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किस सब्जी को ज्यादा पकाने से हमारी सेहत को पहुंच रहा नुकसान, न्यूट्रिशिनिस्ट से जानें उस सब्जी का नाम

Updated at: Jan 24, 2020
विविध
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 24, 2020
किस सब्जी को ज्यादा पकाने से हमारी सेहत को पहुंच रहा नुकसान, न्यूट्रिशिनिस्ट से जानें उस सब्जी का नाम

स्वाद के चक्कर में हम अक्सर सब्जियों को इतना ज्यादा पका देते हैं कि वह हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी काम की नहीं रहती। 

अक्सर हम इस बात को लेकर बहस करते हैं कि कौन सी सब्जियों को कच्चा खाना फायदेमंद होता है और कौन सी सब्जियों को पकाकर। पोषण विशेषज्ञ भी लोगों को कुछ सब्जियों को कच्चा व कुछ को पकाकर खाने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या हम इस बात को जानते हैं कि अनजाने में हम किन सब्जियों को गलत तरीके से पका लेते हैं, जिसके कारण न केवल उनमें मौजूद पोषक तत्व भी खत्म हो जाते हैं बल्कि उनसे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ भी कम हो जाते हैं। इस लेख में  हम आपके इसी सवाल का जवाब लेकर हाजिर है कि अनजाने में ही सही आप किन सब्जियों के पोषक तत्वों को खत्म कर सेहतमंद बनने की कोशिश कर रहे हैं। अनजाने में आप किन सब्जियों के पोषक तत्वों को खत्म कर रहे हैं इस बारे में आपको बता रही हैं न्यूट्रिशन एक्सपर्ट शुचि अग्रवाल

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शुचि अग्रवाल का कहना है कि मुझे लगता है कि बहुत बार लोग हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूरत से ज्यादा पका देते हैं, जिसके कारण उनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं और ये उतनी हेल्दी नहीं रहती, जितनी कि आप सोचते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय रसोईघरों में पालक, मेथी, डिल के पत्ते, मूली के पत्ते, सरसों का साग जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत ज्यादा बनाई जाती हैं। ये लगभग ज्यादातर भारतीयों को काफी पसंद भी होती है क्योंकि इनमें पौष्टिकता भरी हुई होती है। ज्यादातर लोग हरी सब्जियों को बहुत ज्यादा वक्त तक पकाते हैं, जिसके कारण इनका प्राकृतिक हरा रंग हल्का पड़ने लगता है।

शुचि अग्रवाल का कहना है कि मेरे विचार में इन पत्तेदार सब्जियों को बनाने से पहले सही तरह से धोना चाहिए। उसके बाद जितनी जरूरत है उतना ही काटना चाहिए और उसके बाद पकाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि मैंने यह भी देखा है कि हरी पत्तेदार सब्जियों को अगर घी या फिर तेल में कुछ विशेष मसालों के साथ बनाया जाए तो इनका स्वाद और बेहतर हो जाता है।

साग जैसी हरी पत्तेदार सब्जी की करी को हमेशा जरूरत से ज्यादा पकाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर साग को जरूरत से ज्यादा न पकाया जाए और इसका रंग अपने वास्तविक रूप में ही रहे तो इसका स्वाद और बेहतर आता है।  साग का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है जब इसे मोटा काट कर बनाया जाए।

इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखने की जरूरत होती है कि इन हरी सब्जियों के वास्तविक रंग और स्वाद को जितना हो सके उतना बनाए रखा जाना चाहिए ताकि हमारे शरीर को जरूरी पौष्टिक तत्वों के साथ-साथ कई और लाभ भी मिलें।

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ब्रसेल्स स्प्राउट्स

गोभी जैसी दिखने वाली ब्रसेल्स स्प्राउट्स छोटी होने के बावजूद पोषक तत्वों से भरी होती है। एक कप (156 ग्राम) पके ब्रसेल्स स्प्राउट्स में आपको विटामिन K की 137 फीसदी की दैनिक मात्रा मिलती है। ये आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने और ह्रदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। विटामिन ए, बी, सी, मैंग्निज और पोटेशियम का उम्दा स्त्रोत ब्रसेल्स स्प्राउट्स फाइबर और अल्फा-लिपोइक एसिड की भी प्रचुर मात्रा से भरा होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है।

चुकंदर

चुकंदर के स्वास्थ्य लाभ बहुत ही अद्भुत हैं। पोषक गुणों से भरपूर चुकंदर के एक कप (156 ग्राम) में करीब 6 ग्राम फाइबर और विटामिन सी की दैनिक मात्रा का 34 फीसदी हिस्सा होता है। विटामिन बी, ई, पोटेशियम, मैंग्निज और मैग्निशियम के अच्छे स्त्रोत में शामिल चुकंदर हाई फाइबर से भी भरा होता है, जो हमारे पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। चुकंदर ब्लड सर्कुलेशन में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। चुकंदर का सेवन डायबिटिक लोगों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

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शलजम

शलजम का एक कप (170 ग्राम) आपके शरीर के लिए जरूरी विटामिन सी की दैनिक जरूरत का आधा हिस्सा और पोटेशियम के 16 फीसदी हिस्सा पूरा करता है। चुकंदर में पाया जाने वाला पोटेशियम सेहत के साथ-साथ हमारे ह्रदय गतिविधियों के लिए भी आवश्यक है। पोटेशियम शरीर के ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने का भी काम करता है।

मूली

मूली में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन बी, सी कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम करते हैं। मूली के गुण एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। ये एंटी-ऑक्सीडेंट सूजन व जलन को कम करने में मदद करते हैं। एक अध्ययन में सामने है कि मूली ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती है।

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