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इन कारणों से बुरा मरीज होना भी है बेहतर

तन मन By Meera Roy , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 18, 2016
इन कारणों से बुरा मरीज होना भी है बेहतर

असल में यदि मरीज अस्पताल के नियम जानते हैं साथ ही अधिकारों से वाकिफ हैं तो वे बुरे मरीज बनकर बेहतर इलाज पा सकते हैं। सवाल है वे कौन सी बातें हैं जो मरीजों को जाननी चाहिए? आइये जानते हैं।

अकसर मरीज बनें लोगों को अस्पताल के कर्मचारियों की बदतमीजी, अपमानजनक भाषा, फूहड़ व्यवहार आदि सबकुछ झेलना पड़ता है। खासकर सरकारी अस्पतालों की स्थिति तो और भी खराब है। श्रीदादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय से डिलीवरी कराने का वीना (बदला हुआ नाम) का बेहद खराब अनुभव रहा है। वीना कहती है, ‘मैं प्रसव पीड़ा से पीडि़त थी। वहां मौजूद सभी डाक्टर इस तरह पेश आ रहे थे मानो मैं चपरासी हूं या फिर कोई जमादार। उनकी भाषा में सौम्यता तो थी ही नहीं वरन हर शब्द ऐसा था जैसे मुझे नीचा दिखाने की कोशिश थी। बावजूद इतनी पीड़ा के मैंने जब उन्हें पलटकर जवाब दिया तो वही उल्टा मुझे यह कहने लगे कि अगर इतना ही धौंस दिखाना है तो सरकारी अस्पताल में क्यों आए हो, प्राइवेट में क्यों नहीं दिखाते। ऐसा लगता है कि मानों सरकारी अस्पताल उनकी निजी जागीर है और हम यानी मरीज, उनके नौकर।

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यह बात सिर्फ सरकारी अस्पतालों की ही नहीं तमाम प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों को डाक्टरों व अस्पतालों के अन्य स्टाफों की फूहड़ भाषा झेलनी पड़ती है। मरीज के पास दो ही विकल्प बचते हैं। पहला वह चुप रहें और दूसरा वे मुंह तोड़ जवाब दे। तमाम शोध सर्वेक्षण इस ओर इशारा करते हैं कि जो मरीज पलटकर जवाब देते हैं, उनके न सिर्फ काम समय पर होते हैं बल्कि उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट भी मिलता है। असल में यदि मरीज अस्पताल के नियम जानते हैं साथ ही अधिकारों से वाकिफ हैं तो वे बुरे मरीज बनकर बेहतर इलाज पा सकते हैं। सवाल है वे कौन सी बातें हैं जो मरीजों को जाननी चाहिए? आइये जानते हैं।


अधिकार जानें

निश्चित रूप से वही मरीज डाक्टर या स्टाफ के ऊपर चिल्ला सकते हैं जो अपने अधिकारों से वाकिफ रहते हैं। स्टाफ या डाक्टरों के ऊपर चिल्लाने का मतलब यह नहीं है कि आप उनके साथ बदतमीजी करें। लेकिन यदि आपको लगे कि वे आपके अधिकारों का हनन कर रहे हैं, आपको संपूर्ण सुविधाएं नहीं दे रहे हैं तो डाक्टरों के न सिर्फ चिल्लाएं वरन चिल्लाकर उन्हें यह भी समझा दें कि आप बेवकूफ नहीं हैं। आपको अपने अधिकार मालूम हैं। यकीन मानिए आपकी जानकारी आपके बेहतर इलाज की गारंटी बन सकती है।


नियम जानें

यदि आप अस्पताल के नियम जानते हैं तो भी आप डाक्टरों को झाड़ सकते हैं। उन्हें यह एहसास करा दें कि आप जानकारी के साथ साथ आप नियमों के प्रति भी सजग हैं। दरअसल नियमों के जानने के बाद जब भी अस्पताल का डाक्टर या अन्य कोई स्टाफ आपके साथ बदतमीजी के साथ पेश आता है तो आप उसे अस्पताल के नियम बताते हुए उनके दायित्व बता सकते हैं। विकास का कहना है, ‘मैं जब अस्पताल में भर्ती था तो वहां के डाक्टर, खासकर वार्ड ब्वाय मुझसे इस तरह पेश आते थे जैसे अस्पताल में भर्ती होने के लिए मैं नहीं, वो मुझे पैसे दे रहे हैं। चूंकि मैं वहां के नियमों से वाकिफ था तो मैंने स्टाफ को खूब खरी खोटी सुनाई।’


सुविधाओं का लाभ

हर प्राइवेट या सरकारी अस्पतालों में विशेष सुविधाएं दी जाती हैं ताकि मरीज को परेशानी का सामना न उठाना पड़े। लेकिन कुछ मरीज सुविधाओं का लाभ उठाने से संकोच करते हैं। उन्हें लगता है स्टाफ उनकी मदद नहीं करेगा। ऐसी अवधारणा से बाहर आने की दरकार है। आखिरकार आप अस्पताल को मोटा पैसा देते हैं। ऐसे में तमाम सुविधाओं के लाभ अवश्य उठाएं। करण का कहना है, ‘मैं हृदयाघात के कारण कई दिन अस्पताल में भर्ती था। हालांकि डाक्टर मेरे साथ अच्छे से पेश आते थे क्योंकि उन्हें पता था कि कमजोर मरीज हूं। लेकिन वहां की नर्सों को जैसे मेरी बीमारी और मुझसे बहुत परेशानी थी। साथ ही अन्य स्टाफ भी मुझसे परेशान था। जब भी मैं उन्हें अपनी समस्या बताने के लिए काल बेल बजाता था, वे आने से बचते थे। लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी। मैं स्टाफ को यह कहकर झाड़ दिया कि मुझे यहां की सुविधाएं तुम लोग मुफ्त में नहीं दे रहे। ये मेरा अधिकार है कि मैं यहां के तमाम सुविधाओं का लाभ उठाउं।’


वेटिंग रूम में काफी देर तक न रहें

यदि मरीज होने के बाद भी आपको घंटों वेटिंग रूम में बैठाया गया है। आप आप बार बार दरखास्त करते हैं कि आपको पहले देख लिया जाए लेकिन अस्पताल का स्टाफ की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती तो आप तमाम मरीजों के सामने उनके रिसेपशनिस्ट को झाड़ सकते हैं। ऐसा करने से रिसेपशनिस्ट को शर्मिंदगी महसूस होगी। इतना ही नहीं वह आपकी बात डाक्टर तक पहुंचा देगी।


कर्तव्य जानें

माना कि अस्प्ताल में कई स्टाफ आपके साथ बदतमीजी के साथ पेश आते हैं। लेकिन क्या वे आपके इलाज में जरा भी लापरवाही बरतते हैं? यदि नहीं तो अस्पताल के प्रति आपके भी कुछ कर्तव्य होते हैं, उन्हें जानें। उन्हें कायदे से पूरा करें और अस्पताल के स्टाफ के अच्छे व्यवहार के पात्र बनें।

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Image Source : Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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