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    यूरीन गर्भावस्था जांच बनाम रक्त गर्भावस्था जांच

    गर्भावस्‍था By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 29, 2012
    यूरीन गर्भावस्था जांच बनाम रक्त गर्भावस्था जांच

    गर्भावस्था परीक्षण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। पहला, यूरीन गर्भावस्था परीक्षण और दूसरा, रक्त गर्भावस्था परीक्षण। जानिए इन दोनों मं अंतर।

    pregnancy test kit गर्भावस्था परीक्षण या जांच आमतौर पर यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि एक महिला गर्भवती है या नहीं। गर्भावस्था परीक्षण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं।

    पहला, यूरीन गर्भावस्था परीक्षण और दूसरा, रक्त गर्भावस्था परीक्षण। यूरीन गर्भावस्था परीक्षण लोगो के बीच में ज्यादा लोकप्रिय है क्योकि यूरीन गर्भावस्था परीक्षण किट आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसमें परीक्षण करना बहुत भी आसान होता है, महिला इससे स्वयं ही परीक्षण कर लेती है। दूसरी तरफ रक्त गर्भावस्था परीक्षण डॉक्टर करते हैं। यह अधिक पुख्ता माना जाता है और इसके सही होने की संभावना अधिक होती है।

    हालांकि, दोनों परीक्षण एचसीजी की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किए जाते है। एक बार भ्रूण महिला के शरीर के गर्भाशय की दीवार से जुड़ जाए तो फिर अगले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ता है। यह तेजी से विकास नाल एचसीजी हार्मोन है जो गर्भावस्था का निर्धारण करने के लिए प्रयोग किया जाता है।


    यूरीन गर्भावस्था परीक्षण

    • यूरीन गर्भावस्था में गर्भावस्था से सम्बफन्धित लक्षण होने पर यूरीन के नमूने की आवश्यकता होती है।
    • यूरीन परीक्षण करने के लिए यूरीन का नमूना तकनीकी रूप से दिन का पहला यूरीन होना चाहिए।
    • यूरीन का नमूना डॉक्टर द्वारा नमूने में से एचसीजी हार्मोन की उपस्थिति निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
    • यूरीन परिक्षण करने के लिए यूरीन कप पर परीक्षण पट्टी की सूई के द्वारा या सीधे परीक्षण पट्टी पर यूरीन रखकर कुछ ही मिनटों में परिणाम उपलब्ध किए जा सकते हैं।
    • गर्भावस्था परीक्षण के लिए होम प्रगनेंसी किट का भी उपयोग किया जाता है।
    • होम प्रेगनेंसी किट आपको सिर्फ मेडिकल स्टोर से मिलती है और इसका उपयोग निर्माता के निर्देशों के अनुसार करना चाहिए।
    • अधिकांश होम प्रगनेंसी किट के ऊपर मार्कर होता है जो आपको सकारात्मक या नकारात्मक परीक्षण का संकेत देता है। बेहतर होगा जब आपके मासिक धर्म में देर हो जाए तो आप होम प्रगनेंसी किट का उपयोग करें।
    • होम प्रेग्नेंपसी किट काफी हद तक सह नतीजे देती है। पर कभी कभी इसके परिणाम गलत भी हो जाते है जो अस्थानिक गर्भावस्था को दर्शाता है।

     

     

    रक्त गर्भावस्था परीक्षण

    • आमतौर पर रक्त गर्भावस्था परीक्षण डॉक्टर उस स्थिति में करते है जब उनको अस्थानिक गर्भावस्था या किसी अन्य जटिलताओं का शक होता है। सा‍थ ही यह भी तय करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है कि एक महिला गर्भवती है या नहीं।
    • आमतौर पर रक्त गर्भावस्था परीक्षण महंगा होता है। लेकिन, इसका परिणाम कहीं अधिक निर्णायक होता है क्योंकि इससे न केवल एक महिला के शरीर में एचसीजी हार्मोन की उपस्थिति का पता लगाया जाता है बल्कि एचसीजी हार्मोन की वर्तमान राशि के बारें में भी पता चलता है।
    • रक्त गर्भावस्था परीक्षण दिनों की संख्या की गणना कर गर्भावस्था की प्रगति के बारे में बताता हैं।
    • रक्त गर्भावस्था परीक्षण के लिए, खून का नमूना लिया जाता उस महिला का जिसको यह संदेह है कि वह गर्भवती है।
    • संख्यात्मक गर्भावस्था रक्त परीक्षण के जरिए ये जांचा जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान एचसीजी स्तर कितना है। गर्भावस्था कितने सप्ताह या महीने की है। इतना ही नहीं इस टेस्ट के जरिए ये भी जान सकते हैं कि एचसीजी स्तर कम कब था और बाद में कितना बढ़ गया इत्यादि।
    • गुणात्मक गर्भावस्था परीक्षण सिर्फ आपको यह बताता है कि आप गर्भवती हैं या नहीं। गर्भ की पुष्टि करने के लिए, रक्त परीक्षण तकनीकी रूप से संभावित गर्भाधान के बाद कम से कम सात से 12 सप्ताह के बीच में किया जाना चाहिए।

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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