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    गर्मी में अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों को होते हैं कई नुकसान, इस तरह रखें ख्याल

    आंखों के विकार By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 11, 2018
    गर्मी में अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों को होते हैं कई नुकसान, इस तरह रखें ख्याल

    गर्मी के मौसम में जब आप घर से बाहर निकलते हैं तब इन हानिकारक यूवी किरणों से आंखों को बचाना बहुत जरूरी है। इन किरणों के संपर्क में आने से और धूप में ज्यादा देर रहने से आंखों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।

    गर्मी के मौसम में धूप बहुत तेज होती है। ऐसे में सूरज से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से शरीर को काफी नुकसान होता है। त्वचा के साथ-साथ ये किरणें आपके आंखों पर भी बुरा प्रभाव डालती हैं। आंख हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और नाजुक अंगों में से एक है। इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए हमें विशेष ध्यान देना पड़ता है। गर्मी के मौसम में जब आप घर से बाहर निकलते हैं तब इन हानिकारक यूवी किरणों से आंखों को बचाना बहुत जरूरी है। इन किरणों के संपर्क में आने से और धूप में ज्यादा देर रहने से आंखों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। आइये आपको बताते हैं गर्मी के मौसम में यूवी किरणों से आंखों को होने वाले नुकसान और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में।

    क्या होता है एलर्जिक रिएक्शन

    एलर्जिक रिएक्शन आंखों में होने वाली सामान्य समस्या है। आंखों को दिमाग से जोड़ने वाली महीन शिराएं आंखों की त्वचा के बहुत नजदीक होती हैं इसलिए ज्यादा देर धूप में रहने से आंखों को नुकसान पहुंचता है। यूवी किरणें आंखों के लिए हानिकारक हैं इसलिए इसकी वजह से आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। एलर्जिक रिएक्शन के निम्न लक्षण हैं-

    • आंखों में जलन होना
    • आंखें लाल हो जाना
    • आंखों से पानी आने लगना
    • आंखों में चुभन होना
    • कंजंक्टिवाइटिस रोग

    ऐसे करें आंखों का बचाव

    आंखों को गर्मी के मौसम में होने वाली इन सामान्य समस्याओं से बचाने के लिए आपको घर से बाहर धूप में निकलने से पहले और लौटने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

     

    आंखों को ठंडे पानी से धुलें

    धूप से लौटने के बाद आपके शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है इसलिए पहले शरीर को धीरे-धीरे सामान्य तापमान पर आने दें। इसके लिए पंखे के नीचे 5 मिनट तक बैठ जाएं। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरे और आंखों को अच्छी तरह धुलें। आखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें और फिर मुलायम तौलिये से चेहरा पोछें। अगर आपके आंखों में जलन ज्यादा है और आंखें लाल हैं, तो बर्फ से आंखों की सिंकाई करें।

    आंखों में मलें नहीं

    घर से बाहर जब हम धूप या प्रदूषण होते हैं तब एक गलती जो सबसे ज्यादा करते हैं, वो है आंखों को मलना। आंखों में चुभन हो, जलन हो या आंखों में कोई धूल कण चला जाए, आप तुरंत आंखों को मलने लगते हैं। आंखों को मलने से कई तरह के नुकसान हैं इसलिए इन्हें कभी भी नहीं मलना चाहिए। इसके बजाय अगर आंखों में कोई समस्या हो, तो साफ रूमाल या कपड़े से इसे हल्के हाथों से सहलाएं और ठंडे पानी से धुलें।

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    सनग्लासेज जरूर लगाएं

    धूप का चश्‍मा सूरज से निकलने वाली घातक यूवी किरणों से आंखों की रेटीना को बचाने का काम करता है। तेज धूप के कारण आंखों की रोशनी पर प्रतिकूल असर पडऩे के साथ ही धूल के कण रेटिना को नुकसान पहुंचा सकते हैं। धूप के चश्मे का इस्तेमाल कर आंखों को सुरक्षित रखा जाता है। इसलिए जब भी घर से बाहर जाये तो अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए इसे लगाना न भूलें।
    तेज धूप में निकलने पर सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसूओं की परत टूटने या क्षतिग्रस्त होने लगती है। और यह कॉर्निया के लिए हानिकारक हो सकता है। यानी आंखों के कॉर्निया को भी यूवी किरणों से उतना ही नुकसान पहुंचता है जितना कि रेटीना को। लेकिन धूप में जाते समय काला चश्‍मा पहनने से आप इस समस्‍या बच सकते हैं।

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