विटामिन डी की कमी से मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा

Updated at: Jan 10, 2014
विटामिन डी की कमी से मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा

टोरंटो, एजेंसी : जिन लोगों में विटामिन 'डी' का स्तर कम होता है उन्हें मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है।

 अन्‍य
परवरिश के तरीकेWritten by: अन्‍य Published at: Apr 10, 2011

Medical capsuleटोरंटो, एजेंसी : जिन लोगों में विटामिन 'डी' का स्तर कम होता है उन्हें मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। कनाडा में हुए ताजा शोध के मुताबिक सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) को रोकता है। स्क्लेरोसिस में अंग या टिश्यू (उत्तक) कठोर हो जाते हैं।

 

इस अध्ययन की रिपोर्ट मांट्रियल में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर आयोजित सम्मेलन में पेश की गई। ग्लोबएंडमेलडाट काम ने टोरंटो हास्पिटल फार सिक चिल्ड्रेन के पेडियाट्रिक मल्टीपल स्क्लेरोसिस कार्यक्रम के निदेशक और शोधकर्ता ब्रेंडा बैनवेल के हवाले से लिखा है कि विटामिन 'डी' की कमी से इस बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। बैनवेल व दूसरे शोधकर्ताओं ने एमएस के आरंभिक लक्षण से ग्रस्त अस्पताल में भर्ती बच्चों का परीक्षण किया। उन्होंने 11 वर्ष की उम्र वाले बच्चों में विटामिन 'डी' की स्थिति जानने के लिए उनके खून का नमूना लिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चों में 28 फीसदी बच्चों में विटामिन 'डी' की मात्रा बहुत कम पाई गई। ये बच्चे एमएस के अटैक से दोबारा ग्रस्त हो गए। जबकि जिन बच्चों में विटामिन डी की मात्रा अधिक थी उनमें से सात फीसदी बच्चे ही इसकी गिरफ्त में आए।

 

 

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