• shareIcon

जानें क्‍या है कंगारू केयर

परवरिश के तरीके By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 18, 2011
जानें क्‍या है कंगारू केयर

कंगारू देखभाल माता या पिता के द्वारा प्रदान की जा सकती है। केवल एक डायपर पहना हुआ शिशु, माता पिता के नंगे सीने से लगाये पकडा जाता है। बच्चे को इस तरह से एक दिन में चार घंटे 20 से 25 मिनट के लिए पकडा जाता है। 

नवजात और उसके माता-पिता के बीच त्वचा से त्वचा के संपर्क को कंगारू देखभाल कहते है। कंगारू देखभाल माता या पिता के द्वारा प्रदान की जा सकती है। केवल एक डायपर पहना हुआ शिशु, माता पिता के नंगे सीने से लगाये पकडा जाता है। बच्चे को इस तरह से एक दिन में चार घंटे 20 से 25 मिनट के लिए पकडा जाता है. प्रक्रिया के दौरान, बच्चे की पीठ को एक कंबल या माता पिता के कपड़े से ढका जाना चाहिए। यह काफी कंगारू थैली के समान है इसलिए इसे कंगारू देखभाल कहा जाता है।


माता पिता के इस तरह से बच्चों को पकड़ने के दौरान, बच्चें कुछ ही मिनटों के भीतर सो जाते हैं और अपने मातापिता के नजदिक सोने से उनके शरीर की आवश्यकता अनुसार तापमान भी बने रहता है। कंगारू देखभाल  बच्चों को तेजी से विकसित करने के लिए मदद करता है। इस तकनीक से ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के साथ ही तेजी से स्तनपान करने में बच्चे को मदद मिलती है यह पाया गया है। आप अपनी नर्स या चिकित्सक के साथ कंगारू देखभाल की तकनीक सीख सकते हैं. माँ और बच्चे के बंधन या पिता और बच्चे के बीच एक बंधन के लिए भी कंगारू देखभाल एक अनूठा अनुभव है. जब आप अपने बच्चे को कंगारू देखभाल दे रहे होते है, तब कमरे का तापमान सामान्य रहना चाहिये इसके बारे में सावधान रहें।


कंगारू देखभाल महत्वपूर्ण क्यों है

कंगारू देखभाल शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. यह बच्चे की हृदय गति को सामान्य रखता है. जो माता पिता अपने बच्चों को कंगारू देखभाल प्रदान करते हैं, उनके बच्चों जल्दी सो जाते है। ऐसे बच्चें अन्य बच्चों की तुलना में अक्सर रोते है. वे स्वस्थ और खुश रहते हैं। उनके सांस लेने का पैटर्न सामान्य होता है और यह माता पिता और शिशु में बंधन निर्माण होने में सहायक है. माता पिता के दिल की धड़कन सुनने से शिशुओं को आराम महसूस होता है. और माता पिता के शरीर के रूप में बच्चों को गर्मी प्रदान होती है। जिनका वजन कम है या जो बच्चें किसी भी कारण कि वजह से अपने मां से अलग हो गए हैं, उनको कंगारू देखभाल निर्धारित की जाती है. कंगारू माँ की देखभाल बच्चों को पूरा आराम, समाधान, विकास प्रदान करता है। यह एक बच्चे की सभी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करता है।

 




माता पिता भी कंगारू देखभाल के साथ अपने बच्चों से निकटता और अनुबंध को महसुस करते है। यह एक विश्वास भी बढाता है कि बच्चों की देखभाल हो रही है. कंगारू देखभाल एक पिता द्वारा भी दिया जा सकता है। शिशुओं को पिता के शरीर का एक अलग अनुभव मिलेगा क्योंकि पिता का शरीर बच्चे को अलग स्पर्श महसूस कराएगा।

 


बच्चे को हर समय ढक कर रखने का महत्व

नवजात शिशुओं के शरीर को गर्म रखना चाहिये, इसलिये अस्पताल में उनको कपडे में लपेट के रखते है। नवजात शिशु वातावरण के साथ अपने शरीर के तापमान को समायोजित नहीं कर सकते इसलिए उनको हर समय ढक कर रखा जाना चाहिए। अपने बच्चे को आरामदायक कपड़े के साथ हर समय ढक कर रखे, क्योंकि बदलते तापमान आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। सूर्यकिरणे या बदलते तापमान बच्चे को प्रभावित ना कर सके इसलिये चाहे आप अस्पताल में हो या घर पर, अपने बच्चे को हर समय ढक कर रखे।


तापमान के आधार पर अपने बच्चे को ढक कर रखें, ठंड के मौसम के दौरान, हमेशा बच्चे के पैर, हाथ और सिर को ढ़कें। तापमान में किसी भी तरह का परिवर्तन आपके बच्चे को प्रभावित कर सकता है।

 

Image Source - Getty Images.

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK