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इस मशहूर फिल्मकार के बेटे ने जीती 'न्यूरोब्लास्टोमा' कैंसर से जंग, जानें क्यों खतरनाक होता है ये रोग

कैंसर By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 17, 2019
इस मशहूर फिल्मकार के बेटे ने जीती 'न्यूरोब्लास्टोमा' कैंसर से जंग, जानें क्यों खतरनाक होता है ये रोग

बच्चों में पाया जाने वाला कैंसर वयस्कों में पाए जाने वाले कैंसर ले अधिक जटिल होता है, जिसका इलाज समय पर बेहद जरूरी है वरना बच्चे इस बीमारी से उबर नहीं पाते। बच्चों में पाया जाने वाला एक ऐसा ही कैंसर है ‘न्यूरोब्लास्टोमा’(Neuroblastoma

बीमारी उम्र देखकर नहीं आती। आप बूढ़े हों, एक वयस्क हों या बच्चे हों, किसी भी बीमारी से पीड़ित होना, सबके लिए दुखदाई है। ऐसे में कैंसर जैसी बीमारी किसी को भी भावनात्मक, शारीरिक और आर्थिक रूप से तोड़ कर रख देता है। हाल ही में एक अमेरिकी फिल्मकार रयान मर्फी (Ryan Murphy)का पांच वर्षीय बेटा फोर्ड (Ford) ने कैंसर जैसी बीमारी को मात दे दी। उनका बेटा फोर्ड‘न्यूरोब्लास्टोमा’(Neuroblastoma cancer)नामक खतरनाक कैंसर से पीड़ित था। इस खबर को सुनने के बाद पूरी दुनिया इस चाइल्डहुड कैंसर न्यूरोब्लास्टोमा के बारे में जानने के लिए आतुर हो गई। सभी के मन में एक ही सवाल था कि आखिरकार इतने छोटी उम्र में बच्चे को हो जाने वाली यह बीमारी है क्या? तो आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर, इसके लक्षण और बचाव के उपाय।

Neuroblastoma cancer

क्या है न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर (Neuroblastoma cancer)?

बच्चों में कई तरह के कैंसर होते हैं, जिसमें से न्यूरोब्लास्टोमा काफी गंभीर होता है। बच्चों में होने वाला अधिकतर कैंसर हड्डी, खून, तंत्रिका तंत्र, दिमाग, मांसपेशियों, किडनी आदि में होता है। बच्चों में पाया जाने वाला कैंसर वयस्कों में पाए जाने वाले कैंसर से अलग होता है। बच्चों में होने वाला कैंसर काफी अधिक जटिल होता है। अक्सर बच्चे इस गंभीर रोग के दर्द, लक्षणों और इलाज की प्रक्रिया को बर्दाश्त नहीं कर पाते। न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर आमतौर पर नर्व सेल्स न्यूरोब्लास्ट्स में बढ़ता है। कई बार बच्चों में यह कैंसर मां के गर्भ में होने के दौरान ही विकसित होने लगता है। यह कैंसर 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक पाया जाता है। न्यूरोब्लास्टोमा किडनी के ऊपर स्थित एड्रेनल ग्लैंड्स (Adrenal glands)में से किसी एक ग्लेंड में होता है। इसके अलावा यह बच्चे के नर्वस टीश्यू (nervous tissue)में भी विकसित होता है, जो गर्दन, छाती, पेट या रीढ़ की हड्डी के साथ बढ़ता चला जाता है। यह कैंसर हड्डी, लिम्फ नोड्स, बोन मेरो, लिवर और यहां तक कि स्किन में भी फैल सकता है। पर दुख की बात यह है कि इसके कारणों का अब तक सही से पता नहीं चल सका है।

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न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर के लक्षण (Symptoms of Neuroblastoma cancer) 

न्यूरोब्लास्टोमा के कई लक्षण ट्यूमर या हड्डी के दर्द के कारण होते हैं। यदि कैंसर हड्डियों में फैल जाता है तो, हड्डी में दर्द से बच्चा लंगड़ा हो सकता है, चलने से इंकार कर सकता है या चलने में असमर्थ हो सकता है। इसके अलवा इसके अन्य लक्षणों में यह शामिल हो सकते हैं:

  •     पेट, छाती, गर्दन या बोन मेरो में एक गांठ बन जाना
  •     नीले या बैंगनी पैच के साथ त्वचा के नीचे घाव या नोड्यूल हो जाना
  •     अगर कैंसर आंखों के पीछे फैल गया है, तो आंखों के नीचे उभार और काले घेरे होते हैं
  •     आँखों में परिवर्तन, एक पुतली का संकुचित होना और दृष्टि की समस्या 
  •     छाती में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या लगातार खांसी
  •     हाथ, पैर या अन्य हड्डियों में दर्द
  •     बुखार और एनीमिया
  •     आंखों की गति और अचानक मांसपेशियों में झटके

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इलाज (Treatment of Neuroblastoma cancer)

एक अंतर्राष्ट्रीय न्यूरोब्लास्टोमा रिस्क ग्रुप टास्क फोर्स द्वारा विकसित अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार, न्यूरोब्लास्टोमा का निदान किया जा सकता है यदि बोम मेरो में न्यूरोब्लास्टोमा कोशिकाओं का पता लग जाए। इसके अलावा  ट्यूमर बायोप्सी, मूत्र परीक्षण, स्कैन जैसे सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआएआई स्कैन, बोन मैरो के परिणाम न्यूरोब्लास्टोमा कोशिकाओं को दिखाते हैं। जिसके बाद कैंसर के स्टेज का पता करके इसका इलाज किया जाता है।न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर को दूर करने के लिए सर्जरी की जाती है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी आदि के द्वारा कैंसर कोशिकाओं को मारने की कोशिश की जाती है। साथ ही स्टेम सेल प्रत्यारोपण आदि के जरिए न्यूरोब्लास्टोमा का इलाज किया जाता है।

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