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बच्चों में टी बी

ट्यूबरकुलोसिस By डा राजीव सेठ , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 03, 2011
बच्चों में टी बी

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने घोषणा की है कि क्षय रोग (टीबी ) एक वैश्विक आपातकाल स्थिति है। बच्‍चों में ऐसी बीमारी की स्‍थिति में सुरक्षा बहुत ही आवश्‍यक हो जाती है। एक शिशु जिसकी मां को सक्रिय टीबी कफ सकारात्मक है उसके संक्रमित हो जाने

बच्चों में टी बीवर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने घोषणा की है कि (टीबी ) एक वैश्विक आपातकाल स्थिति है। वैश्विक अनुमान बताते हैं कि बच्चों में प्रत्येक वर्ष टीबी से 15 लाख नए मामले और 130000 मौतें होती हैं। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु  के कारण होती है। बच्चे वयस्कों के साथ संपर्क में आने से क्षय रोग (टीबी) से संक्रमित हो सकते हैं। संक्रमण की वार्षिक दर 3 प्रतिशत है। हमारे देश में 3.4 मिलियन बच्चों को टीबी है।


बच्चों में टीबी वयस्कों से कैसे अलग है ?

प्रस्तुति की सामान्य उम्र 1-4 साल है। अधिकांश बच्चे टीबी के प्रति संक्रामक नहीं होते। बच्चों में टीबी का आम प्रकार नकारात्मक पल्मोनैरी टीबी का है। ज्यादातर बच्चे जांच के लिए बलगम देने के लिए बहुत छोटे होते हैं, इसलिए गैस्ट्रिक रावेज बच्चों में टीबी का पता लगाने के लिए दूसरा विकल्प है।


एक्सट्रा-पलमोनरी टीबी बच्चों में बारबार होने वाली टीबी का दूसरा प्रकार है। इसके सामान्य प्रकारों में मिलिअरी टीबी, टीबी मैनिंजाइटिस, लिम्फ नोड्स की टीबी और रीढ़ की हड्डी की टीबी शामिल हैं।  एक्सट्रा-पलमोनरी टीबी प्राईमरी लंग टीबी के कारण होती है। कुपोषण, एचआईवी या खसरा से संक्रमित बच्चों में टीबी अधिक आम और गंभीर होती है।


विषय का इतिहास और बचपन की टीबी का उपस्थापन

 

फेफड़े की टीबी का मामला

 

एक 3 साल की लड़की जो पिछले एक वर्ष से खांसी और बुखार के दौरों की पुनरावृति से पीड़ित है। बार-बार एंटीबायोटिक, खाँसी की दवाओं और टीकाकरण के बावजूद भी बच्चे में सुधार नहीं है। वह खराब भार-वृद्धि, एनीमिया, और भूख की कमी से ग्रस्त थी। विस्तृत जांच से पता चला कि उसे लोअर लोब के नीचे न्यूमोनिया है। विस्तृत इतिहास से पता चला उसका एक टीबी से ग्रस्त नौकरानी के साथ संपर्क था। उसका ट्यूबरकुलीन त्वचा परीक्षण नकारात्मक था और थूक प्राप्त नहीं किया जा सका। उसने टीबी विरोधी दवाओं के 6 महीने के कोर्स को प्रतिक्रिया दी गयी।


पेट की टीबी का मामला

 

एजे आवर्तक पेट दर्द, खराब भार-वृद्धि, आते-जाते बुखार से ग्रस्त 6 साल का बच्चा है। उसे विभिन्न चिकित्सकों ने कई दवाईयाँ दीं पर कोई सुधार नहीं हुआ। उसकी जांच से पता चला कि ईएसआर में वृद्धि, छाती के एक्सरे में घाव, पेट में लिम्फ नोड में सूजन थी। जबकि, उसने जांच के लिए थूक या लिम्फ नोड्स की बायोप्सी नहीं कराई थी उसका टीबी का निदान किया गया। उसने 6 महीने में टीबी विरोधी दवाओं के कोर्स को अच्छी प्रतिक्रिया दी।


