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Type-2 Diabetes: लंबे पुरुषों के मुकाबले नाटे पुरुषों में डायबिटीज का खतरा 41 फीसदी ज्यादा, रिसर्च में आया सामने

Updated at: Sep 12, 2019
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Written by: जितेंद्र गुप्ताPublished at: Sep 12, 2019
Type-2 Diabetes: लंबे पुरुषों के मुकाबले नाटे पुरुषों में डायबिटीज का खतरा 41 फीसदी ज्यादा, रिसर्च में आया सामने

एक अध्ययन के मुताबिक जिस व्यक्ति की लंबाई उम्र के हिसाब से 10 सेंटीमीटर तक बढ़ती है उनमें भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा (पुरुषों में) 41 फीसदी और (महिलाओं में )33 फीसदी तक कम हो जाता है।

जर्नल डायबिटोलोजिया में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, जिस व्यक्ति की लंबाई उम्र के हिसाब से 10 सेंटीमीटर तक बढ़ती है उनमें भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा (पुरुषों में) 41 फीसदी और (महिलाओं में )33 फीसदी तक कम हो जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि नाटे यानी की कम लंबाई वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, छोटे व्यक्तियों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उनका लिवर फैट ज्यादा होता है और कार्डियो-मेटाबॉलिक फैक्टर कम सक्रिय होता है। 

जर्मनी के जर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन न्यूट्रिशन के प्रोफेसर और अध्ययन के शोधकर्ता ने कहा, ''हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि नाटे लोगों में लंबे लोगों की तुलना में कार्डियो-मेटाबॉलिक जोखिम स्तर और डायबिटीज का खतरा अधिक होता है।''

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए जर्मनी में 26,000 लोगों के एक समूह से 2,500 से ज्यादा मध्य आयु वर्ग के पुरुषों और महिलाओं पर अध्ययन किया। उन्होंने इन लोगों को उम्र, जीवनशैली, शिक्षा और कमर के आकार पर अलग किया।

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अध्ययन में पाया गया कि जिन पुरुषों और महिलाओं की लंबाई उम्र के हिसाब से 10 सेंटीमीटर तक बढ़ती है उनमें टाइप-2 डायबिटीज का खतरा क्रमश 41 फीसदी और 33 फीसदी तक कम जाता है। डायबिटीज के खतरे के साथ लंबाई का संबंध सामान्य वजन वाले व्यक्तियों के बीच अधिक पाया गया, इन लोगों में 86 फीसदी तक कम खतरा पाया गया जबकि महिलाओं में इसका प्रतिशत 67 फीसदी था। 

अध्ययन के मुताबिक, वहीं मोटे या अतिरिक्त भार वाले लोग, जिनकी लंबाई अच्छी है उनमें डायबिटीज का खतरा (पुरुषों में )36 फीसदी और (महिलाओं में) 30 फीसदी तक कम पाया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन इस बात का संकेत देता है कि लंबाई से संबंधित प्रभाव डायबिटीज के जोखिम पर अधिक पड़ता है।

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शोधकर्ताओं ने कहा, ''हमारा अध्ययन यह भी बताता है कि अगर जीवन में  आपको लंबाई से संबंधित मेटाबॉलिक जोखिम को कम करना है तो आपको गर्भावस्था, बचपन, युवावस्था में प्रवेश के दौरान की संवेदनशील अवधि में वृद्धि पर जरूरी रूप से ध्यान देना चाहिए।''

शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, '' हमने पुरुषों और महिलाओं में लंबाई और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे के बीच एक प्रतिकूल संबंध पाया है, जो कि पुरुषों के पैरों की लंबाई से व्यापक रूप से संबंधित है।''

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