पानी से भी हो सकती है आपको एलर्जी, जानें Water Allergy का कारण और लक्षण

Water Allergy के कुछ लक्षण उन लड़कियों में ज्यादा होते हैं, जो कि प्यूबर्टी की उम्र से गुजर रही होती हैं। इसके अलावा भी पानी से एलर्जी के कई कारण हैं।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 16, 2021
Updated at: Jun 16, 2021
पानी से भी हो सकती है आपको एलर्जी, जानें Water Allergy का कारण और लक्षण

क्या नहाने के बाद आपको कभी खुजली, रैशेज या पित्ती आदि की दिक्कत हुई है? अगर हां और ये बार-बार होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। ऐसा इसलिए कि ये पानी से होने वाली एलर्जी का संकेत हो सकता है। भले ही आपको सुनने में ये अजीब लग रहा हो, पर दुनिया में कई लोगों को पानी से एलर्जी होती है। दरअसल, ये एक दुर्लभ बीमारी है, जिसे एक्वाजेनिक यूर्टिकारिया (aquagenic urticaria) कहते हैं।  इससे पीड़ित व्यक्ति को पानी छूते ही एलर्जी (Water Allergy) हो जाती है। इस दौरान स्किन पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं या खुजली और जलन वाली पित्ती उभर आती है। इसे एक्वाजेनिक हाइव्स (aquagenic hives)भी कहा जाता है।

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वॉटर एलर्जी का कारण- Causes of Water Allergy

वॉटर एलर्जी का कारण अभी तरह शोध का विषय है पर कुछ ऐसे विशेष कारण हैं जिनके चलते लोगों को ये बीमारी हो जाती है। वॉटर एलर्जी को लेकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की मानें, तो वॉटर एलर्जी  के कई कारण हैं। जैसे कि

  • -पानी में घुला किसी पदार्थ की वजह से वॉटर एलर्जी हो सकती है। दरअसल, जब ये पदार्थ त्वचा के संपर्क में आता है तो ये आपके इम्यून सिस्टम को ट्रिगर करता है। यानी कि त्वचा पर निकलने वाले  पित्ती और दाने पानी में इस पदार्थ के प्रति एक तरह का इम्यून रिस्पांस है। 
  • -पानी में क्लोरीन (chlorine) होने के कारण
  • -गंदे पानी के कारण भी ये एलर्जी हो सकती है।
  • -पानी में किसी एलर्जेन और त्वचा के बीच होने वाले परस्पर क्रिया से, जो कि एक विषाक्त पदार्थ उत्पन्न करती है, जिससे पित्ती का विकास होता है।
  • -अनुवांशिकता के कारण

वॉटर एलर्जी को लेकर कुछ शोध बताते हैं कि यह आमतौर पर महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है और इसके लक्षण अक्सर प्यूबर्टी की शुरुआत के आसपास शुरू होते हैं। कुछ रोगियों को खुजली की भी शिकायत होती है। पर यह शारीरिक पित्ती (hives) का एक रूप है। एक्वाजेनिक पित्ती अनुवांशिक कारण से भी हो सकता है। हालांकि, कई मौकों पर पारिवारिक मामले सामने आए हैं, जिसमें एक रिपोर्ट में एक परिवार की तीन पीढ़ियों में बीमारी का वर्णन है। पर ऐसा हर मामले में भी नहीं कहा जा सकता। 

वॉटर एलर्जी के लक्षण-Water Allergy Symptoms

एक्वाजेनिक यूर्टिकारिया  (aquagenic urticaria) या वॉटर एलर्जी के लक्षणों की बात करें तो, पानी के संपर्क में आने के बाद

  • - खुजली वाली पित्ती तुंरत उभर आती है
  • -स्किन का लाल हो जाना
  • -त्वचा में तेज जलन
  • - लाल-लाल छोटे दाने निकल आते हैं। 
  • -दाने आमतौर पर गर्दन, शरीर के ऊपरी हिस्सों और बाहों पर निकल आते हैं। हालांकि, यह शरीर पर कहीं भी हो सकता है। 
  • -कुछ लोगों को बस खुजली भी होती है। 
  • -एक बार पानी पोछ देने के बाद आधे घंटे में ये पित्ती चले भी जाते हैं।
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ध्यान देने वाली बात ये है कि कई बार ये खुजली दर्दनाक दाने का कारण बन सकती है। यह दाने आमतौर पर कहीं भी हो सकते हैं। इसके अलावा ये घाव और सूजन का कारण भी बन सकते हैं। कई बार एक्वाजेनिक यूर्टिकारिया के लक्षण (symptoms of aquagenic urticaria) गंभीर भी हो जाते हैं। इन मामलों में मुंह के आसपास दाने निकल आते हैं। खाना निगलने में कठिनाई होती है और सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। ऐसी तमाम लक्षणों को हल्के में ना लें और डॉक्टर को दिखाएं।

