कैंसर से बचने के लिए आपका डॉक्‍टर सुझा सकता है ये उपाय

कैंसर से बचने के लिए आपका डॉक्‍टर सुझा सकता है ये उपाय

कैंसर से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है। जितनी जल्दी कैंसर के लक्षणों का पता लगेगा इलाज उतना आसान रहेगा। आइए जानें कैंसर से बचाव के लिए ड़ॉक्टर क्या सलाह देते हैं।

आपको या आपके आसापास के लोगों को कैंसर की बीमारी के बारे में पता चलते ही गहरा सदमा लग सकता है। कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी ने लोगों के दिल में डर पैदा कर दिया है। इस बीमारी से बचने के लिए आपको स्वस्थ जीवनशैली जीना बहुत जरूरी है। खाने में पौष्टिक आहार की कमी और अस्वस्थ आदतें कैंसर की बीमारी का खतरा पैदा करती हैं।

 

हमारे शरीर की सबसे छोटी इकाई कोशिका है। शरीर में 100 से 1000 खरब कोशिकायें अथवा सेल्स होते हैं। हर वक्त ढेरों सेल्‍स पैदा होते रहते हैं और पुराने व खराब सेल खत्म भी होते रहते हैं। शरीर के किसी भी नॉर्मल टिश्यू में जितने नए सेल्स पैदा होते रहते हैं, उतने ही पुराने सेल्स भी खत्म होते जाते हैं। इस तरह संतुलन बना रहता है। कैंसर में यह संतुलन बिगड़ जाता है। उनमें सेल्स की बेलगाम बढ़ोतरी होती रहती है। गलत लाइफस्टाइल और तंबाकू, शराब जैसी चीजें किसी सेल के जेनेटिक कोड में बदलाव लाकर कैंसर पैदा कर देती हैं। आइए जानें डॉक्टरों की सलाह के अनुसार कैंसर से बचने के लिए क्या करें।  

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तंबाकू का सेवन ना करें  

हमारे देश में कैंसर की मुख्य वजह तंबाकू है। धूम्रपान करने वालों के अलावा उसका धुआं लेने वालों (पैसिव स्मोकर्स) और प्रदूषित हवा में रहनेवालों को भी कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तंबाकू या पान मसाला चबाने वालों को मुंह का कैंसर ज्यादा होता है। तंबाकू में 45 तरह के कैंसरकारी तत्व पाए जाते हैं। पान-मसाले में स्वाद और सुगंध के लिए दूसरी चीजें मिलाई जाती हैं, जिससे उसमें कार्सिनोजेन्स (कैंसर पैदा करनेवाले तत्व) की तादाद बढ़ जाती है। गुटखा (पान मसाला) चाहे तंबाकू वाला हो या बिना तंबाकू वाला, दोनों नुकसान करता है। हां, तंबाकू वाला गुटखा ज्यादा नुकसानदेह होता है। डॉक्‍टर अच्‍छी सेहत के लिए तंबाकू का सेवन न करने की सलाह देते हैं।


एल्कोहल से करें परहेज

डॉक्‍टरों का कहना है कि यदि आपका आहार सही हो, तो रोजाना एक से दो पैग शराब पीना सेहत के लिहाज से सही है। लेकिन, इससे ज्‍यादा शराब कैंसर का भी कारण हो सकती है। अधिक शराब पीने से खाने की नली, गले, लिवर और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है। ड्रिंक में अल्कोहल की ज्यादा मात्रा और साथ में तंबाकू का सेवन कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए कैंसर से बचने के लिए एल्कोहल का सेवन बंद करें।  

 

स्‍तन कैंसर की जांच

महिलाओं में स्‍तन कैंसर सबसे सामान्‍य कैंसर है। अधिकतर महिलायें इसके लक्षण से अनभिज्ञ रहती हैं, इसलिए यह बीमारी काफी फैल जाती है। इसलिए जरूरी है कि इसकी जांच करवाते रहा जाए। ऐसा नहीं है कि यह बीमारी केवल बुजुर्ग महिलाओं में ही होती है। युवा महिलायें भी इसकी शिकार हो सकती हैं। इसलिए स्‍तन कैंसर की नियमित जांच करते रहना चाहिए। आप यह जांच स्‍वयं भी कर सकती हैं। यदि स्‍तन में किसी प्रकार की गांठ या असामान्‍यता नजर आए तो फौरन चिकित्‍सक से संपर्क करें।

 

महिलाओं में पेप स्मियर जांच  

बच्चेदानी के कैंसर की पहचान और संभावना जांचने के लिए की जानेवाली यह सस्ती, सरल और पक्की जांच है। इसमें गर्भाशय में स्पैचुला डालकर नमूने के तौर पर सेल्स निकाले जाते हैं और उनकी जांच की जाती है। विवाह के तीन साल बाद से हर दो साल में यह जांच हर महिला को करवानी चाहिए।    
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मांसाहारी भोजन कम करें

इंटरनैशनल यूनियन अगेंस्ट कैंसर (यूआईसीसी) ने स्टडी में पाया कि ज्यादा वसा युक्‍त भोजन करने वाले लोगों में ब्रेस्ट, प्रोस्टेट, कोलोन और मलाशय (रेक्टम) के कैंसर ज्यादा होते हैं। जर्मनी में 11 साल तक चली स्टडी में पाया गया कि वेज खाना खानेवाले लोगों को आम लोगों के मुकाबले कैंसर कम हुआ। कैंसर सबसे कम उन लोगों में हुआ, जिन्होंने 20 साल से नॉन-वेज नहीं खाया था। मीट को हजम करने में ज्यादा एंजाइम और ज्यादा वक्त लगता है। ज्यादा देर तक बिना पचा खाना पेट में एसिड और दूसरे जहरीले रसायन बनाते हैं, जिनसे कैंसर को बढ़ावा मिलता है।


वायरस और बैक्टीरिया से बचाव करें

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। इससे बचने के उपाय हैं - एक ही पार्टनर से संबंध व सफाई का ध्यान रखना। पेट में अल्सर बनानेवाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी से पेट का कैंसर भी हो सकता है, इसलिए अल्सर का इलाज वक्त पर करवाना जरूरी है।


स्वस्थ आहार लें

पेड़-पौधों से बनीं रेशेदार चीजें जैसे फल, सब्जियां व अनाज खाइए। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट तत्व कैंसर पैदा करनेवाले रसायनों को नष्ट करने में अहम भूमिका अदा करते हैं। शाकाहार में मौजूद विविध विटामिन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और कैंसर सेल्स फल-फूल कर बीमारी नहीं पैदा कर पाते। पेजवेर्टिव और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं। तेज आंच पर देर तक पकी चीजें कम खाएं।

 

तो, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचने के लिए डॉक्‍टर आपको ये उपाय सुझा सकता है। इसके साथ ही आपको अपनी जीवनशैली में भी सुधार लाना चाहिए। व्‍यायाम को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्‍सा बनाइये। इससे आपकी सेहत अच्‍छी रहेगी और मांसपेशियों को शक्ति मिलेगी।

 

 

 

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