• shareIcon

ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करती है कलौंजी, जानें प्रयोग का तरीका

Updated at: Mar 12, 2019
आयुर्वेद
Written by: अतुल मोदीPublished at: Mar 12, 2019
ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करती है कलौंजी, जानें प्रयोग का तरीका

ब्‍लैक सीड्स का सेवन सीधे तौर पर या फिर तेल के रूप में कर सकते हैं, जो कि बीजों से ही निकाला जाता है। ब्‍लैक सीड्स का सबसे अच्छा उपयोग मधुमेह रोगियों में रक्त शर्

कलौंजी, किसी भी भारतीय के लिए पूरी तरह से अज्ञात नहीं हो सकता है, लेकिन यह निश्चित रूप से भारतीय रसोई में एक दुर्लभ खोज है। कलौंजी को ब्‍लैक सीड्स या काले बीज भी कहा जाता है। काले बीज काफी सुगंधित होते हैं और कुछ व्यंजनों में एक अलग स्वाद जोड़ सकते हैं। हालांकि, ये बीज स्वास्थ्य लाभ के लिए काफी कम सराहनीय हैं। यह पोटेशियम, प्रोटीन, फाइबर के साथ-साथ कई आवश्यक विटामिन और खनिज, साथ ही स्वस्थ वसा, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध हैं।

ब्‍लैक सीड्स का सेवन सीधे तौर पर या फिर तेल के रूप में कर सकते हैं, जो कि बीजों से ही निकाला जाता है। ब्‍लैक सीड्स का सबसे अच्छा उपयोग मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने के लिए किया जाता है। इसका तेल विशेष रूप से टाइप-2 डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह उन्हें कई तरीकों से लाभान्वित कर सकता है। कलौंजी में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो टाइप -2 डायबिटीज रोगियों के समग्र स्वास्थ्य पर कई तरह से सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

 

ब्‍लड शुगर लेवर कंट्रोल करे 

कुछ शोधों में ये स्‍पष्‍ट हुआ है कि कलौंजी, रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद कर सकते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि मधुमेह के आहार में कलौंजी तेल को शामिल करने से रक्त शर्करा के औसत स्तर में सुधार हो सकता है।

कोलेस्‍ट्रॉल को करें कंट्रोल 

डायबिटीज रोगियों को हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि डायबिटीज, उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) या अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल या कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) के स्तर को बढ़ाता है। काले बीज अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करके इस जोखिम को कम करने में मदद करते हैं क्योंकि यह पॉली-और मोनो-सेचुरेटेड फैटी एसिड में समृद्ध है। कलौंजी में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और अध्ययनों से पता चला है कि अपने आहार में कलौंजी को शामिल करने से ब्‍लड एलडीएल और ब्‍लड ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में कमी आ सकती है।

इसे भी पढ़ें: टाइप-2 डायबिटीज: मेथी के पानी से करें ब्‍लड शुगर कंट्रोल, सही मात्रा में बनेगा इंसुलिन

इंफ्लामेशन से बचाए 

हाइपरग्लाइकेमिया या बढ़ा हुआ रक्त शर्करा का स्तर भी शरीर में सूजन का कारण बन सकता है। इसलिए टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में सूजन का लेवल अधिक होता है। शोध से पता चला है कि अपने दैनिक आहार में कलौंजी तेल या कलौंजी के बीज शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव के लक्षणों को कम कर सकते हैं और टाइप -2 डायबिटीज के रोगियों में सूजन से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ या जोखिम कम कर सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज के लिए औषधि का काम करता है देवदार का पेड़, जानें इसके अन्‍य लाभ

कलौंजी पोटेशियम में अविश्वसनीय रूप से समृद्ध होते हैं। यह खनिज मधुमेह रोगियों में पोटेशियम की कमी को दूर करते हैं और रक्त शर्करा के रोगियों में रक्तचाप को बनाए रखने में सहायक है। इसके अलावा, यह आयरन और इम्युनिटी बढ़ाने वाले विटामिन सी में अविश्वसनीय रूप से समृद्ध है, जो मधुमेह रोगियों में समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए टाइप -2 डायबिटीज के मरीजों को अपने दैनिक आहार में काले बीज या कलोंजी, या इसके तेल को शामिल करने से लाभ हो सकता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप
Read More Articles On Ayurveda In Hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK