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हाइपरहाइड्रोसिस रोग के कारण हाथेलियों और तलवों में आता है ज्‍यादा पसीना, जानें कारण और बचाव

अन्य़ बीमारियां By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 14, 2019
हाइपरहाइड्रोसिस रोग के कारण हाथेलियों और तलवों में आता है ज्‍यादा पसीना, जानें कारण और बचाव

हाइपरहाइड्रोसिस या अत्यधिक पसीना आना, एक सामान्य विकार है, जिससे व्‍यक्ति अक्‍सर परेशान रहता है। अनुमानित 2%-3% अमेरिकी अंडरआर्म्स (एक्सिलरी हाइपरहाइड्रोसिस) या हथेलियों और पैरों के तलवों (पॉमोप्लांटर हाइ

हाइपरहाइड्रोसिस या अत्यधिक पसीना आना, एक सामान्य विकार है, जिससे व्‍यक्ति अक्‍सर परेशान रहता है। अनुमानित 2%-3% अमेरिकी अंडरआर्म्स (एक्सिलरी हाइपरहाइड्रोसिस) या हथेलियों और पैरों के तलवों (पॉमोप्लांटर हाइपरहाइड्रोसिस) के अत्यधिक पसीने से पीड़ित हैं। भारत में भी इनकी संख्‍या बहुत ज्‍यादा है। ऐसा माना जाता है कि ये समस्याएं जीवन भर जारी रह सकती हैं।

पसीना काफी शर्मनाक हो सकता है। यह कपड़ों को खराब करता है। ऑफिस, कॉलेज या फिर किसी पार्टी में होने पर यह आपको शर्मिंदा भी महसूस करा सकता है। गंभीर मामलों में गंभीर व्यावहारिक परिणाम भी हो सकते हैं, जिससे उन लोगों के लिए मुश्किल हो जाती है जो इससे पीड़ित हैं, कलम पकड़ना, कार की स्टीयरिंग व्‍हील पकड़ना या हाथ मिलाना आदि।  

अत्‍यधिक पसीने की वजह:  

हाइपरहाइड्रोसिस होने के पीछे आमतौर पर न्यूरोलॉजिक, अंतःस्रावी, संक्रामक और अन्य प्रणालीगत रोग जिम्‍मेदार हो सकते हैं। ज्यादातर मामले ऐसे लोगों में होते हैं जो अस्वस्थ नहीं हैं। गर्मी और व्‍यक्ति की अलग-अलग भावनाएं हाइपरहाइड्रोसिस को बढ़ा सकती है। लेकिन कई लोग जो हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित हैं, उनमें मूड या मौसम का कोई रोल नहीं होते है। कई लोग जब तक जागते हैं तब तक पसीना आता है। 

हाइपरहाइड्रोसिस का उपचार:  

हाइपरहाइड्रोसिस के कारणों और इसे बढ़ावा देने वाले कारकों का मूल्‍यांकन कर इलाज संभव हो सकता है। उपचार के लिए चिकित्‍सक को पसीने आने के कारणों को बताएं, जिससे वह लक्षणों को समझकर सही उपचार कर सकें। 

हाइपरहाइड्रोसिस से बचाव और प्राकृतिक उपचार:

  • अगर हथेलियों में हल्‍का पसीना आता है तो पसीने वाली जगह पर आप टैल्‍कम पाउडर लगा सकते हैं, जोकि नमी को सोख लेता है। आप अपने बैग में पाउडर रख भी सकते हैं ताकी जरुरत पड़ने पर आप इसका इस्‍तेमाल आसानी से कर सकें।
  • जिन लोगों को हाथों में पसीना ज्‍यादा आता है उन लोगों को तेज पत्‍ते का इस्‍तेमाल करना चाहिए। इसक लिए थोड़ से तेज पत्ते लेकर पानी में बहुत अच्छी तरह से उबाल लेना चाहिए। और अच्छे से उबाल आ जाने पर इस पानी को ठंडा होने के बाद हथेलियों पर लगाना चाहिए। इसके अलावा कच्चे आलू की स्लाइस काटकर हथेलियों पर मलें। ऐसा करने पर आपके हाथों पर पसीना आना कम हो जाएगा।
  • गर्म पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिला कर उसमें अपने पसीनेदार हाथों को डुबोएं। ऐसा केवल कुछ मिनट के लिये करें और फिर देखें कि इस घोल से हाथ निकालने के बाद आपको कई घंटो तक हाथों में पसीना नहीं आएगा। इसके अलावा एक बाउल में पानी डालकर उसमें 4-5 टी बैग डालिये और अपनी हथेलियों को भिगो दीजिये। यह प्राकृतिक रूप से आपके हाथों का पसीना कंट्रोल करेगी।
  • एल्‍कोहल में कॉटन को डूबोकर, उससे अपनी पूरी हथेलियों पर रगड़े। कुछ ही घंटो में हथेलियों का सारा पसीना सूख जाएगा। पर इस बात का खास ध्‍यान रखें कि इसे ज्‍यादा ना रगड़े नहीं तो आपकी त्‍वचा ड्राई हो जाएगी। या हमेशा अपने साथ एक अल्कोहल युक्‍त एंटीबैक्टीरियल हैंड सेनिटाइजर रखें ताकि अगर आपको हाथ धोने के लिए पानी ना मिले तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें। थोड़े से अल्कोहल से आपके हाथ, कुछ देर के लिए ही सही, सूखे रहेंगे।
  • जिन लोगों को पसीना ज्‍यादा आता है, उन्हें रोजाना टमाटर का जूस पीना चाहिए। ऐसा करने से भी पसीना आना कम हो जाता है। इसके अलावा चाय या कॉफी छोड़ देनी चाहिए और उसकी जगह ग्रीन टी का इस्तेमाल करना चाहिए। ग्रीन टी पीने से पसीने आने की शिकायत ना के बराबर ही हो जाती है।

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