क्या है यूटीआई और यह कितने प्रकार की होती है? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

Updated at: Sep 18, 2018
क्या है यूटीआई और यह कितने प्रकार की होती है? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन महिलाओं को होने वाली एक सामान्य परेशानी है। ज्यादातर महिलाओं को अपने जीवनकाल में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Rashmi Upadhyay
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Sep 18, 2018

यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन महिलाओं को होने वाली एक सामान्य परेशानी है। ज्यादातर महिलाओं को अपने जीवनकाल में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ लड़कियों में जल्दी-जल्दी यूटीआई की समस्या होती रहती है। ऐसे में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यूटीआई दरअसल बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से होते हुए ब्लैडर तक पहुंच जाता है और संक्रमण फैलाता है। यहां तक कि कई बार ब्लैडर में सूजन जैसी समस्या भी देखने को मिलती है। बहरहाल विशेषज्ञों की मानें तो संक्रमण की स्थिति में कुछ चीजें करने से हर महिला को बचना चाहिए ताकि उनकी समस्या विकराल रूप इख्तियार न कर ले।

यूटीआई के लक्षण

  • पेशाब के दौरान दर्द होना।
  • वैजाइना में दर्द या जलन होना।
  • यूरिन पास करने के दौरान अधिक समय लगना।
  • सेक्स के दौरान अधिक दर्द होना।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • मूत्र से दुर्गंध आना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • हल्का बुखार होना।
  • कभी-कभी मूत्र के साथ खून भी आना।

यूटीआई के कारण

यूटीआई होने की असली वजह महिलाओं का साफ न रहना है। वेबएमडी में छपे एक आलेख के मुताबिक महिलाओं को पेशाब के बाद नियमित अपने गुप्तांग की सफाई करनी चाहिए। असल में गुप्तांग बेहद संवेदनशील शारीरिक भाग होने के साथ-साथ बाहरी संक्रमण फैलने का खतरा भी इसमें सबसे ज्यादा होता है। अगर यूरेथरा यानी वह ट्यूब जहां से यूरिन पास होता है, कि अच्छी तरह सफाई न की जाए तो संक्रमण वहां से होते हुए ब्लैडर तक पहुंच सकता है जो कि यूटीआई के जिम्मेदार होता है।

क्या है यूटीआई का इलाज

वैसे यूटीआई से संबंधित ट्रीटमेंट के तहत आपको विशेषज्ञों से संपर्क करने के बाद ही दवा लेनी चाहिए। इसके लिए डाक्टर कुछ एंटीबायोटिक दवा देते हैं जो कि यूटीआई में कारगर होते हैं। कई स्थिति में वे लो डोज एंटीबायोटिक देते हैं, जो लंबे समय तक चलती है। ऐसी दवा तब दी जाती है जब महिला विशेष को बार-बार यूटीआई होता है। बहरहाल इसके अलावा पीड़ित महिला को चाहिए वे नियमित डाक्टर के कहे मुताबिक दवा  खाए और पानी ज्यादा से पिए। असल में पानी पीने से बैक्टीरिया के बाहर निकलने की संभावना ज्यादा रहती है। एक बात और हमेशा ध्यान रखें कि पेशाब के बाद अपने गुप्तांग की अच्छी तरह सफाई करें।

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यही नहीं संबंध बनाने के बाद भी सफाई बहुत जरूरी होती हैं क्योंकि कई मामलों में संबंध बनाने के बाद भी यूटीआई होने की आशंका में इजाफा हो जाता है। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि अपने गुप्तांग को हमेशा सूखा रखें। दरअसल गीले होने के कारण भी बैक्टीरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा अपने बाथरूम को साफ रखें, गुप्तांग की सफाई के लिए अच्छे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो इस संबंध में भी डाक्टर की सलाह ले सकती हैं।

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