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जानें क्‍यों न सोने से ज्यादा खतरनाक है टुकड़ों में नींद लेना

तन मन By Devendra Tiwari , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 15, 2016
जानें क्‍यों न सोने से ज्यादा खतरनाक है टुकड़ों में नींद लेना

समय की कमी या फिर दूसरे कारणों से कुछ लोग एक साथ लंबी और अच्‍छी नींद नहीं ले पाते फिर वे टुकड़ों में नींद लेने लगते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं टुकड़ों में नींद लेना कितना नुकसानदेह है, इस लेख में हम आपको बता रहे हैं।

लंबी और चैन की नींद सौभाग्यशाली लोगों को ही मिलती है, सभी के लिए एक बार में 7-9 घंटे सोना संभव नहीं है। नींद की कमी से कई सारी बीमारियां भी होने लगती हैं। जिनको बच्चा होता है उनके लिए भी भरपूर नींद कुछ सालों तक एक सपने की तरह होता है। लेकिन जो लोग एक बार में भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं या फिर देर रात तक जगने के बाद सोते हैं उनके मन में अक्सर खयाल आता है कि क्यों न टुकड़ों में नींद पूरी की जाये। इस लेख में इस बात की पड़ताल करते हैं कि टुकड़ों में नींद लेना कितना खतरनाक है।

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एक शोध के अनुसार

अमेरिका के जॉन हॉपकिंस युनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में दो तरह की नींद का तुलनात्मक अध्ययन किया। एक बिना की व्यवधान के लंबी नींद और दूसरी कम समय के लिए टुकड़ों में ली जाने वाली नींद। इस शोध में 62 सेहतमंद पुरुष एवं महिलाओं को शामिल किया गया और प्रतिभागियों को 3 दिनों तक एक प्रयोगशाला में रखा गया। इनमें कुछ लोगों को बार-बार जगाया गया।


शोध का परिणाम

वैज्ञानिकों ने इस शोध में पाया कि पहली रात के बाद दोनों ही समूह के प्रतिभागियों को थकान थी। बाद की रातों में टुकड़ों में सोने वाले समूह की अपेक्षा देर रात के बाद शांति से सोने वाले समूह के लोगों का मूड 30 प्रतिशत बेहतर था। यह भी पता चला कि टुकड़ों में सोने वाले लोग अगले दिन ज्यादा थके और सुस्त नजर आए।


अच्छी नींद की कमी भी खतरनाक

एक दूसरे शोध जो कि स्लीप जर्नल में प्रकाशित हुआ, उसकी मानें तो, जो लोग दिन में 6 घंटे की नींद लेते हैं, उन्हें सात घंटे प्रतिदिन नींद लेने वालों की अपेक्षा बीमारी का खतरा चार गुना ज्यादा रहता है।

अब आइए जानते हैं कि कम नींद लेने का प्रभाव किस तरह पड़ता है:

याद्दाश्त कमजोर होना

कम नींद लेने का प्रभाव दिमाग पर पड़ता है और दिमाग सही तरीके से काम नहीं करता है। इसकी वजह से पढ़ने, सीखने व निर्णय लेने से संबंधित समस्याएं औऱ भावनात्मक कमजोरी भी पैदा हो सकती है।


पौरुषत्व पर असर

टुकड़ों में नींद लेने और कम नींद लेने का असर पुरुषों के पौरुषत्व पर पड़ता है। लगातार कम नींद लेने से पुरुषों के वीर्य में कमी या खराब गुणवत्ता के वीर्य जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।


भूख अधिक लगना

टुकड़ों में नींद लेने से मेटाबॉलिज्म कमजोर हो जाता है। कम नींद लेने के कारण हार्मोन में असंतुलन भी होता है जिसके कारण अधिक भूख लगती है। इसके कारण ही अच्छी नींद न लेने वाले लोगों को पेट भरने का आभास देर से होता है। इसलिए टुकड़ों में सोने की बजाय एक साथ लंबी नींद लीजिए। एक निश्चित दिनचर्या बनायें और उसका पालन भी करें, समय के पाबंद रहें।

Image Source : Getty

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