Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

जानें क्या हैं सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के कारण, लक्षण और इसके बचाव के उपाय

जानें क्या हैं सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के कारण, लक्षण और इसके बचाव के उपाय
Quick Bites
  • सबकंजंक्टिवल हेमोरेज में आंख में लाली आ जाती है।
  • अचानक दबाव का बढ़ना जैसे छींकना या खांसना।
  • यह मोतियाबिंद के शुरूआत का संकेत हो सकंता है।
  • आंख से किसी प्रकार का डिस्‍चार्ज नहीं होता।

जब छोटे, नाजुक ब्‍लड वेसल्‍स आंख के सफेद कवर के नीचे टिश्‍यु को चोट पहुंचने लगते है, तो आंख में लाली आ जाती है। और इसका अर्थ यह है कि आपको सबकंजंक्टिवल हेमोरेज हुआ है। यानी सबकंजंक्टिवल हेमोरेज आंख के सफेद हिस्‍से में प्रदर्शित होने वाला लाल चमकदार पैच है। यह समस्‍या कई समस्‍याओं में से एक है जिसे रेड आई कहा जाता है। सबकंजंक्टिवल हेमोरेज आमतौर पर अपनी विशिष्‍ट उपस्थिति के बावजूद भी किसी भी प्रकार की दृष्टि समस्‍याओं या आंख में असुविधा का कारण नही होता है।

subconjunctival hemorrhages in hindi

क्‍या है सबकंजंक्टिवल हेमोरेज?

आंख का सफेद भाग (श्वेतपटल) क्लियर टिश्‍यु की पतली परत के साथ कवर होता है, जिसे बल्‍बर कंजाक्टिवा कहा जाता है। सबकंजंक्टिवल हेमोरेज तब होता है, जब छोटे ब्‍लड वेसल्‍स खुल कर टूट जाते है और कंजाक्टिवा के अंदर बहने लगते है। यह ब्‍लड अक्‍सर दिखाई देता है, लेकिन जब तक यह कंजाक्टिवा के भीतर ही सीमित होता है तो इसे दूर और साफ नहीं किया जा सकता है। समस्‍या चोट के बिना होती है और अक्‍सर इसे पहली बार नोटिस उठने के बाद आईने के सामने आने से किया जाता है।


लेकिन आंखों की लाली आंख की अन्‍य गंभीर समस्‍याओं के प्रकार का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर आपकी आंख से डिस्‍चार्ज हो रहा हो तो आंख की जांच के लिए अपने नेत्र चिकित्‍सक से संपर्क करें। ताकी संक्रमण के लिए जिम्‍मेदार बैक्‍टीरिया, वायरस या अन्‍य सूक्ष्‍मजीवों की जांच की जा सकें। अगर आपको आंखें में अचानक परिवर्तन के साथ लगातार लालिमा और दर्द या प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता का अनुभव हो तो तुरंत अपने आंखों के डॉक्‍टर से संपर्क करें। इस तरह की आंखों में लाली अन्‍य प्रकार की आंख की समस्‍या जैसे अचानक मोतियाबिंद के शुरूआत का संकेत हो सकंता है।


सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के क्या कारण है?

आंखों में खून, सबकंजंक्टिवल हेमोरेज से आंख में ब्‍लड आमतौर पर एक या दो सप्‍ताह के भीतर गायब हो जाता है। हालांकि यह हमेशा समस्या के स्रोत की पहचान करने के लिए संभव नहीं है, लेकिन सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के कुछ संभावित कारणों में शामिल हैं:
आंखों में चोट
आंखों को मलना
वायरल संक्रमण
अचानक दबाव का बढ़ना जैसे छींकना या खांसना
ब्‍लड को पतला करने वाली दवाएं
हाई ब्‍लड प्रेशर    
आंख की सर्जरी जिसमें लेसिक और मोतियाबिंद सर्जरी शामिल है
कम मामलों में रक्‍त के थक्‍के की समस्‍या या वि‍टामिन की कमी (विटामिन 'के' रक्त के थक्‍के के कामकाज को बढ़ावा देने वाला आवश्यक प्रोटीन है।  
सबकंजंक्टिवल हेमोरेज नवजात शिशुओं में बहुत ही आम है। ऐसा प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं के शरीर पर दबाव में परिवर्तन के कारण होता है।


सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के क्‍या लक्षण है?

इस समस्‍या के होने पर आंख के सफेद हिस्‍से में चमकदार लाल पैच आने लगते है।
यह पैच दर्दरहित होता है।
आंख से किसी प्रकार का डिस्‍चार्ज नहीं होता।
आंखों की रोशनी पर भी असर नहीं पड़ता।


सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के लिए परीक्षण

आपका डॉक्‍टर आपका शारीरिक परीक्षण और आंखों की जांच करेगा।
साथ ही ब्‍लड प्रेशर की जांच भी की जाती है।
अगर अन्‍य किसी हिस्‍से में चोट या खून बह रहा होता है तो अधि‍क विशिष्‍ट परीक्षण की जरूरत हो सकती है।


सबकंजंक्टिवल हेमोरेज का इलाज

सबकंजंक्टिवल हेमोरेज के लिए किसी भी इलाज की जरूरत नहीं होती है। बस आपके रक्‍तचाप की नियमित रूप से जांच होनी चाहिए। सबकंजंक्टिवल हेमोरेज आमतौर पर 2-3 सप्ताह के अंदर अपने आप ही दूर हो जाता है। लेकिन प्रभावित हिस्‍से पर खरोंच की तरह है, रंग बदल सकते हैं। आमतौर पर इसमें किसी भी प्रकार की समस्‍या नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में सबकंजंक्टिवल हेमोरेज बुजुर्ग व्‍यक्तियों में गंभीर वैस्कुलर डिस्‍ऑर्डर का संकेत हो सकता है।  


सबकंजंक्टिवल हेमोरेज का उपचार

समस्‍या होने पर लुब्रिकेट आई ड्रॉप आंखों को आराम पहुंचाने में मदद करते है, हालांकि यह आई ड्रॉप टूटी हुई ब्‍लड वेसल्‍स की मरम्‍मत में मदद नहीं कर सकते है।
अगर आप खून को पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं तो इसे लेना तब तक बंद न करें जब तक आपका डॉक्‍टर आपको ऐसा न करने के निर्देश नहीं देता।
आंखों को रगड़ने से बचें, क्‍योंकि सही शुरूआत के बाद यह फिर से खून बहने के खतरे को बढ़ा सकता है।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते है।

Image Source : answcdn.com


Read More Articles on Other Diseases in Hindi 

Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 12, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK