इन 6 गंभीर रोगों का जड़ से सफाया करती है तुलसी!

Updated at: May 23, 2017
इन 6 गंभीर रोगों का जड़ से सफाया करती है तुलसी!

तुलसी सिर्फ घर की शोभा बढ़ाने वाला पौधा ही नहीं है बल्कि ये औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है।

Rashmi Upadhyay
घरेलू नुस्‍खWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: May 23, 2017

तुलसी सिर्फ घर की शोभा बढ़ाने वाला पौधा ही नहीं है बल्कि ये औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। हिंदू धर्म में तुलसी की भगवान की तरह भी पूजा की जाती है। आज के दौर में जितनी तेजी से बीमारियां बढ़ रही है उसमें लोगों को ऐलोपैथी की तरफ झुकाव होना लाजमी है। लेकिन तुलसी ऐसी औषधी है जो कई गंभीर बीमारियों से ​छुटकारा दिला सकती है। तुलसी में कई औषधीय गुण होते हैं। हृदय रोग हो या सर्दी जुकाम, भारत में सदियों से तुलसी का इस्तेमाल होता चला आ रहा है। आइए जानते हैं किन बीमारियों के लिए वरदान है तुलसी।

इसे भी पढ़ें : बवासीर के लिए आयुर्वेदिक उपचार

सांसों की दुर्गंध


अनियमित और दूषित खानपान के चलते आजकल लोगों में सांसों की दुर्गंध का रोग बहुत पाया जाता है। इससे छुटकारा पाने के लिए कई लोग हजारों रुपये खर्च कर देते हैं लेकिन कोई फायदा नहीं होता है। ऐसे में अगर तुलसी का प्रयोग किया जाए बहुत फायदा मिल सकता है।  तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है। इसके अलावा तुलसी की पत्तियां चबाने से भी सांसों की दुर्गंध और पायरिया जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

गले की खराश


वैसे तो गले की खराश सर्दियों में ठंड की वजह से होती है। लेकिन कई लोगों को यह समस्या गर्मियों में हो जाती है। अगर आप भी कुछ इसी तरह के रोग से जूझ रहे हैं तो चाय की पत्तियों को उबालकर पीएं। गले की खराश दूर हो जाएगी। बच्चों में गले की खराश जैसी समस्याएं गर्मियों में भी हो जाती हैं। उन्हें तुलसी की पत्त्यिों का काढ़ा बनाकर ​पिलाएं। काफी आराम मिलेगा।

इसे भी पढ़ें: आयुर्वेदिक तरीके से करें माइग्रेन का इलाज

श्वास की समस्या


श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है।
 

हृदय रोग

तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है। ​हालांकि जिन लोगों को दिल से जुड़ी कोई बीमारी नहीं है उन्हें भी तुलसी का नियमित सेवन करना चाहिए।

तनाव

तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। हाल में हुए शोधों से पता चला है कि तुलसी तनाव से बचाती है। तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के 12 पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है।

संक्रमण और त्वचा रोग


संक्रमण रोगों के लिए तुलसी का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद है। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से संक्रमण का सफाया होता है। दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Herbs In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK