दांतों के आसपास जमा पस पेरियापिकल के हो सकते हैं लक्षण, जानिए इसके कारण और बचाव

Updated at: Nov 24, 2020
दांतों के आसपास जमा पस पेरियापिकल के हो सकते हैं लक्षण, जानिए इसके कारण और बचाव

हम दांतों की केयर करना अक्सर भूल जाते हैं। इसलिए दांतों को भी कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है। पेरियापिकल उन्हीं में से एक है।

Kishori Mishra
अन्य़ बीमारियांWritten by: Kishori MishraPublished at: Nov 24, 2020

मुंह के अंदर गाल की तरफ भी अगर किसी तरह का घाव या फोड़ा हो जाता है, तो वह बहुत ही तकलीफदेह हो जाता है। इसके कारण खाने से लेकर पानी पीने में भी काफी ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में सोचिए अगर आपके दांत के आसपास कोई फोड़ा निकल आए तो आपकी तकलीफ कितनी ज्यादा बढ़ जाएगी? दांतों में फोड़ा निकलने से असहनीय दर्द होता है। इससे न सिर्फ दांत पर असर पड़ता है, बल्कि सेहत पर भी इसका असर पड़ता है। दांतों के आसपास फोड़ा निकलने का कारण आमतौर पर संक्रमण (इंफेक्शन) होता है। फोड़े के कारण दांत के ऊपरी और अंदरुनी हिस्से में पस जमा हो जाता है।

दांतों के अंत में निकले फोड़े को पेरियापिकल (Periapical) कहते हैं। वहीं, मसूड़े के ऊपरी हिस्से में निकले फोड़े को पेरिडोंटल (Periodontal) कहते हैं। अगर ज्यादा दिनों तक दांतों के फोड़े का इलाज नहीं किया गया, तो दांतों की हड्डियां खराब हो जाती है। दंत फोड़ा चोट होने का कारण पहले किसी अन्य दांतों से संबंधी समस्या होती है। 

पेरियापिकल होने पर दिखते हैं ये लक्षण (Symptoms of Periapical)

शुरुआत में ही पेरियापिकल के लक्षण दिखने लगते हैं। अगर इनके लक्षणों को नजर अंदाज करते हैं, तो दांतों में होने वाला दर्द धीरे-धीरे कान, गर्दन और जबड़ा तक पहुंच जाता है। जिस दांत के अंत में फोड़ा निकलता है, उसमें काफी तेज दर्द होता है।

इसके साथ ही खाने को चबाने में भी काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा दांतों के आसपास सूजन और दांतों की नोंक के आसपास काफी दर्द महसूस होता है। इतना ही नहीं दांतों में फोड़े की वजग से चेहरे पर सूजन, सोने में परेशानी, गर्म ठंडा खाने में दिक्कत जैसे अन्य कई लक्षण दिखते हैं। अगर आपको इस तरह के कोई लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

दांतों में फोड़ा होने का कारण (Causes of Periapical)

  • दांतों की अच्छी तरह से सफाई ना करना
  • चीनीयुक्त आहार का अधिक सेवन करना
 

पेरियापिकल का इलाज (Treatment method of Tooth Periapical)

पेरियापिकल संक्रमण के कारण होता है। अगर दवाइयों और घरेलू उपचार से इसका इलाज नहीं हुआ, तो डॉक्टर्स इन विधि द्वारा पेरियापिकल का इलाज कर सकते हैं।

रूट कैनाल ट्रीटमेंट

दांतों की समस्याएं बढ़ने पर डॉक्टर रूट कैनाल ट्रीटमेंट देते हैं। इस ट्रीटमेंट के जरिए दांतों और मसूड़ों के बीच की खाली जगह को भरा जाता है। 

दांत निकालना

अगर किसी कारणों से दांतों और मसूड़ों के बीच का स्पेस भर नहीं पाता है, तो डॉक्टर उस दांत को निकाल देते हैं।

इनिशिएशन और ड्रेनज (Initiation and drainage)

इस विधि में डॉक्टर आपके दांतों और मसूड़ों के पास छोटा सा कट लगाते हैं। इस कट के लिए पस को बाहर निकाल देते हैं। लेकिन यह समस्या को स्थाई रूप से खत्म नहीं करता है। इस ट्रीटमेंट से आपको आगे भी समस्या हो सकती है। 

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पेरियापिकल के बचाव (Prevention of Periapical)

दांतों में होने वाली किसी भी समस्या से बचने के लिए दांतों को अच्छी तरह से साफ रखना बहुत ही जरूरी होता है। इसके अलावा दिन में कम से कम दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट (Fluoride-rich toothpaste) से जरूर ब्रश करें। 

खाना खाने के बाद नमक वाले गुनगुने पानी से अपने मुंह की सफाई करें। इससे आपके मुंह में मौजूद खाने के कण बाहर निकल आएंगे। हर 3 महीने पर डेंटिस्ट के पास जाकर अपने दांतों की सफाई कराएं। 

इसके अलावा हर 3-4 महीने में अपना टूथब्रश जरूर बदलें। कुल्ला करने के लिए आप एंटीसेप्टिक या फ्लोरिनेटेडयुक्त माउथवॉश भी ले सकते हैं। इससे आपके मुंह में मौजूद कण साफ होंगे।

इन सभी उपायों से आप पेरियापिकल का बचाव कर सकते हैं। किसी भी तरह के घरेलू उपचार अपनाने से पहले डॉक्टर्स से जरूर संपर्क करें। पेरियापिकल के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें। 

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