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सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के तरीके और फायदे

सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के तरीके और फायदे
Quick Bites
  • प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाने वाला मसाज।
  • इस मसाज से किया जाता है प्रजनन संबंधित का निदान।
  • इस मसाज के जरिये महिलाओं में बढ़ायी जाती है फर्टिलिटी।
  • गर्भाशय टेढ़ा या झुका होने पर करे सेल्फ फर्टिलिटी मसाज।

सेल्फ फर्टिलिटी मसाज यानी प्रजनन क्षमता बढ़ाने हेतु अपने द्वारा किया जाने वाला मसाज। वास्तव में सेल्फ फर्टिलिटी मसाज एक तकनीक है जिसके जरिये प्रजनन क्षमता, मासिक धर्म आदि सम्बंधित समस्याओं का निदान किया जा सकता है। हालांकि अब तक ज्यादातर महिला इस तकनीक से अवगत नहीं है। लेकिन यकीन मानिए यह तकनीक प्रजनन क्षमता बढ़ाने हेतु न सिर्फ सरल और सस्ता है बल्कि उपयुक्त भी है। इसके लिए न तो अस्पतालों के चक्कर लगाने होते हैं और न ही ढेरों दवाईयां खानी होती हैं। यह पूर्णतः प्राकृतिक है, जिसके असंख्य गुण हैं और नुकसान कुछ नहीं। तमाम विशेषज्ञ भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए किया जाने वाला मसाज महिलाओं को कई किस्म से फायदा पहुंचाता है।

 

सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के लाभ

जो महिलाएं नियमित रूप से सेल्फ फर्टिलिटी मसाज करती हैं, उनकी न सिर्फ प्रजनन क्षमता विकसित होती है वरन प्रजनन प्रणाली को भी लाभ पहुंचता है। दरअसल कई महिलाओं का गर्भाशय टेढ़ा या झुका हुआ होता है। नतीजतन गर्भधारण करने में उन्हें समस्या आती है। सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के कारण टेढ़ा गर्भाशय सीधा हो सकता है। इसके अलावा हारमोन सम्बंधी समस्याओं से भी सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के जरिये निपटा जा सकता है। यही नहीं क्षतिग्रस्त टिश्यू की रिकवरी से लेकर गर्भाशय में रक्त संचार, हारमोन प्रणाली बेहतर करना, लीवर को लाभ पहुंचाना आदि तमाम समस्याएं से पार पाने के लिए सेल्फ फर्टिलिटी मसाज एक कारगर उपाय है। सेल्फ फर्टिलिटी मसाज से शरीर में जमे रक्त के थक्के से भी मुक्ति मिलती है। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सेल्फ फर्टिलिटी मसाज कितना लाभकर है।

 

किसके लिए है सेल्फ फर्टिलिटी मसाज

इससे पहले कि आप सेल्फ फर्टिलिटी मसाज से प्रेरित होकर इस उपाय को अपनाने लगें। यह जान लेना आवश्यक है कि क्या यह आपके लिए कारगर है? जिन महिलाओं की एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओ, मासिक धर्म के दौरान रक्त के थक्के बनना, ओवेरियन सिस्ट, असंतुलित हारमोन, गर्भाशय नाल बंद होना आदि समस्याएं हैं, उनके लिए यह कारगर उपाय है। यही नहीं जिन महिलाओं को अबूझ प्रजनन सम्बंधी समस्या, अण्डों का खराब स्वास्थ्य, गर्भाशय में चोट, कब्ज, गैस, अण्डोत्सर्ग के दौरान दर्द होना जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए भी सेल्फ फर्टिलिटी मसाज बेहतरीन विकल्प है।

 

किस प्रकार सहायक है

  • अवरुद्ध फेलोपियन ट्यूब - सेल्फ फर्टिलिटी मसाज से अवरुद्ध फेलोपियन ट्यूब का उपचार करने में मदद मिलती है। इस तकनीक से गर्भाशय और अण्डाशय दोनों को ही लाभ पहुंचता है।
  • एंडोमेट्रियोसिस - सेल्फ फर्टिलिटी मसाज एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या के निदान के लिए भी लाभकर है। असल में जब एंडोमेट्रियल टिश्यू गर्भाशय के बजाय शरीर के अन्य भाग में पनपने लगता है तो खुजली और टिश्यू के क्षति होने जैसी समस्या सामने आती है। इससे टिश्यू के आपस में जुड़ने की आशंका बनी रहती है और शरीर के भीतरी हिस्से में अकड़न भी महसूस होती है। इससे गर्भाशय के मुंह का टेढ़ा होने का खतरा भी देखा जाता है। कहने का मतलब यह है कि सेल्फ फर्टिलिटी मसाज के जरिये इस समस्या का भी निदान किया जा सकता है।
  • पीसीओ - पोलिसिस्ट ओवरी सिंड्रोम। असल में यह एक ऐसी स्थिति है जिससे शरीर निष्क्रिय और गतिहीन हो जाता है। वास्तव में जब अण्डोत्सर्ग में समस्या और ओवरी में सिस्ट बनने लगे तो गर्भधारण करना एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आने लगता है। ऐसे में सेल्फ फर्टिलिटी मसाज सही तकनीक से करते हुए हम इस तरह की समस्या से निपट सकते हैं। दरअसल सेल्फ फर्टिलिटी मसाज से असंतुलित हारमोन को मदद मिलती है जिससे मासिक धर्म और गर्भधारण की समस्या का निदान होता है।

 

किस प्रकार करें मालिश

यूं तो सेल्फ फर्टिलिटी मसाज का इतिहास सदियों पुराना है। लेकिन हर कोई इससे वाकिफ नहीं है। अतः यह जानना आवश्यक है कि मसाज किस तरह और शरीर के किस भाग में करें ताकि समस्या का उपयुक्त उपचार हो सके।

  • गर्भाशय मसाज - गर्भाशय मूत्राशय के पीछे पेल्विक कैविटी के नीचे वाले भाग में होता है। अतः शरीर के इस हिस्से में मालिश करने से मुड़े हुए गर्भाशय को सीधे होने में मदद मिलती है। साथ ही रक्त प्रवाह भी बेहतर होता है।
  • ओवरी मसाज - अण्डाशय, गर्भाशय के सामने स्थित होते हैं। यह बिल्कुल पेल्विक हड्डियों से जुड़े होते हैं। इस हिस्से में सेल्फ मसाज के जरिये भीतरी हिस्से में आक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह होता है जिससे अण्डों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है।

 

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Written by
Meera Roy
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 18, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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