क्‍या आपके भी निकलते हैं बिना वजह आंसू? बेवजह रोने की हो सकते हैं ये 4 कारण

Updated at: May 10, 2020
क्‍या आपके भी निकलते हैं बिना वजह आंसू? बेवजह रोने की हो सकते हैं ये 4 कारण

आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनकी आंखों से कई बार बिना किसी कारण के आंसू आते हैं? आइए यहां हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्‍यों होता है। 

Sheetal Bisht
अन्य़ बीमारियांWritten by: Sheetal BishtPublished at: May 10, 2020

कई बार आप कोई इमोशनल फिल्‍म के सीन को देखकर रो पड़ते है, तो कभी प्‍याज काटते हुए। लेकिन कई बार आप इन सबके अलावा  बिना किसी कारण के आपकी आंखों में आंसू होते हैं। आपने कई बार सुना होगा कि रो देने से आपका दुख कम होता है और मन हल्‍का होता है। वहीं कम रोने या न रोने वाले लोगों को सख्‍त या मजबूत इंसान की निशानी माना जाता है। लेकिन कभी-कभी आपने देखा होगा कि आप बेवजह भावुक या रोने लगते हैं। आखिर बेवजह रोने के क्‍या कारण हैं, आइए यहां जानिए। 

1. बर्नआउट 

Burnout

स्ट्रेस और बर्नआउट ऑफ़ वर्क बिना किसी कारण के आपकी आंखो में आंसू या रोने का एक संभावित कारण हो सकता है। बेवजह रोना या आंसू आना तनावों से जुड़ा है। बर्नआउट में रोने के अलावा, सिरदर्द, पेट की समस्याएं और तनावपूर्ण जीवन के कुछ अन्य लक्षण शामिल हैं। काम का अधिक दबाव या संघर्ष और तनावपूर्ण वातावरण में रहना आपके लिए बुरा हो सकता है इसलिए तनाव से बचने के लिए एक ब्रेक लेना जरूरी है। 

इसे भी पढ़ें: पैरों में कील या फुट कॉर्न्‍स (Foot Corns) के इलाज में मदद करेंगे ये 5 आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

2. स्यूडोबुलबार प्रभाव (PBA)

स्यूडोबुलबार प्रभाव (PBA)एक ऐसी मानसिक बीमारी है, जो न्यूरोलॉजिकल चोटों या स्थितियों वाले लोगों को होती है। इस बीमारी में व्‍यक्ति को अनियंत्रित हंसी या रोना आता है। इस बीमारी के होने पर व्‍यक्ति अचानक और बेकाबू होकर रोने या हंसने लगता है। यह ज्यादातर उन लोगों को होता है, जिन्हें दिमागी चोट, मल्टीपल स्केलेरोसिस, डिमेंशिया, लू गेहरिग्स डिजीज (ALS) या स्ट्रोक सर्वाइवर हों। 

PBA

3. प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS)

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के कारण रोना, आखों से आंसू, मूडी और इंफ्लमेशन आदि कुछ लक्षण हैं। आपके पीरियड्स के लगभग 1 या 2 हफ्ते पहले, आपको मूड स्विंग, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, गुस्से का बढ़ना, चिंता और रोना या आंसू आना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।  के मंत्र का अनुभव हो सकता है। प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के अन्य शारीरिक लक्षण  थकान, सिरदर्द, भूख, पाचन समस्याएं और दर्द हैं। ये हार्मोनल परिवर्तन के कारण होता है। 

इसे भी पढ़ें: डर्मटॉलजिस्ट से जानें सेबोरीक एक्जिमा से निपटने के 3 असरदार घरेलू उपाय

4. नींद की कमी

आपको हर दिन कम से कम 7-9 घंटे की नींद की लेनी चाहिए। यदि आप सही मात्रा में नींद नहीं लेते हैं, तो यह आपके मूड और भावनाओं पर असर डालता है। नींद पूरी न होने से  भावनात्मक प्रतिक्रिया में बदलाव आता है और हमारा दिमाग महत्वपूर्ण और बेकार और बेहतर प्रबंधन के बीच अंतर करने की क्षमता खो देता है। इस वजह से, सब कुछ एक बड़ी बात की तरह लगता है। यह आपके भावनात्मक असंतुलन को जन्म दे सकता है।

Read More Article On Other Diseases In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK