सिर, जबड़ों व गालों पर होने वाला दर्द है इस गंभीर रोग का कारण, जानें बचाव

Updated at: Mar 27, 2018
सिर, जबड़ों व गालों पर होने वाला दर्द है इस गंभीर रोग का कारण, जानें बचाव

ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया बीमारी से चेहरे पर खासा प्रभाव पड़ता है, आइए जानें ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के बारे में कुछ और जानकारी।

Atul Modi
संक्रामक बीमारियांWritten by: Atul ModiPublished at: Mar 27, 2018

ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया बीमारी से चेहरे पर खासा प्रभाव पड़ता है, इसके होने से मांसपेशियों का गंभीर दर्द उठता है, यह बीमारी तंत्रिका विकार के कारण उत्पन्न होती है। ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया नर्व डिसआर्डर से संबंधित रोग है। यह दर्द मस्तिष्क की ट्राइजेमिनल नर्वस में पैदा होता है। आइए जानें ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के बारे में कुछ और जानकारी।



ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के लक्षण 

  • मेडिकल साइंस में ये बीमारी दुनिया की सबसे दर्दनाक बीमारियों में गिनी जाती है। इसमें शरीर के नसों में जबर्दस्त दर्द और ऐंठन होती है।
  • ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया का सबसे ज्यादा प्रभाव सिर,जबड़ों और गालों पर होता है।
  • ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया नसों को प्रभावित करने वाली ऐसी बीमारी है जो 15000 में से एक व्यक्ति को होती है। इसकी चपेट में उम्रदराज लोग ज्यादा आते हैं।
  • ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के लक्षणों में पीडि़त व्यक्ति चेहरे को उस स्थान को आराम से चिन्हित कर सकता है जहां दर्द हो रहा है।
  • ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के दौरान हवा के तेज झोंके या फिर किसी के अचानक छू जाने से भी चेहरे के उस हिस्से में भीषण दर्द होने लगता है।
  • खाते-पीते, बात करते, शेव करते समय भी दर्द परेशान कर सकता है।
  • इस समस्या का एक कारण ट्यूमर या मल्टिपल स्क्लेरोसिस भी हो सकता है।

ट्राईजेमिनल न्यूरलजिया के कारण

  • शोधों के अनुसार अस्वभाविक रूप से बढ़ी हुई एक रक्त वाहिका ट्राइजेमिनल नर्व पर दबाव डालती है जिससे नर्व में एक शॉट सर्किट बन जाता है। जिस कारण रोगी को दर्द का अहसास होता है।
  • किसी घातक बीमारी, ट्यूमर या किसी दुर्घटना में नर्व के दबने से भी ये रोग हो सकता है।
  • टंग पियर्सिंग यानी जिहृ छेदन से भी यह रोग हो सकता है।
  • कई बार इस रोग के कारणों का पता लगाना नामुमकिन हो जाता है ऐसे में इस स्थिति को इडियोपैथिक कहा जाता है।
  • इस बीमारी का इलाज दवाओं और सर्जरी दोनों से ही संभव है लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी कितनी बढ़ गई है।

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