Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

वर्ल्‍ड किडनी डे : वॉक है हिट किडनी रखेगी फिट

वर्ल्‍ड किडनी डे : वॉक है हिट किडनी रखेगी फिट
Quick Bites
  • किडनी रोगों से बचाव के लिए वॉक करें।
  • हफ्ते में सिर्फ एक बार वॉक करना भी फायदेमंद।
  • उच्च रक्तचाप हो सकता है किडनी रोग का लक्षण।

यूं तो मानव शरीर का हर अंग बेहद जरूरी होता है, लेकिन किडनी की अपनी ही विशेषता है। यह ब्‍लड में मौजूद विषैले पदार्थों को अलग करने का काम करती है। इसके अलावा किडनी शरीर में ब्‍लड प्रेशर, सोडियम व पोटेशियम एवं ब्‍लड में एसिड को कंट्रोल करने का महत्‍वपूर्ण काम करता है। मानव शरीर की अंदरूनी गतिविधियां दिल के बाद सबसे ज्‍यादा किडनी पर ही निर्भर करती है।

लगातार दूषित पदार्थ खाने, दूषित जल पीने और नेफ्रॉन्स के टूटने से किडनी के रोग उत्पन्न होते हैं। इसके कारण किडनी शरीर से विषैले पदार्थो को निकालने में असमर्थ हो जाते हैं। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटिज, परिवार इतिहास, अत्यधिक चर्बी, दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन, धूम्रपान आदि के कारण भी शरीर में किडनी संबंधी रोग होने लगते है। लेकिन एक शोध के अनुसार वॉक करने से आप किडनी रोगों से बच सकते हैं। जी हां नियमित वॉक कर किडनी की बीमारियों से बचने तथा इनसे निपटने में मदद मिलती है।

kidney in hindi

इसे भी पढ़ें : किडनी रहे फिट तो आप रहें हिट


क्लीनिकल जर्नल ऑफ दी अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी में छपे लेख के अनुसार ताइवान के शोधकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से वॉक करने से किडनी की बीमारी के मरीजों को लंबे समय तक स्वस्थ जीवन में मदद मिलती है। शोधकर्ताओं के अनुसार किडनी रोगों से पीड़ित लोग वॉक कर डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण की संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं। आइए इस विषय पर विस्तार से बात करते हैं।


शोध के परिणाम

इस अध्ययन के सह लेखक, चाइना के ताइचुंग शहर में स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के डॉक्‍टर चे-यी चाउ ने एक पत्रिका समाचार विज्ञप्ति में कहा कि "एक न्यूनतम राशि में वॉक करना, जैसे एक हफ्ते में सिर्फ एक बार कम से कम 30 मिनट के लिए वॉक करना भी लाभकारी होता है। लेकिन लंबे समय तक और लगातार वॉक करना अधिक लाभकारी प्रभाव प्रदान करता है।"

उनकी टीम ने क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित औसतन 70 साल के 6,300 से अधिक ताइवानी लोगों के परिणामों पर नजर रखी। इन रोगियों पर औसतन 1.3 वर्ष के लिए नजर रखी गयी। जिनमें से लगभग 21 प्रतिशत ने सामान्य रूप से वॉक किया। कुल मिलाकर, वह रोगी जिन्होंने लगातार वॉक किया, वॉक न करने वाले रोगियों की तुलना में उसी सीमा के भीतर उनकी मृत्यु की आशंका एक तिहाई तक कम हो गयी। साथ ही इन लोगों के डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण की जरूरत 21 प्रतिशत तक हो गयी।


इसे भी पढ़ें : गुर्दे की बीमारी के लिए जागरूकता जरूरी


गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किडनी रोगों को गंभीर रोगों की श्रेणी में रखा गया है और यह एक ग्लोबल समस्या के रूप में सामने आ रही है। समय के साथ सीकेडी (क्रोनिक किडनी डिजीज) के दुनिया भर में काफी मामले सामने आ रहे हैं। चेहरे पर सूजन आना, आंखों के चारों तरफ सूजन आना (जो कि सुबह ज्यादा दिखाई देती है), पैरों में सूजन आना, भूख कम लगना, मितली आना, उल्टी होना, लगातार कमजोरी महसूस होना, शरीर में रक्त की कमी होना, कम उम्र में ही उच्च रक्तचाप की समस्या होना या अनियंत्रित उच्च रक्तचाप का होना किडनी रोगों के लक्षण होते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करें और उचित इलाज कराएं। नियमित एक्‍सरसाइज, वॉक तथा हेल्‍दी डाइट से आप इस समस्या से बच सकते हैं।


ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Image Source : Getty

Read More Articles on Kidney Failure in Hindi

Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 08, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK