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भारत में सिर्फ 35 प्रतिशत लोग ही करते हैं शारीरिक श्रम, जानें इसके नुकसान

Updated at: Sep 07, 2018
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Written by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Sep 07, 2018
भारत में सिर्फ 35 प्रतिशत लोग ही करते हैं शारीरिक श्रम, जानें इसके नुकसान

भारत में 35 फीसदी से ज्यादा लोग शारीरिक श्रम करने में आलस करते हैं। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का आंकड़ा है।

भारत में 35 फीसदी से ज्यादा लोग शारीरिक श्रम करने में आलस करते हैं। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का आंकड़ा है। डब्ल्यूएचओ के एक सर्वेक्षण के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में सक्रियता नहीं दिखाने के कारण इन लोगों को दिल की बीमारी के साथ-साथ कैंसर, मधुमेह और मानसिक रोगों का खतरा बना रहता है।सर्वेक्षण के ये नतीजे 'द लांसेट ग्लोबल हेल्थ' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं, जिसमें बताया गया है कि 2016 में भारत में शारीरिक श्रम कम करने वाली महिलाएं करीब 50 फीसदी थीं, जबकि पुरुषों के लिए यह आंकड़ा 25 फीसदी था। दुनियाभर में तीन में से एक महिला पर्याप्त शारीरिक क्रियाकलाप नहीं करती है, जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा चार में से एक है।

उच्च आय वाले देशों में शारीरिक श्रम कम करने वालों का आंकड़ा 37 फीसदी है, जबकि मध्यम आय वाले देशों में 26 फीसदी। वहीं, निम्न आय वाले देशों में यह आंकड़ा 16 फीसदी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो कम शारीरिक क्रियाकलाप करनेवालों की तादाद 2025 तक घटाकर 10 फीसदी करने का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाएगा। शोध के प्रमुख लेखक रेगिना गुथोल्ड ने कहा, दुनियाभर में अन्य प्रमुख स्वास्थ्य के खतरों की तरह शारीरिक क्रियाकलाप कम करने वालों के स्तर में कमी नहीं हो रही है।

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एक्सरसाइज करने के फायदे

  • अच्छी सेहत के लिए लड़कों को प्रतिदिन 13 हजार और लड़कियों को 11 हजार कदम चलने की सलाह देते हैं। किशोरों को रोजाना एक घंटे शारीरिक कसरत से जुड़े काम करने की सलाह दी जाती है। 
  • नियमित रूप से 30-45 मिनट एक्‍सरसाइज करने से आपके दिमाग के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। यह आपके मूड को भी ठीक करता है। एक्‍सरसाइज से नई तन्त्रिका कोशिकाओं का निर्माण होता है जिससे अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियां दूर रहती हैं।
  • दिल को स्‍वस्‍थ रखने और मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम बहुत जरूरी है। शारीरिक परिश्रम की कमी दिल की बीमारियों की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है। विशेषज्ञ भी दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम पर जोर देते हैं। नियमित व्यायाम करने वालों का दिल मजबूत होता है साथ ही दिल के मरीजों को व्‍यायाम करने से राहत भी मिलती है। तो क्‍यों न दिल को मजबूत बनाने के लिए रोज व्‍यायाम करें। 
  • एक्‍सरसाइज के समय सांस के द्वारा अधिक मात्रा में हवा शरीर में प्रवेश करती है और दिल तेजी से धड़कता है। ऑक्सीजन की अधिक मात्रा फेफड़ों से खून के जरिए शरीर के दूसरे भागों में पहुंचती है। वहीं सांस बाहर छोड़ते समय कार्बनडाईऑक्साइड शरीर से बाहर निकलती है और ऑक्सीजन रहित रक्त दिल से होते हुए फेफड़ों में पहुंचता है। मांसपेशियां ऑक्सीजन का इस्तेमाल अधिक ऊर्जा के निर्माण के लिए करती हैं। इसलिए एक्‍सरसाइज आपको ऊर्जावान बनाए रखती है।

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