के बाद पैरों में बिछिया (Toe Ring) पहनने से क्या सच में बढ़ जाती है फर्टिलिटी? जानें एक्सपर्ट्स की राय

 बिछिया ही नहीं, बल्कि पायल पहनना भी फर्टिलिटी और प्रोडक्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद है। ये दोनों ही कुछ खास एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स से जुड़े हैं।

Pallavi Kumari
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Pallavi KumariPublished at: Nov 24, 2020
Updated at: Jun 23, 2021
शादी के बाद पैरों में बिछिया (Toe Ring) पहनने से क्या सच में बढ़ जाती है फर्टिलिटी? जानें एक्सपर्ट्स की राय

भारत में शादी के बाद  पैरों में बिछिया  (Toe Ring) पहनने की परंपरा है। आमतौर पर विवाहित हिंदू महिलाएं अपने दोनों पैरों की उंगलियों में चांदी का बिछिया पहनती हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि इसे क्यों पहना जाता है? बिछिया पहनने के फायदे क्या हैं? दरअसल, बिछिया पहनने के पीछे एक तथ्य ये दिया जाता है कि इससे महिलाओं का मेंस्ट्रुअल साइकिल अच्छा रहता है और उनकी फर्टिलिटी बूस्ट होती है। पर क्या साइंस और बायोलॉजी भी इसी तथ्य को मानता है?  बिछिया पहनने के पीछे इसी साइंटिफिक रीजन  (Why married women wear toe ring) को विस्तार से समझने के लिए हमने जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ  डॉ. सुदेशना रे (Dr.Sudeshna Ray) और एक्यूप्रेशर हेल्थ केयर सिस्टम, लखनऊ में कार्यरत एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट संजय उमरोव (Sanjay Umrao) से बात की।

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महिलाएं क्‍यों पहनती हैं ब‍िछिया (Why married women wear toe ring)?

बिछिया पहने को लेकर गायनोकॉलोजिस्ट के विचार

पैरों में बिछिया (Toe Ring) पहने के बारे में हमने जब स्त्री रोग विशेषज्ञ  डॉ. सुदेशना रे से बात की, तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां शरीर में जितने भी गहने पहनने की परंपरा है, उसके पीछे कोई न कोई साइंस जरूर है। भले ही बायोलॉजी में बिछिया पहनने से जुड़े ज्यादा तथ्य नहीं है, पर नेचुरोपैथी और रिफ्लेक्सोलॉजी  (reflexology) में इसके बारे में काफी कुछ बताया गया है। डॉ. सुदेशना रे कहती हैं कि फर्टिलिटी (Fertility) और  मेंस्ट्रुअल साइकिल के लिए शरीर में कुछ विशिष्ट एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स हैं। वे शरीर के कुछ क्षेत्रों में स्थित हैं जो, एनर्जी के फॉलो को तय करते हैं (ensure optimum flow of energy)।  बात अगर हमारे पैरों की करें, तो तलवे से लेकर पैरों की उंगलियों तक में अलग-अलग तरीके के नर्व्स (Nerves)पाए जाते हैं। 

  • -जब आप अंगूठे के बाद वाली उंगली में बिछिया पहनते हैं, तो इसके कांटेक्ट से सायटिका (Sciatica)नामक लंबर नर्व्स (lumbar nerves) पर प्रेशर पड़ता है, जो कि आपके ब्लड सर्कुलेशन और मेंस्ट्रुअल साइकिल को सही रखने में मदद करता है।
  • -साथ ही चांदी को अच्छा कंडक्टर (Silver as a Good Conductor)माना जाता है, जो कि इन नसों को कंडक्ट करते हुए बॉडी में मैग्नेटिक फील्ड को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इससे बॉडी का नेचुरल फंक्शन और हार्मोनल हेल्थ अच्छा रहता है, जो कि फर्टिलिटी को भी प्रभावित करता है।
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बिछिया पहने को लेकर एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट के विचार

पैरों में बिछिया पहने के बारे में एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट संजय उमरोव बताते हैं कि सिर्फ बिछिया ही नहीं, बल्कि पायल का भी महिलाओं की फर्टिलिटी से अच्छा खासा जुड़ाव है। वो ऐसे कि पायल जहां पैरों में पहनी जाती है, वहां फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube), ओवरी (Ovary), यूटरस (Uterus)के एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स होते हैं। पायल से ये नस दबते रहते हैं और इससे इन तीनों की हेल्थ अच्छी रहती है। अब बात बिछिया की करें, तो

  • -बिछिया यूं तो अंगूठे के बाद की तीन उंगलियों में पहनने की परंपरा है, पर अब लोग अंगूठे के बाद की ही दो उंगलियों में पहनते हैं। जो अंगूठे के बगल वाली उंगली (second toe)है, उसका नर्व सीधे यूटरस से जुड़ा हुआ है। तो,  बिछिया का मामूली दबाव भी यूटरस पर प्रभाव डालता है। इससे ये मेंस्ट्रुअल साइकिल (पीरियड्स) को रेगुलेट करने में मदद कर सकता है, जो कि यूटरस को स्वस्थ और प्रग्नेंसी के पूर प्रोसेस को सफल बनाए रखने में मददगार हो सकता है।
  • -वहीं बिछिए को तीसरे उंगली में पहनने के पीछे माना जाता है कि ये पीरियड्स के दर्द को कम कर सकता है।
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कुल मिलाकर अगर हम बिछिया पहने के फायदे (Toe Ring Benefits) को देखें तो, पहले ये हमारे ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। दूसरा ये हमारे मेंस्ट्रुअल साइकिल को सही रख कर हमारे रिप्रोडक्टिव हेल्थ और उनके जुड़े अंगों को स्वस्थ रखता है और तीसरा और बेहद जरूरी चीज कि ये बॉडी में  मैग्नेटिक फील्ड को बेहतर बनाए रख कर हार्मोन्स के प्रोडक्शन को स्मूथ और रेगुलेट करता है, जो कि हेल्दी फर्टिलिटी के के लिए बेहद जरूरी है। तो इस तरीके से महिलाओं के लिए बिछिया पहनना फायदेमंद है।

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