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क्या है कोरोनावायरस? कहां से फैला, लक्षण और कितना है खतरनाक, जानें वायरस से बचाव के उपाय

Updated at: Jan 29, 2020
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Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 29, 2020
क्या है कोरोनावायरस? कहां से फैला, लक्षण और कितना है खतरनाक, जानें वायरस से बचाव के उपाय

What Is Coronavirus: क्या है कोरोनावायरस, जिसकी दहशत में है दुनिया। जानें इसके लक्षण, बचाव का तरीका।

चीन में फैले एक नए रोग कोरोनावायरस ने सैकड़ों से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और दुनियाभर में हजारों लोगों को संक्रमित किया है। वहीं पड़ोसी देश में फैले इस घातक वायरस से सावधानी बरतते हुए भारत सरकार ने भी इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए पहले से ही तैयारिया शुरू कर दी हैं। हालांकि अभी तक इस वायरस से संक्रमित होने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये नई कोरोनावायरस महामारी का खतरा पूरी दुनिया को है हालांकि अभी तक अंतर्राष्ट्रीय चिंता को देखते हुए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित नहीं की गई है।

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वहीं भारत सरकार ने कोरोनावायरस से संबंधित सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-23978046 जारी कर दिया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर आप कोरोनावायरस के बारे में सभी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन नंबर पर आपको रोजाना नई जानकारी मिलेगी ।

आखिर क्या है कोरोनावायरस? (What is coronavirus)

वुहान कोरोनोवायरस,  वायरस परिवार का एक हिस्सा है, जिसका नाम स्पाइक प्रोटीन द्वारा उसके गोले या कैप्सिड पर बनाए गए प्रभाव के नाम पर पड़ा है। यह ठीक ऐसा है जैसे सूर्य के वायुमंडल की बाहरी परत, जिसे कोरोना के रूप में जाना जाता है, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान दिखाई देता है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, कोरोनावायरस के सात प्राकर लोगों को संक्रमित करते हैं। इनमें 2019 नॉवल कोरोनावायरस भी शामिल है, इसके अलावा सेवर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एसएआरएस-सीओवी (कोरोनावायरस)) और मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एमईआरएस-सीओवी) फैलाने वाला वायरस दोनों ही सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। 

कोरोनावायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है। जबकि चीन का कहना है कि 2019 नोवल कोरोनावायरस लोगों से लोगों के बीच फैलता है।

कहां से फैला यह वायरस (Where did it begin)

कोरोनावायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर में हुआनान सीफूड मार्केट से जुड़ी हुई है, जहां अवैध रूप से वन्यजीवों को बेचा जाता है। ध्यान रहे कि कोरोनावायरस शुरुआत में जानवरों से इंसानों में फैलता है।  26 जनवरी को चीन ने मार्केट, सुपरमार्केट, रेस्तरां और ई-कॉमर्स साइट पर वन्यजीवों की बिक्री पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगा दिया है।

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कोरोनावायरस संक्रमण के लक्षण (symptoms of coronavirus infections)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोनावायरस संक्रमण के लक्षण वायरस के प्रकार पर निर्भर करते हैं लेकिन आम संकेतों में 

  • सांस लेने में दिक्कत
  • बुखार
  • खांसी
  • सांस न आना
  • सांस संबंधी समस्याएं शामिल हैं। 

गंभीर संक्रमण निमोनिया जैसी स्थिति का कारण बन सकता है और यह स्थिति जान भी ले सकती है। वहीं बात करें 2019 नोवल कोरोनावायरस की तो चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने हुबेई में रहस्मयी निमोनिया के मामले सामने आने के बाद इसका पता लगाया था।

डब्लूएचओ ने नोवल कोरोनावायरस संक्रमण के साथ जुड़े क्लीनिकल सिंड्रोम की एक व्यापक सूची प्रकाशित की है।

वहीं भारत ने हाल ही में और एक महीने के भीतर चीन की यात्रा से लौटे बीमार नागरिकों को चिकित्सीय सहायता प्राप्त करने को कहा है। इसके साथ ही सरकार ने नागरिकों को डब्लूएचओ के दिशा-निर्देशों का भी पालन करने को कहा है। इसके अलावा सरकार ने नागरिकों को चीन की गैर-जरूरी यात्रा करने से भी मना किया है।

