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न' सुनने पर आपको भी आता है गुस्सा? कहीं आप रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया का शिकार तो नहीं

अन्य़ बीमारियां By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 14, 2019
न' सुनने पर आपको भी आता है गुस्सा? कहीं आप रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया का शिकार तो नहीं

अधिकांश लोग जो एडीएचडी से पीड़ित होते हैं, वे आगे चलकर 'रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया' के भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोग मानसिक रूप से किसी भी प्रकार के रिजेक्शन के लिए बहुत संवेदनशील होते हैं। इतना कि कभी-कभी किसी अस्वीकृति के कारण अपने आप को या किस

रिजेक्शन का सामना करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। 'नो' यानी कि अस्वीकृति का सामाना कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। पर जिंदगी में हम सभी को ज्यादातर बार 'ना' से ही सामना होता है। इसलिए जरूरी है कि जिस प्रकार हम किसी के 'हां' को अपना लेते हैं, उसी तरह 'ना' को भी अपनाने की कोशिश करें। चाहे करियर, जॉब हो या कोई रिश्ता कुछ लोगों के भीतर हमेशा रिजेक्शन को लेकर एक डर बना रहता है। ऐसे लोग अंतर-व्यक्तिगत संबंधों में, सामाजिक स्थितियों में या कार्यस्थलों में भी रिजेक्शन को लेकर एक नकारात्मक रवैया रखते हैं। वे कभी भी किसी भी करह के रिजेक्शन का सामना नहूीं करना चाहते। पर क्या आप जानते हैं कि रिजेक्शन का सामना न कर पाना मन का कोई डर नहीं है बल्कि एक बीमारी है। इस बीमारी को 'रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया' (Rejection sensitive dysphoria) कहते हैं। आइए आज हम आपको इस बीमारी से अवगत करवाते हैं।

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क्या है रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया (Rejection sensitive dysphoria)?

रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया (आरएसडी) एक गहन भावनात्मक प्रतिक्रिया है, जो इस धारणा के कारण होती है कि आपने अपने जीवन में दूसरों को निराश किया है और उस निराशा के कारण, लोगों ने आपको प्यार व सम्मान देना बंद कर दिया है। वही ये प्रतिक्रिया दर्दनाक तब हो सकती है, जब आप असफल हो जाते हैं या अपने उच्च लक्ष्यों और अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। आरएसडी आमतौर पर एडीएचडी के साथ होता है, और अत्यधिक भावनात्मक दर्द का कारण बनता है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

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रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया के लक्षण-

आरएसडी के लक्षणों को पहचानना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ये अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों जैसे अवसाद, पर्सनालिटी डिसऑर्डर, पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, बॉर्डरलाइन व्यक्तित्व विकार, सोशल फोबिया आदि से मिलते-जुलते हैं। आमतौर पर, आपका डॉक्टर आपकी स्थिति का आकलन करने की कोशिश कर सकता है। आरएसडी के मुख्य लक्षणों में आपकी आलोचना या अस्वीकार किए जाने पर आपको तीव्र क्रोध महसूस होना है या किसी के प्रति आक्रामकता महसूस होती है, जिससे आप अपना नुकसान कर लेते हैं आदि शामिल है। इसके साथ ही आपकी भावनाएं आहत होने पर अवसाद में चले जाना या आत्महत्या का कोशिश करना भी इसके कुछ लक्षणों में से एक है। ऐसे में आप आरएसडी से पीड़ित व्यक्तियों में हिंसक स्वभाव या आचरण आदि को महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा इसके कुछ और लक्षणों में ये भी शामिल हैं-

  • -आसानी से शर्मिंदा होना
  • -बहुत गुस्से में हों या भावनात्मक रूप से गुस्सा होना-
  • -खुद के लिए उच्च मानक निर्धारित करें जो वे अक्सर पूरा नहीं कर सकते
  • -आत्म सम्मान को कम आंकना
  • -चिंतित और सामाजिक रूप से कटा हुआ महसूस करना
  • -रिश्तों को लेकर समस्या में रहना
  • -सामाजिक परिस्थितियों से दूर होना और अन्य लोगों से पीछे हटें
  • -खुद को चोट पहुंचाने के बारे में सोचें

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रिजेक्शन सेंसिटिव डिसफोरिया का उपचार-

वहीं इसके उपचार की बात करें, तो ऐसे व्यक्तियों को डॉक्टर दवा और जीवन शैली में बदलाव सहित विभिन्न उपचार विधियों का सुझाव दे सकता है। पर्याप्त आराम करना, स्वस्थ आहार खाना और नियमित रूप से व्यायाम करना इसके उपचार का एक हिस्सा हो सकता है। इसके अलावा आप रिजेकशन सेंसिटिव डिसफोरिया से ऐसे भी बच सकते हैं। जैसे-

  • किसी भी 'न' और 'हां' को स्वाभाविक रूप से अपनाने की कोशिश करें।
  • हर चीज के पीछे सकारात्मक सोचने की कोशिश करें।
  • शुरू से यही अपने आप थोड़ा सा सामाजिक बनाने की कोशिश करें।
  • ज्यादा से ज्यादा लोगों से बातचीत करें।
  • अच्छे लोगों और किताबों को पढ़ें और समझें कि रिजेक्शन क्यों जरूरी है।

Source: Webmd

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