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एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया से जुड़े इन तथ्यों को जानें

गर्भावस्‍था By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 17, 2016
एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया से जुड़े इन तथ्यों को जानें

किसी बीमारी या उम्र के बाधा के कारण गर्भधारण करने में समस्या आ रही है तो एग फ्रीजिंग की तकनीक अपनाएं। लेकिन इस तकनीक को अपनाने से पहले इस प्रक्रिया के बारे में सारी जानकारी यहां ले लें।

डायना के द्वारा बायो क्लॉक को सफल तरीके से रोक देने के बाद महिलाएं इस बारे में बात करने लगी हैं। खासकर भारत की महिलाएं इस बारे में जानने को उत्सुक नजर आ रही हैं। क्योंकि आज भी देश में कई महिलाओं को शादी और बच्चे पैदा करने के कारण अपने करियर को छोड़ना पड़ता है। कई महिलाएं बीमारी के कारण भी मातृत्व सुख नहीं ले पातीं। लेकिन ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक, जिसे आम भाषा में एग फ्रीजिंग भी कहते हैं, के जरिये कई महिलाओं की समस्या का समाधान होने वाला है। हालांकि ये तकनीक महंगी है लेकिन कुछ कंपनी इसका खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस अच्छी ख़बर के साथ जरूरी है कि इसकी प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी बातें भी जान लें।

 

एग फ्रीजिंग क्या है

एग फ्रीजिंग तकनीक के जरिये महिलाएं अपने अंडाणु निकाल कर, फ्रीज करके स्टोर कर देती हैं। जब महिलाओं को लगता है कि अब मां बनने का सही समय आ गया है, तो इन अंड़ाणुओं को गर्म करके भ्रूण के रूप में उस महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है।

एग फ्रीजिंग

इन लोगों के लिए वरदान

  • जो महिला किसी वजह से फिलहाल परिवार शुरू करने की इच्छा नहीं रखती।
  • किसी बीमार या कैंसर से पीड़ित महिलाएं।

 

कब और कब तक कर सकते हैं अंड़ाणु फ्रीज  

एग फ्रीजिंग तकनीक अपनाने के लिए फिलहाल अभी तक कोई सही उम्र तय नहीं की गई है लेकिन अच्छे और बेहतर परिणामों के लिए इसे जल्द से जल्द अपना लें। सामान्य तौर पर महिलाएं 34 से 35 की उम्र में अंड़ाणुओं को फ्रीज करवाती हैं लेकिन आप इस सेवा का चयन 30 की उम्र के बाद कभी भी कर सकती हैं।
फिलहाल अंडाणु को फ्रीज करने की समयसेवा का अब तक कहीं अध्ययन नहीं हुआ है। लेकिन 20 साल के बाद भी फ्रीज किए गए अंड़ाणु को सफलतापूर्वक भ्रूण के रूप में स्थानांतरित कर गर्भधारण किया जा सकता है।

 

एग फ्रीजिंग सुरक्षित है कि नहीं?

एग फ्रीजिंग की बात शुरू होते ही इस बात पर भी सवाल उठने लगे हैं कि ये तकनीक कितनी सुरक्षित है। इस तकनीक पर यूएससी प्रजनन की आई एक रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य बच्चों की तुलना में फ्रीज किए गए अंड़ाणुओं से पैदा हुए 900 से भी अधिक बच्चों में जन्म दोष के कोई खास लक्षण नहीं देखे गए। यह इस विषय पर प्रकाशित सबसे बड़ा अध्ययन था। इसके अलावा, एक दूसरे अध्ययन के परिणामों में भी ये इस बात की पुष्टि हुई है कि ताजा अंड़ाणुओं से बने भ्रूण एवं फ्रीज हुए अंड़ाणुओं से बने भ्रूण में गुणसूत्र दोष के कुछ खास लक्षण नहीं थे। 2014 में हुए एक नए अध्ययन से पता चला कि एग फ्रीजिंग से गर्भावस्था में कोई जटिल स्थितियों की वृद्धि नहीं हुई।

हर देश में एग फ्रीजिंग का खर्च अलग-अलग है। इसे कराने से पहले एक बार चिकित्‍सक से पूरी जानकारी ले लीजिए।

 

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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