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गाय या भैंस, जानिए बच्चों के लिए कौन सा दूध है फायदेमंद

स्वस्थ आहार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 25, 2018
गाय या भैंस, जानिए बच्चों के लिए कौन सा दूध है फायदेमंद

दूध को लेकर समय समय पर कई तरह की अफवाहें उड़ती रहती है। आज हम आपको दूध से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बता रहे हैं।

चाहे बच्चा हो या बड़ा हो दूध पीना सभी के लिए फायदेमंद होता है। दूध में भारी मात्रा में प्रोटीन और कई अन्य ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिनकी हमारे शरीर को बहुत जरूरत होती है। हम लोग बचपन से ही सुनते आए हैं कि दूध सेहत के लिए अच्छा होता है। दूध ही नहीं, इससे बने अन्य आहार जैसे- दही, छाछ, घी, मक्खन और पनीर के भी अपने फायदे हैं। लेकिन यह दुविधा भी हमेशा रहती है कि इनका उपयोग कब, कितना और किस समय किया जाए। दूध को लेकर समय समय पर कई तरह की अफवाहें उड़ती रहती है। आज हम आपको दूध से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बता रहे हैं।

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गाय या भैंस का दूध

गाय और भैंस के दूध के मुकाबले पाउडर मिल्क बेहतर है। ऐसा इसलिए क्योंकि गाय या भैंस के दूध में मिलावट की गुंजाइश होती है। हां, अगर अपने सामने दूध निकलवा कर लेते हैं तो गाय या भैंस का दूध पीने में कोई खराबी नहीं है। भैंस के दूध में गाय के दूध के मुकाबले ज्‍यादा फैट होता है। गाय के 100 मिली दूध में करीब 65-70 कैलरी होती है, जोकि मां के दूध जितनी ही है। गाय के दूध में फैट भी कम होता है। भैंस के 100 मिली दूध में 117 कैलरी होती है। मोटापे से ग्रस्त लोगों को भैंस के दूध से परहेज करना चाहिए और कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को गाय के दूध से परहेज करना चाहिए।

टोंड या डबल टोंड दूध

कोलेस्ट्रॉल और फैट से बचने के लिए टोंड या डबल टोंड दूध पीना बेहतर है। बच्चों को फुल क्रीम मिल्क ही देना चाहिए। 6 महीने तक के बच्चों के लिए मां का दूध ही बेहतर होता है। बच्चों को 1 साल के बाद पैकेट वाला फुल क्रीम दूध दे सकते हैं।

टेट्रा पैक दूध

टेट्रा पैक दूध की क्वॉलिटी बाकी दूध से बेहतर नहीं होती। बस, पैकिंग का फर्क है। यह सच है कि इस पैकिंग में दूध लंबे वक्त तक खराब नहीं होता लेकिन यह गलत है कि टेट्रा पैक दूध दूसरे दूध से बेहतर है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, आमतौर पर एक वयस्क रोजाना 1000 से 1200 एमजी तक कैल्शियम लेता है। एक गिलास दूध में 285 एमजी तक कैल्शियम होता है। शरीर इस कैल्शियम का इस्तेमाल हड्डियों और दांतों को मजबूत करने के लिए करता है। नियमित सही मात्रा में दूध पीने से उम्र बढऩे के साथ हड्डियों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। दूध में मौजूद फॉस्फोरस कैल्शियम को सोखने और हड्डियों को बचाए रखने में मदद करता है।

पहचानें दूध की क्वॉलिटी

दूध के रंग, स्वाद और गाढ़ेपन से उसकी क्वॉलिटी की पहचान की जा सकती है। अगर इनमें कुछ असामान्यता नजर आए तो दूध में मिलावट हो सकती है। इसके अलावा, दूध में उंगली डाल कर भी देख सकते हैं। अगर दूध में ज्‍यादा मात्रा में पानी होगा तो वह ऊपर की तरफ आ जाएगा।

किस उम्र में कितना दूध

दूध एक कंप्लीट फूड है। दूध और अंडा ही ऐसे फूड आइटम हैं, जो संपूर्ण आहार हैं। दूध में सारे जरूरी प्रोटीन और अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं। दूध में बस आयरन और विटमिन सी कम पाया जाता है।

1 से 2 साल के बच्चों को ब्रेन के बेहतर विकास के लिए ज्‍यादा फैट वाली डाइट की जरूरत होती है, इसलिए फुल क्रीम मिल्क देना चाहिए। इनके लिए दिन में 3-4 कप दूध (करीब 800-900 मिली) जरूरी है। 2 से 3 साल के बच्चों को रोजाना दो कप दूध या दूध से बनी चीजें देनी चाहिए। 4-8 साल की उम्र के बच्चों को ढाई कप दूध और दूध से बनी चीजों जैसे- पनीर, दही आदि रोजाना देना जरूरी है। 9 साल से ज्‍यादा के बच्चों को रोजाना करीब तीन कप दूध या दूध से बने हुए उत्पाद जैसे- दही, पनीर आदि देना चाहिए। शारीरिक रूप से ऐक्टिव टीनएजर्स को रोजाना करीब 3000 कैलरी की जरूरत होती है। इन्हें 4 कप तक दूध और दूध से बनी चीजें दे सकते हैं।

हड्डियों के लिए दूध

हड्डियों की मजबूती के लिए दूध जरूरी है, इसलिए बच्चों को ही नहीं, बड़ों को भी दूध जरूर पीना चाहिए। वयस्कों को फुल क्रीम के बजाय टोंड या स्किम्ड मिल्क पीना चाहिए। एक ग्लास फुल क्रीम दूध में 146 कैलरी, 8 ग्राम फैट, इतने ही टोंड दूध में 102 कैलरी और 2 ग्राम सैचुरेटेड फैट होता है। स्किम्ड मिल्क में 83 कैलरी होती है। इसमें फैट नहीं होता।

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