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बार-बार बिस्तर से गिर जाता है बच्चा तो करें ये आसान उपाय, ध्यान रखने में मिलेगी मदद

परवरिश के तरीके By मिताली जैन , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 18, 2019
 बार-बार बिस्तर से गिर जाता है बच्चा तो करें ये आसान उपाय, ध्यान रखने में मिलेगी मदद

शिशु भले ही उम्र में कम हो, लेकिन फिर भी अपने हाथ-पैरों को हिलाता है। अगर बच्चे को कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दिया जाए तो उसके गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में बिस्तर से नीचे गिरने पर वह चोटिल भी हो सकता है।

छोटे बच्चों को लेकर माता-पिता यकीनन काफी केयरफुल होते हैं, लेकिन फिर भी बच्चे को दुर्घटनाओं से पूरी तरह से नहीं बचाया जा सकता। दरअसल, जब बच्चा छोटा होता है तो कई बार आप उसे बिस्तर पर लिटाकर अपने काम में लग जाते हैं। उस दौरान बच्चा अपने हाथ-पैर मारता है या फिर नींद में भी कई बार वह बिस्तर से नीचे गिर जाता है। यह स्थिति उसके लिए काफी गंभीर हो सकती है। तो चलिए जानते हैं कि बच्चे के बिस्तर से नीचे गिरने पर आप क्या करें-

करें जांच

अगर बच्चा सिर के बल गिरा हो तो सबसे पहले बच्चे को धीरे से उठाएं और सिर पर दिखाई देने वाले रक्तस्राव और गांठ की जांच करें। इसके बाद शिशु के शरीर के बाकी हिस्सों जैसे हाथ, पैर, छाती और पीठ आदि की भी जाँच करें। अगर गिरते ही बच्चा बेहोश हो जाए या उसे बहुत अधिक ब्लीडिंग हो रही हो या हड्डी टूटने के लक्षण नजर आए या फिर आपको ऐसा लगता है कि उसे गंभीर चोट लगी है तो तुरंत उसे डॉक्टर के पास लेकर जाएं। चूंकि बच्चा बोलकर अपनी परेशानी नहीं बता सकता, इसलिए अगर वह देखने में ठीक भी लग रहा हो तो भी एक बार शिशु का चेकअप जरूर करवाएं। इससे बच्चे को आंतरिक रूप से चोट लगने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

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मॉनिटरिंग है जरूरी

कई बार ऐसा होता है कि गिरने के बाद बच्चे की चोट तुरंत नजर नहीं आती, ऐसे में आप उसे कम से कम चौबीस घंटों के लिए मॉनिटर जरूर करें। अगर आपको बच्चे में कोई बदलाव नजर आता है तो डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं। साथ ही इससे आपको भी पता चल जाएगा कि बच्चा ठीक है या नहीं।

यह भी हैं लक्षण

  • कई बार ऐसा होता है कि गिरने पर बच्चे को चोट लगती है, लेकिन उसके लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन फिर भी आप कुछ लक्षणों के जरिए इसे पहचान सकते हैं। जैसे-
  • बच्चे ने सामान्य से अधिक रोना शुरू कर दिया हो।
  • उसे सोने में परेशानी हो या सोने पर वह उठकर रोना शुरू कर दे।
  • बच्चा ठीक तरह से दूध न पीए या दूध पीने के बाद उल्टी करना।

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रखें इसका ध्यान

  • यूं तो चोट कभी भी किसी को भी लग सकती है, लेकिन छोटे बच्चे अपेक्षाकृत अधिक नाजुक होते हैं, इसलिए उनके गिरने पर उन्हें गंभीर रूप से चोट लग सकती है। आपके शिशु को इस स्थिति का सामना न करना पडे़, इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जैसे-
  • कोशिश करें कि आप बच्चे को अकेले न छोड़ें।
  • अगर आपको किसी कारणवश उसे छोड़ना पड़ता है तो आप उसे पालने में लिटाएं और उसे अपने पास रखें ताकि आपकी नजर उस पर रहे।
  • अगर आपके पास पालना नहीं है तो आप बेड के दोनों साइड पर बेडगार्ड का इस्तेमाल करें। इन्हें कभी भी हटाया व लगाया जा सकता है और इन्हें लगाने के बाद बच्चे के गिरने की संभावना लगभग ना के बराबर हो जाती है। बेडगार्ड लगाने के बाद बच्चा अगर करवट लेता भी है तो भी वह गिरता नहीं है।

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