मस्तिष्क टीबी का मामला

एसी एक 7 साल का लड़का है जिसमें बुखार, सिर दर्द और दो महीने से उल्टी के लक्षण है। एक साल पहले उसके पिता का टीबी का इलाज चल रहा था। भर्ती के समय तक, बच्चे में ऑल्टर्ड सेंसोरियम, ग्रेड 2 कोमा और आक्षेप विकसित हो चुका था। उसके सिर कैट स्कैन से अनेक ट्यूबरक्लोमा ( मस्तिष्क में टीबी के ट्यूमर) होने का पता चला। इसके अलावा उसका टीबी के लिए त्वचा का परीक्षण सकारात्मक किया था, ईएसआर में वृद्धि, और छाती का एक्स-रे तपेदिक के संकेत दे रहा था। मस्तिष्क तपेदिक के इस मामले का 9 महीने के लिए सफलतापूर्वक इलाज किया गया और वह पूरी तरह से ठीक हो गया।

 

टीबी का प्रबंधन

टीबी के नियंत्रण का अच्छा कार्यक्रम बच्चों में टीबी की रोकथाम के लिए सबसे अच्छा तरीका है।


बच्चों में टीबी की रोकथाम

बीसीजी टीकाकरण: हमारे देश में हर नवजात को बीसीजी वैक्सीन देना चाहिए। हालांकि, बीसीजी वैक्सीन पलमोनरी टीबी के खिलाफ पूरी तरह से प्रभावी नहीं है, पर ये इससे और अधिक गंभीर बीमारियों जैसे मिलिअरी टीबी या मैनिंजाइटिस टीबी के खिलाफ बेहतर संरक्षण देता है।


व्यस्कों से रोकथाम

एक छोटी सी संक्रामक बूंद से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। एक शिशु जिसकी मां को सक्रिय टीबी कफ सकारात्मक है उसके संक्रमित हो जाने की संभावना अधिक है। पाँच साल की उम्र से कम बच्चों और शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कम विकसित होती है और इसलिए संक्रमण के बाद टीबी होने का खतरा होता है। 1-2 वर्ष की आयु में कइयों को रोग हो जाता है। हालांकि, स्वस्थ, एसिम्टोमैटिक ( जहां व्यक्ति स्वस्थ दिखता है और रोग के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते), लेकिन टीबी संक्रमित बच्चों में ट्यूबरकुलीन त्वचा परीक्षण का सकारात्मक होना ही एक सबूत हो सकता है। 

दवाओं से उपचार


यह बहुत महत्वपूर्ण है कि बच्चों में टीबी का निदान और इलाज जल्दी हो। उचित रुप से लागू की जाने वाली शोर्ट कोर्स कीमोथेरैपी (SCC) आधुनिक दौर में पसंदीदा उपचार है। टीबी की प्रमुख दवाओं में आइसोनियाजिड, रिफैम्पिसिन, पॉराजिनामाइड, स्ट्रेप्टोमाइसिन, ईथाम्बयूटोल और थियासिटोन शामिल हैं। अब शोर्ट कोर्स कीमोथेरैपी (डॉट्स) को अधिक महत्व दिया जाने लगा है।

संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी)
टीबी विरोधी दवाओं के विभिन्न संयोजन संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के तहत मुफ्त दिए जाते हैं। क्षेत्रीय टीबी केन्द्र या आपका बच्चों का विशेषज्ञ उचित दवाएं और चिकित्सा प्रदान कर सकते हैं। नियमित रूप से निर्धारित अवधि जो आमतौर पर 6-9 महीने की हो सकती है के लिए दवा लेना सफल इलाज की कुंजी है। नियमों का पालन न करने से रोग निरंतर बना रह सकता है या दोबारा हो सकता है यहां तक कि दवाओं के प्रति रोधात्मक क्षमता पैदा हो सकती है (एमडीआर) टीबी और महत्वपूर्ण रुग्णता और मृत्यु दर का कारण बन सकता है।्

Written by
डा राजीव सेठ
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 03, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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