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खान-पान ही नहीं अस्वस्थ मसूड़े भी बन सकते है हाई ब्लड प्रेशर का कारण

अन्य़ बीमारियां By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 20, 2018
खान-पान ही नहीं अस्वस्थ मसूड़े भी बन सकते है हाई ब्लड प्रेशर का कारण

वर्तमान समय में हर तीसरा आदमी हाई ब्लड प्रेशर से परेशान है। अनियमित दिनचर्या और आधुनिक जीवन शैली के चलते आज हाई ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य समस्‍या बन गई है। 

वर्तमान समय में हर तीसरा आदमी हाई ब्लड प्रेशर से परेशान है। अनियमित दिनचर्या और आधुनिक जीवन शैली के चलते आज हाई ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य समस्‍या बन गई है। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी लोग अधिक तेजी से इसके शिकार हो रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर में रोगी को चक्कर आने और सिर घूमने की समस्‍या होती है। रोगी का किसी काम में मन नहीं लगता। उसमें शारीरिक काम करने की क्षमता नहीं रहती और रोगी अनिद्रा का शिकार रहता है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति कि दिल की धड़कन पहले के मुकाबले तेज हो जाती है या फिर उसे अपने हृदय क्षेत्र के आसपास दर्द महसूस होता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के लिए एक्सरसाइज न करना, नमक का ज्यादा सेवन और असंतुलित लाइफस्टाइल माना जाता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि आपके अस्वस्थ दांत और मसूड़े भी इस रोग का कारण बनते हैं।

इटली की 'यूनिवर्सिटी ऑफ ला एक्यूली' के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि जिनके मसूड़े स्वस्थ थे, उन्हें मसूड़ों की समस्या वाले लोगों के मुकाबले रक्तचाप की समस्या कम थी। यूनिवर्सिटी से जुड़ेे डाविडे पेट्रोपाओली का कहते हैं, ''जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें अपने मुंह के स्वास्थ्य को पर्याप्त ध्यान देने की आवश्यकता है। '' इस शोध के लिए उच्च रक्तचाप से पीड़ित 3600 से ज्यादा लोगों के मेडिकल और डेंटल परीक्षण की समीक्षा की गई।

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हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

  • यदि आप खुद को ज्‍यादा तनाव में महसूस कर रहे हैं, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का संकेत हो सकता है। ऐसे में व्‍यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर गुस्‍सा आने लगता है। कई बार वह सही-गलत की भी पहचान भी नहीं कर पाता। किसी भी समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि आप जांच करा लें।
  • यदि आपको थोड़ा काम करने पर थकान महसूस होती है या जरा सा तेज चलने पर परेशानी होती है या फिर आप स‍ीढि़यां चढ़ने में काफी थक जाते हैं, तब भी आप उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त हो सकते हैं।
  • उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों में सिर चकराना भी आम है। कई बार शरीर में कमजोरी के कारण भी सिर चकराने की परेशानी हो सकती है। ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श कर लें।
  • सांस न आना, लंबी सांस आना या सांस लेने में परेशानी होने पर एक बार अपने चिकित्‍सक से संपर्क करें। ऐसे में व्‍यक्ति के उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त होने की प्रबल आशंका होती है। साथ ही यदि नाक से खून आए, तब भी आपको जांच करानी चाहिए।
  • आमतौर पर उच्‍च रक्‍तचाप के रोगियों के साथ यह समस्‍या होती है कि उन्‍हें रात में नींद आने में परेशानी होती है। हालांकि यह परेशानी किसी चिंता के कारण या अनिंद्रा की वजह से भी हो सकती है।
  • यदि आप महसूस करते हैं कि आपके हृदय की धड़कन पहले के मुकाबले तेज हो गई हैं या आपको अपने हृदय क्षेत्र में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का भी कारण हो सकता है।
 

व्यायाम करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

  • व्यायाम करते समय अपनी सांस न रोकें या अधिक दबाव न डालें।
  • भारी वजन उठाने से बचें।
  • हल्का वजन उठाएं और कई बार दोहराएं।
  • व्यायाम बंद कर दें अगर आप कोई भी असामान्य लक्षण अनुभव करें।
  • कसरत से पहले और बाद में अपने रक्तचाप को रिकार्ड करें।
  • ज़मीन से ऊपर जाते समय धीरे जायें।
  • एक अभ्यास सत्र को अचानक बंद न करें इससे आपके रक्तचाप में अचानक गिरावट महसूस होगी।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए घरेलू नुस्खे

  • उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण होता है रक्त का गाढा होना। रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है। लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपाय है। यह रक्त का थक्का नहीं जमने देती है। धमनी की कठोरता में लाभदायक है। रक्त में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होने की स्थिति का समाधान करती है।
  • प्याज के नियमित सेवन से ब्‍ल्‍ड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और अगर आपका ब्‍लड प्रेशर बढ़ गया है तो उसे तुरंत करने के लिए प्‍याज का सेवन करें। इसके सेवन से शरीर से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी नियंत्रित होती है। इसमें क्योरसेटिन पाया जाता है, यह एक ऐसा ऑक्सीडेंट फ्लेवेनॉल है, जो दिल को बीमारियों से बचाता है। प्‍याज को खाने के साथ और सलाद के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • प्याज और लहसुन की तरह अदरक भी काफी फायदेमंद होता है। बुरा कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों पर प्लेक यानी कि कैल्‍शियम युक्त मैल पैदा करता है जिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध खड़ा हो जाता है और नतीजा उच्च रक्तचाप के रूप में सामने आता है। अदरक में बहुत हीं ताकतवर एंटी-ऑक्सीडेटस होते हैं जो कि बुरे कोलेस्ट्रॉल को नीचे लाने में काफी असरदार होते हैं। अदरक से आपके रक्तसंचार में भी सुधार होता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है।
  • नींबू के रस से रक्‍त वाहिनियां कोमल व लचकदार हो जाती हैं। इससे रक्‍तचाप सामान्‍य बना रहता है। यह हृदयाघात के खतरे को भी कम करता है। एक-एक चम्‍मच शहद, अदरक और नींबू के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर सप्‍ताह में दो-तीन बार पीना चाहिए। यह ब्‍लड प्रेशर के लिए बहुत अच्‍छा टॉनिक है। इसके अलावा बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें। यह बहुत ही लाभकारी उपचार है।

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