मल त्याग करते समय जलन होना शरीर में विटामिन डी की अधिकता का है संकेत, जानें होनी वाली अन्य परेशानियां

Updated at: Oct 10, 2019
मल त्याग करते समय जलन होना शरीर में विटामिन डी की अधिकता का है संकेत,  जानें होनी वाली अन्य परेशानियां

Vitamin D warning : बहुत ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेने से आपकी टॉयलेट आदतों पर गंभीरजनक प्रभाव पड़ सकता है। दस्त, कब्ज, उल्टी सहित लक्षण विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए इस विटामिन के अत्याधिक सेवन के कारण होते हैं।

Jitendra Gupta
विविधWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Oct 10, 2019

Vitamin D warning विटामिन डी को 'सनशाइन विटामिन' के रूप में जाना जाता है और दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक सुर में सहमति जताई है कि अक्टूबर से  लोगों को सप्लीमेंट के जरिए अपना विटामिन डी स्तर सही रखना होगा। हालांकि बहुत ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेने से आपकी टॉयलेट आदतों पर गंभीरजनक प्रभाव पड़ सकता है। अब इस बात का पता लगाना बहुत जरूरी है कि आप कब इस विटामिन का सेवन ज्यादा करते हैं। हम आपको ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके जरिए या फिर आप मल त्याग करते वक्त इसके संकेतों को पहचान कर पता लगा सकते हैं कि आप इस विटामिन का ज्यादा सेवन कर रहे हैं।

विटामिन डी क्यों हैं जरूरी

विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी रचना तब होती है जब आप घर से बाहर सीधे सूरज की रोशनी के संपर्क में आते हैं। ज्यादातर लोग मार्च अंत या अप्रैल की शुरुआत से लेकर सितंबर अंत तक अपने शरीर के लिए जरूरी विटामिन डी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन अक्टूबर से मार्च शुरुआत के बीच लोगों को सूरज से पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता। विटामिन डी की कमी बच्चों में सूखा रोग (rickets) और व्यस्कों में हड्डियों में दर्द जैसे हड्डी विकारों का कारण बन सकता है। विटामिन डी लेना, विशेषकर सर्दियों में बहुत जरूरी है हालांकि बहुत ज्यादा मात्रा में ये सप्लीमेंट लेने से किसी व्यक्ति के मल में काफी बदलाव आ सकता है।

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इन दिक्कतों का करना पड़ सकता है सामना

  • पेट में दर्द । 
  • कब्ज।
  • दस्त ।

ये लक्षण खाने की गड़बड़ी और खराब बॉउल सिंड्रोम से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि अगर आप मलत्याग करते वक्त दर्द भरी स्थिति से गुजर रहे हैं तो यह विटामिन डी के शरीर में ज्यादा होने का संकेत हो सकता है।

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा किए गए एक अध्ययन में विटामिन डी सप्लीमेंट को परखा गया। अध्ययन में कहा गया कि विटामिन डी मेटाबॉलिज्म के नियंत्रण, हड्डी स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण में एक अहम भूमिका निभाता है। हालांकि विटामिन डी के प्रभाव मिनरल होमियोस्टेसिस और हड्डी स्वास्थ्य रखरखाव तक सीमित नहीं हैं।

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अध्ययन में कहा गया, ''विटामिन डी एक फैट-सोल्युबल विटामिन है, जो ज्यादा सप्लीमेंट लेने से जहर बन जाता है।''

विटामिन डी के अत्याधिक सेवन के लक्षण

  • दस्त। 
  • कब्ज।
  • मतली। 
  • उल्टी।

ये लक्षण विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए इस विटामिन के अत्याधिक सेवन के कारण होते हैं। एक अन्य अध्ययन में, दो भाइयों में विटामिन डी के अत्याधिक सेवन की जांच की गई। अध्ययन में दुकानों से लिए विटामिन डी सप्लीमेंट के कारण हाइपरविटामिनोसिस डी के दो मामलों को प्रस्तुत भी किया गया।

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