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यूरिन टेस्ट करेगा इबोला के खिलाफ सतर्क

लेटेस्ट By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 26, 2016
यूरिन टेस्ट करेगा इबोला के खिलाफ सतर्क

इबोला और जीका वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए शोधकर्ताओं ने नई तकनीक ईजाद की है जो वायरस से लड़ने में मदद करेगा।

एक तरफ दुनिया जीका वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने में नाकामयाब रह रहै है तो दूसरी तरफ इबोला का वायरस रह रह कर सर उठाने लगता है। वर्तमान में दुनिया के वैज्ञानिकों के सामने जीका वायरस और इबोला वायरस एक आपदा की तरह है जिसके ऊपर शोध जारी है। वैज्ञानिकों के द्वारा जारी इसी शोध में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक इजाद की है जो जीका वायरस औऱ इबोला विषाणु के खिलाफ लड़ने में मदद करेगा।

 

यूरीन टेस्ट से चलेगा पता

इस नई तकनीक के द्वारा यूरीन में वायरस के होने का पता चल जाएगा। ये तकनीक काफी स्ट्रॉन्ग है जिससे यूरीन में एक विषाणु के होने पर भी इसका पता चल जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह नई तकनीक इबोला, जीका और एचआईवी जैसे विषाणु के खिलाफ प्रभावी रूप से इस्तेमाल में लाई जा सकती है।

अमेरिका के ऑस्टिन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में इस अध्ययन के सह लेखक जेफरी डिक ने कहा, “हमारा अंतिम लक्ष्य एक सस्ता और आसान उपकरण बनाना है, जो मानव में विषाणु की उपस्थिति का पता लगाने में सक्षम हो।” उन्होंने कहा, “अभी भी हम फिलहाल इससे बहुत दूर हैं, लेकिन यह नई सफलता इस दिशा में एक प्रभावी कदम है।”

यह नई तकनीक बहुत अधिक चयनात्मक है, जिसका मतलब है कि यह विषाणु के एक ही प्रकार के विषाणु के प्रति अधिक संवेदनशील है। यह शोध ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ पत्रिका में प्रब्लिश हुई है।

 

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