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तनाव व चिंता को दूर कर सकता है रोजाना 20 मिनट ताजी हवा में टहलना: स्‍टडी

लेटेस्ट By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 31, 2019
तनाव व चिंता को दूर कर सकता है रोजाना 20 मिनट ताजी हवा में टहलना: स्‍टडी

आजकल  तनाव (stress) होना बहुत ही आम समस्‍या बन चुकी है। कहीं बढ़ते काम के चलते, तो कहीं रिश्‍तों में चल रहे तनाव के कारण। लेकिन लंबे समय तक चलने वाला तनाव अपाके स्‍वास्‍थ्‍य पर काफी बुरा असर डाल सकता है। अगर आप भी तनावपूर्

अगर आप भी तनावपूर्ण (stress) जीवन जी रहे हैं और तनाव से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो रोजाना प्रकृति के साथ ताजी हवा में केवल 20 मिनट का समय व्‍यतीत करने से तनाव के स्‍तर को कम किया जा सकता है। जी हां हाल में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि दिन में कम से कम 20 मिनट टहलना या ऐसी खुली हवा में बैठना जहां आपको प्रकृति का एहसास हो, आपके तनाव हार्मोन के स्तर को काफी कम करने में मदद करेगा। 

कितना समय जरूरी है खुली हवा में बिताना 

ताजी हवा में टहलना ने केवल आपके तनाव के स्‍तर में कमी लाता है, बल्कि यह आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। इस बात से लगभग सभी लोग परिचित होंगे। मिशिगन विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मैरी कैरोल हंटर, शोध की प्रमुख लेखक का कहना है, कि शोध में इस बात की पुष्टि की गई कि कितने समय आपको प्रकृति के साथ बिताना चाहिए, और दिन में कितनी बार ऐसा करना चाहिए या फिर किस तरह से प्रकृति के अनुभव से हमें लाभ होगा। 

अध्ययन से पता चलता है कि तनाव के हार्मोन कोर्टिसोल के स्‍तर को तेजी से कम स्तर के लिए आपको दिन में 2-3 बार 20 से 30 मिनट ताजी हवा या प्रकृति के साथ बिताना चाहिए जो आपको सकारात्‍मक भावनाएं और सोच प्रदान करे। प्रकृति बढ़ती स्वास्थ्य समस्‍याओं और शहरीकरण से प्रभावित होने वाले नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए एक कम लागत वाला प्राकृतिक तरीका हो सकता है। 

कैसे किया गया अध्‍ययन 

अध्‍ययन  की अवधि 8-सप्ताह की थी, जिसमें कि सभी प्रतिभागियों को सप्ताह में कम से कम 3 बार 10 मिनट या उससे अधिक समय के लिए ताजी हवा में टकलने और प्रकृति के साथ वक्‍त बिताने को कहा गया। जिसमें कोर्टिसोल के स्तर, एक तनाव हार्मोन के स्‍तर को प्रतिभागियों के प्रकृति के साथ समय बिताने से पहले और बाद मापा जाता था।

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अध्‍ययन में शामिल प्रतिभागी ताजी हवा में टहलने या घूमने के लिए समय चुनने के लिए स्वतंत्र थे। इस अध्‍ययन में शामिल प्रतिभागी की राय में, उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उन्होंने प्रकृति के साथ बातचीत की है और तनाव को प्रभावित करने के लिए ज्ञात कारकों को कम करने के लिए कुछ अड़चनें थीं। दिन के उजाले में प्रकृति के समय बिताने के बजाय सुबह का समय बहुत अच्‍छा है, कोई एरोबिक व्यायाम न करें, सोशल मीडिया, इंटरनेट, फोन कॉल, बातचीत और किताब पढ़ने से बचें। 

निष्‍कर्ष 

अध्‍ययन के परिणाम में पाया गया कि प्रकृति के साथ समय व्‍यतीत करने से कोर्टिसोल हार्मोन में परिवर्तन के चार स्नैपशॉट एकत्र करके एक प्रतिभागी के तनाव की स्थिति में दिन प्रतिदिन के अंतर को समायोजित किया। जिसमें कॉर्टिसोल स्तर में चल रही, प्राकृतिक गिरावट के प्रभाव की पहचान की गई। आंकडे से पता चला कि सिर्फ 20 मिनट प्रकृति का अनुभव कोर्टिसोल के स्तर को कम करने के लिए पर्याप्त था। लेकिन अगर आप प्रकृति के अनुभव में डूबे हुए कुछ और समय बिताते हैं, तो 20 से 30 मिनट बैठे या घूमना, कोर्टिसोल का स्तर उनकी सबसे बड़ी दर पर गिरा। 

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