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कितना खतरनाक है वुहान कोरोनावायरस ?  (How dangerous is the Wuhan coronavirus)

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2019 के नोवल कोरोनावायरस के लिए ग्लोबल रिस्क एसेस्मेंट को 'हाई' बताया था। चीन के लिए यह 'वेरी हाई' है, जो कि इस महामारी का केंद्र है। हालांकि संगठन ने अभी तक इस वायरस को 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' के रूप में घोषित नहीं किया है, जिस तरह से पिछले साल कोंगो में इबोला के फैलने को किया गया था।

इस वायरस से अभी तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सभी मौतों चीन में हुई हैं। 2800 से ज्यादा लोग अन्य महाद्वीप में संक्रमित पाए गए हैं। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में लोग किसी वायरस से प्रभावित नहीं हुए हैं।

2019-नोवल कोरोनावायरस के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। चीन ने भी मानव-से-मानव में इस वायरस के संचरण की पुष्टि की है और बताया है कि ये वायरस संक्रमण होने के 1-14 दिनों के बीच प्रभावी हो जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस वायरस से संक्रमित होने पर पहला लक्षण सामने आने पर 1 से 14 दिन लगते हैं।

अभी तक 2019-नोवल कोरोनावायरस के घातक होने की दर SARS वायरस की तुलना में कम है लेकिन ये बहुत से तेजी से फैलता हुआ प्रतीत हो रहा है।

वैज्ञानिकों ने 2019-नोवल कोरोनावायरस के जेनेटिक कोड की पहचान कर ली थी, जिसके कारण वैज्ञानिक वैक्सीन पर काम करने में सक्षम हो पाए थे। हालांकि इस संक्रमण के विशिष्ट उपचार के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं है। 

वहीं हॉन्ग-कॉन्ग के शोधकर्ताओं ने कथित रूप से नोवल कोरोनावायरस के लिए एक वैक्सीन तैयार कर ली है। हॉन्ग-कॉन्ग विश्वविद्यालय में संक्रमण रोग के विशेषज्ञ और प्रोफेसर युएन क्वोक युंग ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि उनकी टीम वैक्सीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम वैक्सीन बना चुके हैं लेकिन जानवरों पर जांच के लिए थोड़ा लंबा वक्त लगेगा। हालांकि उन्होंने कोई सटीक समय नहीं दिया है कि ये मरीजों के लिए कब तक तैयार हो पाएगी।

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क्या सावधानी बरतें (What precautions should you take?)

डब्लूएचओ ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए अलग-अलग प्रकार की सुरक्षा को ध्यान में रखने की सलाह दी है, जो कि इस प्रकार हैः 

  • बार-बार हाथ धोएं। हाथ धोने के लिए साबुन, पानी या फिर एल्कोहल बेस्ड रब का इस्तेमाल करें।
  • खांसी या छींक आने पर कोहनी या फिर टिश्यू से ढकें। टिश्यू को फेंके और हाथ धोएं।
  • सर्दी और जुकाम वाले लोगों से दूरी बनाएं और उनके पास जाने से बचें। 
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। 
  • कच्चा और अधपका जानवर का मांस न खाएं।

भारत क्या कर रहा है (What is India doing to monitor)

भारत ने अपने नागरिकों को चीन की गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। 

वे भारतीय , जो चीन में बीमार थे या फिर चीन से एक महीने के भीतर लौटे हैं उन्हें चिकित्सीय सहायता लेने और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। 

भारत सरकार ने 2019 नोवल कोरोनावायरस के संपर्क में आए नागरिकों की देखरेख शुरू कर दी है और एयर इंडिया के एक प्लेन को वुहान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए स्टैंडबाय पर रखा है। 

नेपाल और श्रीलंका में कई पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई है हालांकि अभी भारत में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयारी पर समीक्षा बैठक भी की है। 

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने डिजीज अलर्ट पेज पर हेल्थकेयर प्रैक्टीशनर के लिए एक ट्रेवल एडवाइजरी और कुछ दिशा-निर्देश जारी किए है।

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