पानी से एलर्जी का इलाज-Treatment for Water Allergy  

पानी से एलर्जी होने पर सबसे पहले जरूरी है कि आप इसी जांच करवाएं। इसके लिए डॉक्टर आपके लक्षणों की जांच करेंगे। जांच में वो सबसे पहले आपका वॉटर चैलेंज टेस्ट (water challenge test)करेंगे।

इस परीक्षण के दौरान, ऊपरी शरीर के हिस्सों पर 35 डिग्री तापमान का गर्म कंप्रेस को रखा जाता है। कुछ मामलों में, शरीर के विशिष्ट क्षेत्रों को पानी से धोने या सीधे नहाने के बाद देखा जाता है। इसके बाद एलर्जी के लक्षणों को देर तक जांच कर डॉक्टर से इलाज करते हैं। 

  • -एंटीहिस्टामाइन दिए जाते हैं।
  • -क्रीम या पेट्रोलियम जेल, जो त्वचा में पानी के प्रवेश को रोकने रोकते हैं।
  • -अल्ट्रावाइलेट लाइट थेरेपी। 

पानी से एलर्जी होने पर व्यक्तिगत उपचार की प्रभावशीलता कम हो जाती है इसलिए आप कोई घरेलू उपायों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि पानी के ऐसे एजेंट्स से बच सकते हैं, जो कि स्किन के लिए नुकसानदेह हों। अगर आपके वॉटर एलर्जी के गंभीर लक्षणों से पीड़ित हैं और आपको सांस लेने से जुड़ी कोई परेशानी है, तो आपको एपिपेन का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। एपिपेन्स में एपिनेफ्रीन होता है, जिसे एड्रेनालाईन भी कहा जाता है। वे केवल गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाओं के लिए एक आपातकालीन विकल्प के रूप में उपयोग किए जाते हैं। एपिपेन्स सूजन और पित्ती को कम करने के लिए रक्तचाप बढ़ाता है। जब वे संकुचित होते हैं तो वे फेफड़ों को काम करने में मदद करते हैं।

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वॉटर एलर्जी से बचाव के उपाय- Prevention Tips

1. पीने का पानी इस्तेमाल करें

आमतौर पर, पीने का पानी का आम जीवन में इस्तेमाल करना वाटर एलर्जी वाले लोगों के लिए सुरक्षित है। ऐसा इसलिए कि पीने का पानी मिनरल या आर.ओ वॉटर होता है, जिसमें कि क्लोरीन की मात्रा बहुत कम होती है। लेकिन गंभीर इंफेक्शन होने पर पानी, ही नहीं बल्कि बारिश, बर्फ और आंख के आंसू निकलने पर भी इंफेक्शन हो सकता है। आपको मामलों में यह जीआई परेशान कर सकता है। 

2. देर तक पानी का इस्तेमाल न करें

किसी भी प्रकार की पानी की एलर्जी वाले अधिकांश लोगों के लिए, बड़ी समस्या यह है कि अगर पानी त्वचा पर लंबे समय तक रहता है, जैसे कि जब वे अपना चेहरा धो रहे हों या स्नान या शॉवर में हों, तब उन्हें दिक्कत होती है।  इसलिए ऐसे लोग डॉक्टर से बात करें और तुरंत में ये सब पानी वाले काम निपटा लें। फिर शरीर से तुरंत ही पानी पोंछ लें। हालांकि गंभीर मामलों में स्नान करने या पसीना आने और बारिश में फंसने से खुद को बचाएं। कोशिश करें कि पानी को स्किन से छूने न दें।

वॉटर एलर्जी को हल्के में न लें। इसके कोई भी लक्षण नजर आए तो अपने डॉक्टर से बात करें। अगर डॉक्टर आपको बताता है कि आपको एक्वाजेनिक यूर्टिकारिया है तो आपको पानी को छूने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। यह हमेशा संभव नहीं होता है। जितना हो सके पानी से अपने संपर्क को कम करें। पानी छूते वक्त स्किन पर वॉटर रेप्लीएंट (water-repellent) क्रीम या जेल लगा लें। साथ ही बारिश और नमी वाले कपड़े पहनने के प्रति भी सचेत रहें। 

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