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छोटे बच्चे को कैसे दें टॉयलेट ट्रेनिंग? जानें कौन सी बातें समझानी हैं बेहद जरूरी

परवरिश के तरीके By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 18, 2019
छोटे बच्चे को कैसे दें टॉयलेट ट्रेनिंग? जानें कौन सी बातें समझानी हैं बेहद जरूरी

बच्चा जब छोटा होता है, तो वो टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाता है। लेकिन आमतौर पर एक-दो साल की उम्र के बाद बच्चे किसी बड़े का सहारा लेकर टॉयलेट का इस्तेमाल करने लगते हैं। शुरुआत में ही मां-बाप या गार्जियन अगर बच्चे को सही से टॉयलेट ट्रेनिंग नहीं देत

बच्चा जब छोटा होता है, तो वो टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाता है। लेकिन आमतौर पर एक-दो साल की उम्र के बाद बच्चे किसी बड़े का सहारा लेकर टॉयलेट का इस्तेमाल करने लगते हैं। शुरुआत में ही मां-बाप या गार्जियन अगर बच्चे को सही से टॉयलेट ट्रेनिंग नहीं देते हैं, तो बच्चे को कई परेशानियां होती हैं और गलत इस्तेमाल से उन्हें कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। आइए आपको बताते हैं बच्चों को टॉयलेट या पॉटी की ट्रेनिंग देते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

शुरुआत में ऐसे सिखाएं प्रयोग

आमतौर पर शुरुआत में बच्चे टॉयलेट सीट पर बैठने या पॉटी करने से घबराते हैं और मना करते हैं। मगर यदि उन्हें सही ट्रेनिंग दी जाए, तो वो जल्द ही इसका प्रयोग सीख जाते हैं। शुरुआत में शिशु को टॉयलेट ट्रेनिंग देते समय उसे सीट पर बिठाकर सीटी या कुछ ऐसी ही आवाज का प्रयोग कर सकते हैं। धीरे-धीरे आवाज को पहचान लेने के बाद वह खुद ही समझ जाएगा कि यह पॉटी या सूसू करने की हिदायत है। यदि शिशु सीट का प्रयोग करने से कतराता है तो उसे जबरदस्ती मत बिठाइए।

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शिशु को टॉयलेट में ठीक से बैठना सिखाएं

बच्चा जब छोटा हो तभी उसे टॉयलेट में स्थिर होकर बैठना सिखाएं क्योंकि थोड़ा बड़ा हो जाने पर शिशु शरारती हो जाते हैं और बार-बार भागने की कोशिश करते हैं या खड़े होने लगते हैं, जिससे आपको परेशान होना पड़ सकता है। बच्चे को साफ-सफाई का महत्व समझाएं और मानसिक रूप से तैयार करें ताकि वो बार-बार टॉयलेट सीट से भागे नहीं।

पेशाब या पॉटी को रोकना कब सीखते हैं बच्चे

मूत्राशय और मलाशय के भर जाने पर इनसे संबंधित मांसपेशियां दिमाग को संकेत भेजती हैं, जिससे हमें पता चलता है कि हमें पॉटी या पेशाब करने जाना है। छोटे बच्चों में इस बात का संकेत भेजने वाली मांसपेशियां आमतौर पर 18-24 महीने बाद विकसित हो पाती हैं इसलिए छोटे बच्चे ये नहीं बता पाते हैं कि उन्हें कब टॉयलेट जाना है। अगर आप बच्चों पर इस बात के लिए गुस्सा करते हैं कि उसने पैंट खराब कर दी, तो आप गलत हैं।

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बच्चों के लिए अलग टॉयलेट सीट

छोटे बच्चों के लिए सामान्य टॉयलेट सीट पर ही आसानी से लग जाने वाली छोटी सीट्स आती हैं। इस सीट पर बच्चे आराम से बैठ सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इस सीट को अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है। अगर बच्चे का पैर जमीन तक नहीं पहुंच रहा है, तो छोटी सी स्टूल लगा दें ताकि बच्चा सीट में गिर न जाए।

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